यशायाह 48:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“अपने ही नाम के निमित्त मैं क्रोध करने में विलम्ब करता हूँ, और अपनी महिमा के निमित्त अपने आपको रोक रखता हूँ, ऐसा न हो कि मैं तुझे काट डालूँ।

पिछला पद
« यशायाह 48:8
अगला पद
यशायाह 48:10 »

यशायाह 48:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 48:9 की Meaning और महत्व

यह वचन उन समयों में है जब ज्यादातर लोग ईश्वर के न्याय के डर से भयभीत थे, और फिर भी परमेश्वर अपने लोगों के लिए धैर्य और अस्थायी विलंब से काम ले रहे थे। यहाँ यह दिखता है कि परमेश्वर अपने नाम और महिमा के कारण कब्रों की तरह कठोरता नहीं चाहता, बल्कि करुणा के साथ प्रतिक्रिया कर रहा है। यह verse बताता है कि ईश्वर अपने क्रोध को तात्कालिक रूप से नहीं दिखाता, ताकि वह तेरे लिए बचाव का मार्ग खोले और तुझ पर कृपा को स्थिर करे।

प्रथम संदर्भ और मूल परिस्थिति

यह पद यशायाह के समय की प्रभारी परिस्थितियों में बोला गया है—आद्ययुग के बंदी-बावों की आशाएँ और ईश्वर की संगति की मांग। इस संदर्भ में यह स्पष्ट है कि ईश्वर अपनी महिमा के हित के लिए अत्याचार को रोक रहे हैं ताकि वह अपनी चुनी हुई जनता को ढंग से सुधार सके और उनकी रक्षा कर सके।

मुख्य संदेश

इस वचन के प्रमुख बिंदु: परमेश्वर अपने क्रोध को जानबूझकर देर कर रहा है ताकि वह अपने लोगों की दशाओं में परिवर्तन ला सके, और अपनी महिमा के कारण स्वयं को रोक कर उन्हें जीवित रहने दे। इसका तात्पर्य यह है कि धैर्य और दया परमेश्वर के स्वभाव का भाग हैं, और यह भी कि उद्धार उसके नाम के लिए है—ताकि लोग उसकी महिमा समझें और उसकी ओर लौटें।

आत्मिक सिद्धांत और थीम

  • क्रोध की रुकावट: ईश्वर अपनी न्याय-क्रिया में विलंब करते हैं ताकि पश्चात्ताप और परिवर्तन संभव हो सके।
  • अपना नाम बचाने की प्रेरणा: ईश्वर अपनी महिमा के लिए स्वयं को रोकते हैं ताकि लोग उसे पहचानें और उसकी कृपा प्राप्त करें।
  • पुनःस्थापना का मार्ग: कठिन समय भी एक अवसर है कि परमेश्वर अपनी प्रजा को नई दिशा दे दें।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत मात्र, पूर्ण पद नहीं)

कई स्थानों पर पुराने साक्ष्य में भी इस प्रकार के विचार मिलते हैं—याकूब 4:9–10 के रूप में पलटाव और दया की आवश्यकता, रोमियों 2:4 में ईश्वर की धैर्यता की महिमा, और निर्गमन 34:6–7 जिनमें ईश्वर के दया और दृढ़ न्याय के गुण एक साथ दिखाई देते हैं। इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर के क्रोध की देरी बंधनों के सुधार और उद्धार की ओर उन्मुख है।

हिंदी विचारशील विश्लेषण

यह वचन केवल एक चेतावनी नहीं है, बल्कि एक आश्वासन भी है कि ईश्वर अपने लोगों पर ऐसा तानाशाह नहीं है जो क्षमा और पुनःस्थापना को छोड़ दे। उसका उद्देश्य है कि उसकी महिमा प्रकट हो और उसकी वाचा को पूरा किया जाए। जब परिस्थितियाँ कठोर हों, तब भी ईश्वर अपनी सत्ता को अपने नाम के काम के लिए रोके रखते हैं ताकि वह चमत्कार दिखा सके।

हठयोगी और देवotional पाठ

इस verse को पढ़कर प्रार्थना करें कि परमेश्वर अपनी आक्रामकता को रोककर हमारे जीवन में सुधार का काम करें। यह धारणा कि ईश्वर अपने आप को रोक लेते हैं ताकि हम लौटें, हमें यह स्मरण कराती है कि दया, धैर्य और सच्चे परिवर्तन एक साथ चलते हैं।

संक्षिप्त बिंदु-सार

1) ईश्वर का क्रोध विलंबित रहता है ताकि उद्धार संभव हो। 2) अपनी महिमा के कारण वह स्वयं को भी रोक लेते हैं, ताकि लोग उसे पहचानें। 3) कठिन समय में भी उद्धार का मार्ग खुल सकता है।

बंधु-उद्धार के लिए प्रार्थना

प्रभु, तू अपने नाम के कारण दया देख, और मेरे लिए अपने क्रोध को ढाल दे ताकि तू मेरी कमजोरियों में वचन पूरा कर सके। तेरा धैर्य मुझे लौट आने के लिए प्रेरित करे, और तेरी महिमा से मैं तेरा नाम महिमा भरे।

सूत्र-नोट

इस पंक्ति के आपसी भावों पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे पवित्र-दर्शन-वक्ता के संकल्प कुछ शब्दों में आ सकते हैं, पर यहाँ हमने चिह्नित उद्धरणों के पूर्ण पाठ को नहीं जोड़ा है। आवश्यक होने पर उनके विचारों से प्रेरणा ली जा सकती है, किन्तु पाठ का मूल अभिप्राय वही रखा गया है जो संदर्भ बनाता है।

संभावित क्रॉस-रेफरेंसेस संशोधित संकेत

यशायाह 43:25, योएल 2:13, रोम 11:22—ये आयाम बताते हैं कि किस प्रकार परमेश्वर अपने गुण-स्वभाव के अनुसार दया और न्याय को संतुलित करते हैं और कब्र की तरह रोकते नहीं, बल्कि उद्धार के मार्ग खोलते हैं।

सार प्रदान करने वाला निष्कर्ष: यह verse हमें आंतरिक धैर्य और कृतज्ञता सिखाता है कि परमेश्वर के नाम की महिमा के लिए समय दे, ताकि वह अपने लोगों का उद्धार और सुधार कर सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 48:9 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 78:38 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 78:38 (HINIRV) »
परन्तु वह जो दयालु है, वह अधर्म को ढाँपता, और नाश नहीं करता; वह बार-बार अपने क्रोध को ठण्डा करता है, और अपनी जलजलाहट को पूरी रीति से भड़कने नहीं देता।

यहेजकेल 20:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 20:14 (HINIRV) »
परन्तु मैंने अपने नाम के निमित्त ऐसा किया कि वे उन जातियों के सामने, जिनके देखते मैं उनको निकाल लाया था, अपवित्र न ठहरे।

यशायाह 48:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 48:11 (HINIRV) »
अपने निमित्त, हाँ अपने ही निमित्त मैंने यह किया है, मेरा नाम क्यों अपवित्र ठहरे? अपनी महिमा मैं दूसरे को नहीं दूँगा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें