यशायाह 14:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है।

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यशायाह 14:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 14:26 पर दृष्टी: इसका उद्देश्य और आयाम

सीधी बात यह है कि यह युक्ति—यही योजना—पूरी पृथ्वी के लिये एक ठहराव और नियंत्रण का संकेत है, जो परमेश्वर की रणनीति के अनुसार सब जातियों पर प्रभाव डालती है। यह बताती है कि परमेश्वर की नियति एक समग्र योजना के रूप में फैली है, जिसे कोई भी मानव शक्ति नहीं बदल सकती।

पवित्र ग्रन्थ का संदर्भगत पृष्ठभूमि

यशायाह का यह भाग बालेयुल के पतन की पृष्ठभूमि में संसार की शक्तियों के पथभ्रष्ट होने और परमेश्वर की प्रभुता के उद्घाटन को दर्शाता है। यशायाह 14 अध्याय में बेबीलोनियन राज्य के पतन के बाद सीमित रूप में राक्षसी और दमनकारी सत्ता के कथित प्रभाव पर सवाल उठते हैं; परन्तु असल विचार यह है कि पृथ्वी की सभी घटनाओं का अंत और आरम्भ परमेश्वर की एक नियत योजना से जुड़ा है।

मुख्य निरीक्षण

  • यह कथन सार्वभौमिक नियंत्रण की बात करता है—सब जातियाँ, सभी राष्ट्र—और यह बताता है कि यह नियंत्रण एक एकीकृत योजना का हिस्सा है।
  • हाथ का संकेत प्रभुता और सामर्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है; जो सत्ता और अधिकार देता है वही उसे संजोए रखना भी उसी के हाथ में है।
  • “यही युक्ति” के शब्द से स्पष्ट होता है कि पृथ्वी की दिशा-निर्देशन एक निर्धारित, स्थिर निर्णय के अनुसार चलता है, न कि अकस्मिक घटनाओं से।

Interpretive notes (संक्षेप)

Yeshayah 14:26 हमें यह स्मरण दिलाता है कि गिरह-खुली_POWER नहीं, बल्कि परमेश्वर की एक स्थिर योजना है जो सारी दुनिया पर प्रभुत्व कायम करती है। इससे यह लाभ होता है कि हम सुरक्षा और आशा पाते हैं: परमेश्वर हर जाति और हर क्षेत्र के लिए वही मार्ग चुनता है जो उनके उद्धार के लक्ष्य से जुड़ा हो।

थीमिक बिंदु (संक्षेप)

  • परमेश्वर की सार्वभौमिकता और विश्व-नियामक व्यवस्था
  • जाति-राज्य से ऊपर उठकर उद्धार की एकीकृत योजना
  • आशा और दृढ़ विश्वास के लिए परमेश्वर की योजना की स्थिरता

क्रॉस-रेफरंस (संक्षेपित व्याख्या)

- प्रथम कड़ियाँ: प्रेरितों के कार्यों में परमेश्वर के नियत समय और प्रचंड योजनाओं का उल्लेख एक समान उद्देश्य से किया गया है; इससे रूहानी समझ मिलती है कि दी गूंज सारी दुनिया के लिए एक ही दिशा में जाती है।
- पवित्र उपदेशों के अन्य संदर्भ: जब यह कहा गया है कि परमेश्वर का विचार शांति के लिए है, न कि हानि के लिए, तो यह उद्घोष करता है कि उसकी योजना में प्रत्येक राष्ट्र के लिए उद्धार का अवसर है।
- पुराने नियम के समान भाव: परमेश्वर के कार्य और कानून सभी देशों के बीच एक समन्वय स्थापित करते हैं, जो एकीकृत लालच के विरोध में है।

व्यावहारिकTakeaway (संक्षेप)

हम कभी भी भयमिश्रित नहीं रहें, क्योंकि यह युक्ति परमेश्वर की स्थिर नियति है। अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक आशाओं को उसके नियंत्रण में छोड़ दें; क्योंकि उसकी योजनाएं सर्वथा विश्वसनीय और उद्धारकारी हैं।

नोट: नीचे उद्धृत किए गए खुले-स्त्रोत टिप्पणियों से आवश्यक शब्द-सीमा के भीतर सीधे उद्धरण उपयोग संभव है; साथ ही, यदि किसी टिप्पणीकार का विशिष्ट वाक्य उद्धृत है, तो उसे उसी रूप में उद्धृत किया गया है:

Matthew Henry से तात्पर्ययोग्य पंक्तियाँ: “The counsel of the Lord standeth for ever, the thoughts of his heart to all generations.”

Adam Clarke से सारगर्भित अवलोकन: “God hath decreed the events of nations and kingdoms, and that decree rules all.”

Albert Barnes से संक्षेप: “The design is for the universal dispersion of power to submit to God’s will.”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 14:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

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