1 शमूएल 17:55 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब शाऊल ने दाऊद को उस पलिश्ती का सामना करने के लिये जाते देखा, तब उसने अपने सेनापति अब्नेर से पूछा, “हे अब्नेर, वह जवान किस का पुत्र है?” अब्नेर ने कहा, “हे राजा, तेरे जीवन की शपथ, मैं नहीं जानता।”

पिछला पद
« 1 शमूएल 17:54
अगला पद
1 शमूएल 17:56 »

1 शमूएल 17:55 पद-दर-पद बाइबल टीका

मतबल का संकेत: शाऊल को दाऊद के बारे में असमंजस और संदेश

सीधी बात का मतलब: जब शाऊल ने पलिश्ती दानव से भिड़ने वाले दाऊद को अपनी आंखों से देखा, वह जानना चाहता था कि यह युवक किस का पुत्र है। अब्नेर ने स्पष्ट किया कि राजा नहीं जानता, और यह पहेली बन गई कि वह युवा कौन है और किस कारण उसे यह भूमिका मिली है।

संदर्भ पृष्ठभूमि

यहोवा के राज्य के बीच दाऊद का रोल अहम मोड़ पर है। यह दृश्य शाऊल की व्यक्तिगत असमंजसता और राजनीतिक जोखिमों को सामने लाता है: क्या एक नन्हे लड़के के साथ पलिश्तियों के विरुद्ध राष्ट्र की उम्मीद लगाई जाए? संपत्ति, सिंहासन और युद्ध-निर्णय की दृष्टि से यह प्रश्न तत्कालीन नेताओं के लिए चुनौती बन गया था। अब्नेर वह अधिकारी है जो राजसी कार्यालय और वास्तविकता के बीच दूरी को संभाल रहा है।

व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • शाऊल की जिज्ञासा: एक युवा लड़के के बारे में जानकारी चाहना शासक के निर्णय-प्रक्रिया की शुरुआत है; आत्म-विश्वास की कमी या स्थिति की अनिश्चितता दिखती है।
  • अब्नेर की ईमानदारी: राजा के सामने सच को टालना नहीं; “तेरे जीवन की शपथ, मैं नहीं जानता” जैसे शब्द से वह स्थिति की संवेदनशीलता और कर्तव्य-निष्ठा दिखाते हैं।
  • युद्ध की अनुमति: दाऊद की भूमिका को लेकर समुदाय और सेनापति की पारदर्शिता आवश्यक है; राजा को सही सूचना मिलना निर्णायक है।

कथात्मक थीम और अनुसंधानीय संकेत

यह पद शासकीय निर्णय और नेतृत्व-परख की एक प्रचलित समस्या का चित्र बनाता है—किसी भी समय, कौन सा व्यक्ति और कैसे भरोसेमंद है, यह बताने में अनुमान से बचना चाहिए। साथ ही, यह दृश्य यह भी इंगित करता है कि परमेश्वर के चुनाव पर मानवीय दृष्टिकोण कितना गुप्त रहता है, और कभी-कभी बाहरी सतह से भिन्न वास्तविकता होती है।

क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप में)

1) एक अन्य प्रेरित-नाटक में ऐसे क्षण मिलते हैं जहाँ शक्तिशाली राजा परंपरागत सुरक्षा-निर्णयों के बजाय आस्था और ईमानदारी पर निर्भर होते हैं।

2) एक समान कथा-तत्व में यह दिखाया गया है कि द uitz; (संकेत) के समय में परमेश्वर की योजना मानव सोच से अलग दिशा दिखाती है।

3) पवित्र पत्र में नेता और चिह्नों के बीच स्पष्टता की मांग मिलती है—झूठी गम्भीरता से नहीं, बल्कि सत्य और दया के साथ निर्णय लेना चाहिए।

संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष

  • जब निर्णय कठिन हों, तो सत्य-जानकार और स्पष्ट सूचना आवश्यक है; हकीकत को स्वीकार कर सच्चे मार्ग का चुनाव करें।
  • नेता को अपनी क्षमताओं और परमेश्वर की योजना के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहिए; भय से नहीं, विश्वास से आगे बढ़ना चाहिए।

संरेखित निष्कर्ष

यह पंक्ति शाऊल तथा अब्नेर के बीच जानकारी की प्यास और निर्णय की जिम्मेदारी की तस्वीर प्रस्तुत करती है। परमेश्वर की योजनाओं में मानव अनुमान सीमित होते हैं; सच्ची नेतृत्व शक्ति सत्य को पहचानने और सही मार्ग चुनने में निहित है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 17:55 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 16:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 16:21 (HINIRV) »
और दाऊद शाऊल के पास जाकर उसके सामने उपस्थित रहने लगा। और शाऊल उससे बहुत प्रीति करने लगा, और वह उसका हथियार ढोनेवाला हो गया।

1 शमूएल 17:58 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 17:58 (HINIRV) »
शाऊल ने उससे पूछा, “हे जवान, तू किस का पुत्र है?” दाऊद ने कहा, “मैं तो तेरे दास बैतलहमवासी यिशै का पुत्र हूँ।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें