Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 2:14 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 2:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और राज्यपालों के, क्योंकि वे कुकर्मियों को दण्ड देने और सुकर्मियों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं।
1 पतरस 2:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 2:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 13:3 (HINIRV) »
क्योंकि अधिपति अच्छे काम के नहीं, परन्तु बुरे काम के लिये डर का कारण हैं; क्या तू अधिपति से निडर रहना चाहता है, तो अच्छा काम कर* और उसकी ओर से तेरी सराहना होगी;
1 पतरस 2:14 – तत्कालीन राज्य-व्यवस्था और परमेश्वर की योजना
पतरस अपने पाठकों को यह सिखाते हैं कि प्रभु की व्यवस्था में हर सामाजिक वर्ग और अधिकार-प्राधिकारी का एक निदेश होता है। इस पद के संदर्भ में पतरस यह बताता है कि राज्यपालों को ऐसे लोगों के लिए नियुक्त किया गया है जो दुष्कर्मियों को दण्ड दें और अच्छे कर्म करने वालों की प्रशंसा करें। यह निष्कर्ष उस समय के रोमन-तत्व को भी मान्यता देता है, जिसमें राजनीतिक सत्ता को दुष्कर्म पर नियंत्रण और सुकर्म को मान्यता देने के काम सौंपे गए थे।
ईश्वरीय उद्देश्य और विश्वास के बारे में पाठ का संकेत
किसी भी सामाजिक व्यवस्था के साथ परमेश्वर का उद्देश्य स्पष्ट रूप से न्याय और शांति को बनाए रखना है। यदि नागरिक और अधिकारी दोनों अपने कर्तव्य के अनुसार काम करें, तो समाज में ईमानदारी, अनुकंपा और भय का संतुलन बना रहता है। यहाँ “राज्यपाल” शब्द दर्श label करता है कि सत्ता तत्कालीन शासन के भीतर एक संरक्षा-युक्त संस्था है, जो दुष्टों को दण्ड दे और सत्कार्य करने वालों को सम्मान दे। यह एक ऐसी तस्वीर है जहाँ विश्वासियों को उनके नागरिक दायित्वों के साथ एक दूसरे के प्रति जिम्मेदार ठहराया गया है।
महत्वपूर्ण शब्द और imagery की स्पष्टता
इस पाठ से मिलने वाले अन्य प्रभावी विचार
1) ईश्वर की स्थापना के अनुसार मानव संस्थाओं को मानना और उनका सम्मान करना एक आदर्श है जिसे ईमानदार विश्वासी निभाते हैं।
2) विश्वासियों के लिए यह स्पष्ट करता है कि सामाजिक आचरण और नैतिक जिम्मेदारी केवल व्यक्तिगत नहीं, दायित्वपूर्ण नागरिक-चालित आचरण भी है।
संदर्भ-सम्बंध
– रोम 13:1-4: सभी मानव संस्थाओं के आदेश परमेश्वर के अधीन होते हैं; अधिकारी उन लोगों के लिए हैं जो दुष्टों को दंड दें।
– तीत 3:1: सरकारों के प्रति सम्मान और कानूनों का पालन करना शिक्षा का भाग है।
– मत्ती 22:21: "किस्सा दे देवता को देओ और César को दे दो" के संदर्भ में सरकार और परमेश्वर के अधिकारों के संतुलन की चर्चा होती है।
आज के संदर्भ में अनुसरणीय व्यावहारिक सीख
सार-एक साथ विचार
यह पद हमारे लिए एक संतुलित संदेश देता है: सत्ता के दायित्वों का सम्मान करें, न्याय के लिए बनाई गई व्यवस्था पर विश्वास रखें, और अपने जीवन-व्यवहार से ऐसे उदाहरण पेश करें जो समाज के सद्भाव और परमेश्वर के आदेशों के अनुरूप हों।
उद्धृत स्रोत (सार):
कॉमन-नोट: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियाँ ऐसी बातें जो पाठ-आधारित नैतिकता और व्यवस्था की समझ को गहराई देती हैं; इनमें से कुछ छोटे शब्द-उद्धरण नीचे उद्धृत हैं:
“The powers that be are ordained of God.” (Adam Clarke) — सत्ता परमेश्वर की व्यवस्था से है।
“For the punishment of evildoers, and for the praise of them that do well.” (Albert Barnes) — दुष्कर्मियों के लिए दण्ड और सद्कर्मों के लिए सम्मान।
नोट: उपरोक्त उद्धरण पाठ्य संदर्भ को समझाने वाले सामान्य विचार हैं; पूर्ण पाठ उद्धरण साइट पर उपलब्ध उनके पन्नों से लिया गया हो सकता है।