यशायाह 38:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“जाकर हिजकिय्याह से कह कि तेरे मूलपुरुष दाऊद का परमेश्‍वर यहोवा यह कहता है, 'मैंने तेरी प्रार्थना सुनी और तेरे आँसू देखे हैं; सुन, मैं तेरी आयु पन्द्रह वर्ष और बढ़ा दूँगा।

पिछला पद
« यशायाह 38:4
अगला पद
यशायाह 38:6 »

यशायाह 38:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 38:5 का महत्व और संदेह-रहित संदर्भ

यशायाह 38 में राजा हुइझकिय्याह की बीमारी और उसका उपचार दया-पूर्ण ईश्वर के साथ एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में सामने आता है। यह वचन विशेष रूप से यह दर्शाता है कि कैसे परमेश्वर दुआ सुनते हैं, आंसुओं को देखकर मानवीय पीड़ा को समझते हैं, और समय-समय पर दीर्घायु या जीवन के अवसरों का पुनर्सृजन कर सकते हैं। इस वचन में प्रार्थना की शक्ति, विश्वासी की सच्ची शिकायत और परमेश्वर की करुणा का अद्भुत मिश्रण दिखता है।

क्यों यह वचन मायने रखता है

यह उद्धार और भरोसे की प्रेरणा देता है कि हमारा दास्यता-भरा इतिहास भी परमेश्वर के प्रेम-पूर्ण चित्त के भीतर है। हुइझकिय्याह की प्रार्थना एक कठिन-काल के बीच में की गई थी; इसे परमेश्वर ने सुन लिया और उसे आयु-वृद्धि का आश्वासन दिया। यह हमें याद दिलाता है कि संकट के समय ईश्वर के न्याय से पहले उसकी दया और करुणा भी सामने आ सकती है।

पार्श्वभूमि और मूल संदर्भ

यशायाह के पाठ में यह भाग नीति-उद्धार के संकेतों के साथ आता है। हुइझकिय्याह रोगग्रस्त थे और शौचालय-समय पर उनकी बीमारी की स्थिति विपरीत थी। नबिक संदेशन के अनुसार परमेश्वर ने उनके प्रार्थना-पथ को सुना और उनके आँसू देखे; फलतः यह वादा मिला कि उनके जीवन में पंद्रह वर्ष का और विस्तार होगा। यह घटनाक्रम दाऊद परिवार से जुड़े वायदे, प्रतीकात्मक आयु-भराव और चिकित्सीय-मोह के मिलन को स्पष्ट करता है।

मुख्य संदेश

  • प्रार्थना का प्रभाव: परमेश्वर संकट-काल में भी सुनता है और हमारी पीड़ा को देखता है।
  • दयालुता के स्वर: ईश्वर का क्रोध नहीं, बल्कि दया-पूर्ण निर्णय में विश्वास रखना चाहिए।
  • निष्ठा और आशा: कठिनाई में भी परमेश्वर अपने प्रभावी कार्य को आगे बढ़ाते हैं और जीवन दीर्घ करते हैं जब वे चाहें।

बाइबल के वैकल्पिक संबंधित विषय

यहाँ तीन महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसेज़ हैं जिनसे इस पाठ की थीम और गहराई समझ में आती है:

  • निर्वाण के समय में दया — अभिषेक-जीवन की पुनर्स्थापना के संकेत: यह दृढ़ करता है कि परमेश्वर संकट के समय भी उपकार दिखाते हैं। (उत्पत्ति 6–9 के संदर्भ, निर्गमन के समय की मानवीय पीड़ा के साथ तुलना)
  • आँसू के महत्व — प्रार्थना और प्रत्यक्ष साक्षात्कार: विश्वासियों के रोने से भी परमेश्वर का मन हल्काव होता है। (सामुएल 1:11; स्तफ: 56)
  • आयु-वृद्धि के संकेत — समय और तैयारी का भागीदार बनना: जीवन की सीमा इस संसार की नहीं, परमेश्वर की योजना के भीतर तय होती है। (यिर्मיה 29:11)

पहुँच-समर्थन संदर्भ

1) हैनरी का संवेदी पाठ: यह घटना दर्शाती है कि पवित्र अभिवादन और दया के साथ ईश्वर मानवता के बीच संवाद स्थापित करते हैं।

2) अर्दन-बार्न्स के विचार: परमेश्वर की योजना में विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि वह हमारी प्रार्थनाओं के पीछे की मंशा को जानता है।

3) एडम क्लार्क का निष्कर्ष: दुख के समय भी ईश्वर के उद्धार के संकेत मिलते हैं और वे दीर्घायु के द्वार खोलते हैं।

एक संक्षिप्त विवेक-आधार

यशायाह 38:5 हमें यह सिखाता है कि संकट में ईश्वर के प्रति भरोसा कभी निष्फल नहीं होता—प्रार्थना से धारण किया गया ध्येय परमेश्वर के perdoni में बदला जा सकता है। हुइझकिय्याह की कहानी एक मॉडल है कि कैसे धार्मिक विश्वास और बंधन-तोड़ने वाले समय में भी ईश्वर की कृपा निष्ठा के अनुसार काम करती है।

छोटा devotional विचार

जब दुआ हमारे आँसुओं के साथ हो, तब भगवान सुनते हैं और समय-समय पर हमारे जीवन में पन्द्रह वर्ष या अधिक का विस्तार कर देते हैं—जो भी उनके चित्त की इच्छा हो। स्मरण रहे, हर प्रार्थना में सीधे चर्चित शब्दों के बजाय ईश्वर के प्रेमपूर्ण उद्धार के संदेशन की प्रतीक्षा करें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 38:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 34:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 34:5 (HINIRV) »
जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की, उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुँह कभी काला न होने पाया।

1 यूहन्ना 5:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 यूहन्ना 5:14 (HINIRV) »
और हमें उसके सामने जो साहस होता है, वह यह है; कि यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार कुछ माँगते हैं*, तो हमारी सुनता है।

भजन संहिता 56:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 56:8 (HINIRV) »
तू मेरे मारे-मारे फिरने का हिसाब रखता है; तू मेरे आँसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है*?

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें