Old Testament
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यहोशू 4:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अर्थात् कोई चालीस हजार पुरुष युद्ध के हथियार बाँधे हुए संग्राम करने के लिये यहोवा के सामने पार उतरकर यरीहो के पास के अराबा में पहुँचे।
यहोशू 4:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 4:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 25:5 (HINIRV) »
तब कसदियों की सेना ने राजा का पीछा किया, और उसको यरीहो के पास के मैदान में जा पकड़ा, और उसकी पूरी सेना उसके पास से तितर-बितर हो गई।

यिर्मयाह 39:5 (HINIRV) »
परन्तु कसदियों की सेना ने उनको खदेड़कर सिदकिय्याह को यरीहो के अराबा में जा लिया और उनको बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर के पास हमात देश के रिबला में ले गए; और उसने वहाँ उसके दण्ड की आज्ञा दी।

यिर्मयाह 52:8 (HINIRV) »
परन्तु उनकी सेना ने राजा का पीछा किया, और उसको यरीहो के पास के अराबा में जा पकड़ा; तब उसकी सारी सेना उसके पास से तितर-बितर हो गई।
यहोशू 4:13 पर टिप्पणी: यहोवा के साथ आगे बढ़ना और प्रतीकात्मक प्रवेश
यह verse क्यों महत्त्वपूर्ण है
यह वचन युद्ध-पूर्व योजना और आस्तिकता के एक निर्णायक चरण को दर्शाता है: चालीस हजार योद्धाओं का प्रवेश। मूल संदर्भ में यह नयी पीढ़ी के लिए यहूदियों के प्रवेश को चिह्नित करता है, जो यरीहो के पास अरआबा के मैदान में पंक्तिबद्ध हुए, ताकि यह दिखे कि परमेश्वर उनके साथ है और उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ना है। यहोवा के सामने साहसपूर्ण समर्पण और आधीनता का संयुक्त संकेत है: शस्त्रबद्ध पुरुषों के साथ भी हर कदम में परमेश्वर की आज्ञा और सुरक्षा मुद्दित है।
स्थिति-संदर्भ (पार्श्व-परिप्रेक्ष्य)
यहोशू की पुस्तक में यह अध्याय प्रवेश के पूर्व एक घोषणात्मक क्रम बनाता है: यहूदी लोग देश के बाकी भागों में आगे बढ़ते हैं, और यह चालीस हजार सैनिकों की खास-तैयारी का वर्णन है। अलौकिक सुरक्षा और मार्गदर्शन के बिना यह संक्रमण संभव नहीं था; परन्तु परमेश्वर के साथ कदम मिलाने पर, सेना के भीतर विश्वास और व्यवस्था दोनों प्रबल होती हैं। यह उद्घोषणा यह भी संकेत देती है कि फौजी बल के साथ साथ धैर्य, अनुशासन और समुदायिक सहभागिता आवश्यक है।
मुख्य संदेश
- परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार आगे बढ़ना: राष्ट्र के लिए निर्णय, योजनाओं और युद्धों में भी परमेश्वर के निर्देश सर्वोपरि रहते हैं।
- प्रभु की सहायता में साहस: चालीस हजार की संख्या प्रभावशाली है, पर परमेश्वर का साथ उससे बढ़कर है। यह विश्वास की भूमि में प्रवेश का संकेत है।
- समुदायिक तैयारी: युद्ध-तैयारी के साथ-साथ परमेश्वर की उपस्थिति का आह्वान और समुदाय की एकता आवश्यक है।
अनुदेशनात्मक थीम्स
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप, शब्द-त्याग न करें)
1) यहशया 41:10 — परमेश्वर के साथ साहस और नहीं डरने के निर्देश का सम्बद्ध भाव यह उद्देश्य बताता है कि परमेश्वर विश्वासियों के साथ है, भय घटेगा.
2) यूहना 14:27 — शांति और स्थिरता की गारंटी: प्रभु की उपस्थिति भय को शांत करती है.
3) जेषु 1:9 — दृढ़ता और निर्भयता का आह्वान: मैं तेरे साथ हूँ, तुम मत डरो।
इन संदर्भों का सार यह है कि परमेश्वर की उपस्थिति, आज्ञाओं का पालन, और समुदायिक साहस मिलकर प्रवेश के समय सुरक्षा और सफलता का आधार बनाते हैं.
देवotional reflection
जब हम अपने स्वयं के “यहरीहो”—आवेग, संदेह या परिस्थितियों के भंवर—के सामने खड़े होते हैं, तो यह verse स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर का साथ ही असली शस्त्र है। हरेक कदम पर उसकी आज्ञाओं को मानना, हमारे लिए नयी राह खोल सकता है। हमने अपने जीवन में आवश्यकता और जोखिम देखे होंगे; पर यदि हम उनके सामने घुटने टेक दें, तो मार्ग खुल जाएगा। परमेश्वर की सहायता में विश्वास रखें, और तैयारी के साथ आत्म-समर्पण को बनाए रखें।
नोट: इस commentary में Matthew Henry, Albert Barnes औरAdam Clarke के परिचित विचारों से समाहित संक्षिप्त संदर्भ शामिल हैं। उनके शब्दों के geselectित अंश यदि उपलब्ध हों, उसी भाव में उद्धृत हैं।