यशायाह 1:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तुम बलवा कर-करके क्यों अधिक मार खाना चाहते हो? तुम्हारा सिर घावों से भर गया, और तुम्हारा हृदय दुःख से भरा है।

पिछला पद
« यशायाह 1:4
अगला पद
यशायाह 1:6 »

यशायाह 1:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 1:5 — फिर भी तुम बार-बार चोट खाते हो

मुख्य interpretive point: यशायाह 1:5 में परमेश्वर इसे बतलाते हैं कि इजराइल-युग के धार्मिक नेतृत्व और लोग कितनी बार अपने पापों के कारण दु:ख-संहार के रास्ते पर चले आ रहे हैं। वे चोटें और घाव खुद उनकी अपनी असंख्य असंतोष, पाप-घट एवं अड़चन के कारण होते हैं—परन्तु परमेश्वर की दी हुई दया अभी भी उपलब्ध है। यह पदकंठन यह संकेत देता है कि पाप का क्रम केवल शारीरिक नहीं, हृदय-स्थिति में भी गहराई तक पहुँचा हुआ है, जहाँ दर्द और दुःख एक ही कहानी सुनाते हैं: पथभ्रष्ट होने पर भी लोग सुधार के स्थान पर अधिक चोट खाएँ।

कथानक-वृत्त (literary context)

यशायाह कविता-वैद्य में परमेश्वर के न्याय और दया के बीच एक स्पष्ट द्वंद्व रहता है। यह verse इस बात को उभारता है कि ईश्वर के सामने बहस में कितनी बार नये नियम और पुरानी छूटों से भी चीजें नहीं सुधरतीं; लोग बार-बार अपने पाप और भटकाव को सही ठहराने की कोशिश करते हैं, पर परिणाम वही—घाव, दर्द, और हृदय-विडावा। पाठ कर्ता पर संकेत है कि दंड के साथ-साथ कृपा भी सन्निकट है; यदि वे सचेत हों और पलटें, तो उद्धार संभव है।

theological significance

इस आयत में ऐतिहासिक-स्वरूप में यह स्पष्ट है कि पाप का निरंतर क्रम परमेश्वर की हृदय-संवेदना को गहराई से भेद देता है। यह वह समय है जब उनका अहंकार, धार्मिक औचित्य और अनुग्रह की अवहेलना एक साथ सामने आती है। परन्तु उद्धार के रास्ते अभी भी खुला है—यहीं से भविष्य के आश्वासन और उद्धार की उम्मीद उठती है।

Cross-reference connections (संक्षिप्त व्याख्या)

  • यशायाह 1:4 — इस अध्याय में पाप के कारण समाज पर न्याय का बुलावा आता है; यहाँ-वहाँ घाव और दुःख पाप के नतीजे के रूप में दिए गए हैं। यह verse, पूरा संदर्भ बताता है कि कैसे सात्विक-व्यवहार की कमी समाज को बीमार बनाती है।
  • यिर्वे 6:8—9 (यद्यपि पूर्ण पाठ नहीं उद्धृत) — पवित्र नीतियों की अवहेलना से उद्धार के आग्रह में लगने वाला भय और सन्तोष का अभाव दिखता है; यह cross-reference प्रेरित करता है कि मनुष्य कैसे फिर-फिर दु:ख में पड़ते हैं जब हृदय-समर्पण नहीं होता।
  • यहोशू 7:11 — पाप की बारम्बारता के कारण सामुदायिक अशांति; चेतना और निर्णय में पुनर्मिलन की आवश्यकता अधिक स्पष्ट हो जाती है—यह आयत भी यह दर्शाती है कि बार-बार उल्लंघन क्या- क्या खर्च कराता है।

Reflection questions (विचार के प्रश्न)

  • क्या मैं अपने आचरण में बार-बार वही पाप कर रहा/रही हूँ, जिससे मेरी आत्मा घायल हो रही है?
  • मैं अपने हृदय में कितनी सच्ची टूट-फूट और आत्म-स्वीकृति दिखा रहा/रही हूँ?
  • इन घावों से उबार पाने के लिए मैं किस प्रकार ईश्वरीय दया और प्रतिफल मिलने की प्रतीक्षा कर सकता/सकती हूँ?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 1:5 हमें संकेत देता है कि पाप-चक्र शारीरिक घावों के साथ दिल के दर्द को भी बढ़ाता है, परन्तु परमेश्वर की करुणा उपलब्ध है। यदि लोग हार नहीं मानते और सचेत पलटाव करते हैं, तो उपचार संभव है। यह संदेश न केवल तत्काल पाप के दुष्चक्र को तोड़ने का आग्रह है, बल्कि विश्वास-निष्ठा के साथ एक नई शुरुआत की ओर भी प्रेरित करता है।

नोट्स on quotes

यह commentary Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के public-domain दृष्टिकोणों से समाहित है; स्पष्ट उद्धरण यदि प्रकट हों तो नीचे दिए गए हैं:

हमारे पाठ में इन विद्वानों के सीधे शब्दांशों का खुले तौर पर उद्धरण इस संस्करण में शामिल नहीं किया गया है; यदि मिलें, तो केवल आवश्यकता अनुसार उद्धृत होंगे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 1:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रकाशितवाक्य 16:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 16:8 (HINIRV) »
चौथे स्वर्गदूत ने अपना कटोरा सूर्य पर उण्डेल दिया, और उसे मनुष्यों को आग से झुलसा देने का अधिकार दिया गया।

यिर्मयाह 5:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 5:3 (HINIRV) »
हे यहोवा, क्या तेरी दृष्टि सच्चाई पर नहीं है?* तूने उनको दुःख दिया, परन्तु वे शोकित नहीं हुए; तूने उनको नाश किया, परन्तु उन्होंने ताड़ना से भी नहीं माना। उन्होंने अपना मन चट्टान से भी अधिक कठोर किया है; उन्होंने पश्चाताप करने से इन्कार किया है।

यशायाह 31:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 31:6 (HINIRV) »
हे इस्राएलियों, जिसके विरुद्ध तुमने भारी बलवा किया है, उसी की ओर फिरो।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें