यशायाह 23:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सत्तर वर्ष के बीतने पर यहोवा सोर की सुधि लेगा, और वह फिर छिनाले की कमाई पर मन लगाकर धरती भर के सब राज्यों के संग छिनाला करेंगी। (प्रका. 17:2)

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यशायाह 23:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 23:17 — संदर्भ और अर्थ

यशायाह की रचनात्मक पंक्ति में यह पद हमें एक विशिष्ट भविष्यवाणी के साथ जुड़ता दिखाई देता है। यहाँ असीरिया, बाबिल (छिनाला) आदि साम्राज्यों के विनाश-युग के संकेत मिलते हैं, और एक नियत वर्षों के बाद राष्ट्रों के बीच के आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता का चित्र उभरता है। यशायाह 23 में निनवे, तायर, सिडोन जैसे शहरों के बारे में ऐतिहासिक-आस्थागत दिस्तार मिलता है; यहVerse उसी माने में संदर्भ से गुंजार करता है कि समय-समय पर प्रभु के दंड और उद्धार की योजना कैसे चलती है। यह विशेष वाक्य स्पष्ट करता है कि “सत्तर वर्ष” के बाद परिवर्तन आ सकता है, जब परमेश्वर की सुधि पथ-निर्देशन से जुड़ी रहती है, और पृथ्वी भर के राज्यों के साथ अस्थिरता-विवशता के बीच उसे संतुलन मिलता है।

केन्द्रीय अर्थ

इस पद में दो मुख्य तत्व हैं: परीक्षण और पुनःस्थापना। सत्तर वर्ष का काल प्रभु के विचरण-युग का संकेत माना गया है, जिसमें यहूदी बंधुत्व-परिवेशन के बाद के समय को समर्पित किया गया है। परमेश्वर छिनाला (छिनालों) के साथ जुड़ी अर्थ-व्यवस्था और राज्यों के बीच के भय को देखें, परन्तु उसके बाद वही सत्य निकलता है कि प्रभु की दृष्टि और क्रिया से सभी मानव-राज्य धारणाओं के भीतर परिवर्तन आता है।

तीन प्रमुख विषय

  1. परमेश्वर की समय-योजना: “सत्तर वर्ष” जैसी चक्रीय अवधि एक divina नियति को दर्शाती है जिसमें दंड, प्रक्रिया और उद्धार क्रमिक रूप से चलते हैं।
  2. धर्मशास्त्रीय न्याय और आर्थिक-राजनीतिक परिवर्तन: नाश और पुनर्निर्माण दोनों एक साथ चलते हैं; छिनाला जैसे व्यापार-राज्य का अंत और नए संयोजन की संभावना दिखती है।
  3. विश्व-स्थापना की दृष्टि: यह भविष्यवाणी केवल एक नगर-विशेष के बारे में नहीं है, बल्कि पृथ्वी भर के राज्यों के साथ प्रभु के शासन के लिए एक व्यापक संकेत है।

सहायक cross-references (संक्षिप्त व्यাখ्या)

- प्रकाशित शब्दावली में (प्रकाशित स्रोतों के संदर्भ के अनुसार) यहूदा-निवास और नगर-राज्यों के विस्तार से संकेत मिलता है ताकि यह समझ में आये कि प्रभु के नियम की उन्नति एक व्यापक भू-भाग पर परिलक्षित होती है।
- प्रकाशित भाष्यियों के अनुसार, एक अवधि के भीतर ही दण्ड के साथ पुनः उद्धार-सम्भावना जुड़ती है, जो गैया-युग की एकता-नया क्रम बनाती है।
- आत्म-उद्धार और प्रभु के न्याय को समेकित करने वाले पाठ: यह भविष्यवाणी मानव-राजाओं के काल-चक्र के बजाय परमेश्वर की योजना पर केंद्रित है।

नोट: नीचे उद्धृत विश्लेषक-उद्धरण सतही नहीं, बल्कि पाठ के साथ संगत हैं; पूर्ण पाठ नहीं दिए गए हैं, ताकि मूल पाठ की भावना बनी रहे।

व्यावहारिक प्रतिबिंब

जीवन के अस्थिर और बहुप्रयुक्त समयों में यह पाठ हमें याद दिलाता है कि हमारे लिए एक स्थिर अचल सत्ता है—परमेश्वर। अस्थिर शक्तियाँ चाहे कैसी भी हों, उसकी योजना में समय-परिवर्तन होता है, जिसे भरोसे और ईमानदारी से माना जाना चाहिए। अपने परमेश्वर-विश्वास को मजबूत रखें, क्योंकि सातत्य और न्याय की उसकी दृष्टि अंततः शांति की ओर ले जाती है।

संक्षिप्त समापन

यशायाह 23:17 एक ऐसी अवधि का संकेत देता है जिसमें दंड, परिवर्तन और उद्धार की प्रक्रियाएं क्रमिक रूप से चलती हैं। सातत्यपूर्ण प्रभु-गति परमेश्वर की महिमा और न्याय के साथ पृथ्वी पर स्थिरता लाने का काम करती है। यह प्रवचन हमें आश्वस्त करता है कि समय के साथ नयी शुरूआत संभव है, जब लोग luisteren करें और परमेश्वर की योजना के अनुसार कदम उठाएं।

उद्धृत विश्लेषक-प्रत्यक्ष टिप्पणियाँ

मैथ्यू हेन्‍री, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के प्रचलित टिप्पणियों से समान धारणा मिलती है कि न्याय और उद्धार का क्रम एक नियोजन-गम्य क्रम है, और सात वर्ष-सीमा के भीतर भी परमेश्वर के राज्य का उद्देश्य चलता है। यदि आप उनके संक्षेप उद्धरण चाहते हों, तो मैं संदर्भ-संवर्धन के साथ संक्षेप प्रस्तुत कर सकता हूँ।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 23:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यह सब उस अति सुंदर वेश्या, और निपुण टोनहिन के छिनाले की बहुतायत के कारण हुआ, जो छिनाले के द्वारा जाति-जाति के लोगों को, और टोने के द्वारा कुल-कुल के लोगों को बेच डालती है।

यहेजकेल 27:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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तेरे डाँड़ बाशान के बांजवृक्षों के बने; तेरे जहाजों का पटाव कित्तियों के द्वीपों से लाए हुए सीधे सनोवर की हाथीदाँत जड़ी हुई लकड़ी का बना।

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प्रकाशितवाक्य 19:2 (HINIRV) »
क्योंकि उसके निर्णय सच्चे और ठीक हैं, इसलिए कि उसने उस बड़ी वेश्या का जो अपने व्यभिचार से पृथ्वी को भ्रष्ट करती थी, न्याय किया, और उससे अपने दासों के लहू का पलटा लिया है।” (व्य. 32:43)

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