यशायाह 1:28 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु बलवाइयों और पापियों का एक संग नाश होगा, और जिन्होंने यहोवा को त्यागा है, उनका अन्त हो जाएगा।

पिछला पद
« यशायाह 1:27
अगला पद
यशायाह 1:29 »

यशायाह 1:28 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बिंदु

यशायाह 1:28 में प्रभु के विरुद्ध बली चढ़ाने वाले ताकतवर और पापियों का नाश और यहोवा को त्यागने वालों का भाग्य एक साथ जुड़ा है। यह संदेश यह दर्शाता है कि धार्मिक प्रतिज्ञान और समाजिक असमानताओं के बावजूद परमेश्वर की न्यायिक अदालत में बहिष्कृत और दुष्ट दोनों वर्गों का परिणाम एक ही हो जाता है—नाश। संदेश यह है कि उद्धार का आश्वासन तब तक नहीं होता जब तक वह लोगों के भीतर परिवर्तन नहीं लाता; पाप का स्थाई जुड़ाव विनाश का कारण बनता है।

पाठ-संदर्भ (साहित्यिक संदर्भ)

1. इस प्रकरण में ईश्वरीय न्याय और युक्तिपूर्ण दया के बीच आगे-पीछे की दूरी स्पष्ट है—पहले पाप और अवमानना का आरोप, फिर यहोवा के उद्धार का आह्वान।

2. मूल स्थिति यह बताती है कि बाहरी भिक्षा-धर्म और आंतरिक परिवर्तन एक साथ नहीं रहते; जब समाज ने यहोवा को त्यागा है, तब उसका परिणाम सामाजिक और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर आता है।

धार्मिक महत्त्व

यह नज़रिया यह स्पष्ट करता है कि परमात्मा के न्याय से बच निकलना संभव नहीं है यदि मानवता अपने पापों से मुक्ति के लिए श्रद्धा और परिवर्तन नहीं लाती। संपूर्ण सत्ता-नियंत्रण के साथ जुड़ाव, यहोवा के प्रति निष्ठा और कठोर पाप के प्रति शील-उपासना एक साथ रहने पर ही उद्धार का द्वार खुल सकता है।

बाइबिली संबंध (कॉननेक्सन) — कुछ संदर्भ

  • यशायाह 1:19-20 — अगर तुम वाकई बनना चाहते हो, तो विश्वासपूर्वक निर्देशों का पालन करो; अन्यथा दुष्ट का परिणाम।
  • यशायाह 59:2 — आपकी पापों ने आप के बीच विकास को रोक दिया है; नयी राह तब खुलती है जब पाप स्वीकार कर लिया जाए।
  • रोमियों 11:22 — गरिमा और दया के साथ यह नज़र रखना कि हम किस हद तक पथ पर टिके हैं—गरिमा बनाए रखें, परन्तु नाश से सावधान रहें।

आत्मिक निष्कर्ष—विचार-परक प्रश्न

- क्या आप अपने जीवन में यह सोच पाए हैं कि आप किस प्रकार से यहोवा को छोड़ कर अन्य मार्गों से जीवन बनाने का प्रयास कर रहे हैं?

- क्या आप न्याय और दया के बीच संतुलन बनाते हुए परमेश्वर के साथ सत्य-आधारित संबंध बनाए हुए हैं?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 1:28 हमें याद दिलाता है कि पाप और पापियों का संग नाश के साथ जुड़ता है जब तक कि परमेश्वर के साथ निष्ठा और परिवर्तन का रास्ता न अपनाया जाए। यह उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो यहोवा को त्यागते हैं, और यह प्रेरणा है कि सामाजिक-धार्मिक जीवन में सही सीधेपन और ईमानदारी से लौट कर ही उद्धार संभव है।

पारंपरिक विवेचना से संक्षेप उद्धरण (उद्धृत पाठ नहीं)

मथ्यू हल्की टिप्पणीकार, ऐलबर्ट बार्नेस और एडम क्लार्क के प्राचीन व्याख्यानों के हल्के संदर्भ—यदि उपलब्ध हों, तो वे इस बिंदु पर यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर का न्याय सावधानी से और सामाजिक व्यवहार के साथ जुड़ा है; सत्यनिष्ठा और पवित्रता के साथ समन्वय आवश्यक है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 1:28 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 30:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 30:13 (HINIRV) »
इस कारण यह अधर्म तुम्हारे लिये ऊँची दीवार का टूटा हुआ भाग होगा जो फटकर गिरने पर हो, और वह अचानक पल भर में टूटकर गिर पड़ेगा,

भजन संहिता 1:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 1:6 (HINIRV) »
क्योंकि यहोवा धर्मियों का मार्ग जानता है, परन्तु दुष्टों का मार्ग नाश हो जाएगा।

अय्यूब 31:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 31:3 (HINIRV) »
क्या वह कुटिल मनुष्यों के लिये विपत्ति और अनर्थ काम करनेवालों के लिये सत्यानाश का कारण नहीं है*?

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें