Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 4:19 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 4:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पहले महीने के दसवें दिन को प्रजा के लोगों ने यरदन में से निकलकर यरीहो की पूर्वी सीमा पर गिलगाल में अपने डेरे डालें।
यहोशू 4:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 4:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहोशू 5:9 (HINIRV) »
तब यहोवा ने यहोशू से कहा, “तुम्हारी नामधराई जो मिस्रियों में हुई है* उसे मैंने आज दूर किया है।” इस कारण उस स्थान का नाम आज के दिन तक गिलगाल पड़ा है।

मीका 6:5 (HINIRV) »
हे मेरी प्रजा, स्मरण कर, कि मोआब के राजा बालाक ने तेरे विरुद्ध कौन सी युक्ति की? और बोर के पुत्र बिलाम ने उसको क्या सम्मति दी? और शित्तीम से गिलगाल तक की बातों का स्मरण कर, जिससे तू यहोवा के धर्म के काम समझ सके।”

निर्गमन 12:2 (HINIRV) »
“यह महीना तुम लोगों के लिये आरम्भ का ठहरे; अर्थात् वर्ष का पहला महीना यही ठहरे।
यहोशू 4:19 का स्पष्ट अर्थ
इस verses में रवैया स्पष्ट है: यहोशू के जन एक निर्णायक कदम उठाते हैं—पहले महीने के दसवें दिन यरदन पार कर गिलगाल में बसे; यह सीमा पर उनकी पहली पाली है, जब वे यरदन के पर्चे-सेतु से होकर पहली बार पूर्वी तटीय क्षेत्र छोड़कर पश्चिम की ओर प्रवेश करते हैं। यह कदम चिह्नित करता है कि चमत्कार के बाद मनुष्य की भूमिका क्या है: ईश्वर ने उत्तर दिया, अब लोग अपने कदमों से नये सुसंगत क्रम की शुरुआत करें।
प्रासंगिक पृष्ठभूमि और संदर्भ
यही समय वह है जब यरदन का जल अचानक सूख गया और इस्राएलियों ने खतरे से भरे यरदन-किनारे से बाहर निकलकर गिलगाल में डेरा डाला। यह यात्रा का प्रारम्भिक चरण है—पहले पूर्वी क्षेत्र में रहने वाले लोग पीछे रहे और नए क्षेत्र की रचना के लिए पथ-निर्माण किया गया। यह घटना इस्राएल के लिए एक सामर्थ्य और विश्वास का प्रतीक है: परमप्रभु ने विनिषेचित सीमाओं को पीछे छोड़कर प्रजा को अपने प्रतिज्ञात्मक भूमि तक पहुँचने दिया।
Interpretive observations
संयुक्त थीम और अनुप्रयोग
अनुचित नहीं, परन्तु उपयोगी क्रॉस-रेफरेंसे
– निर्गमन 14-15: परीकथा से बाहर आकर निर्भय कदम उठाने का संकेत। यह घटना और इस आस्था का संगम बताता है कि ईश्वर के चमत्कार के बाद मनुष्य की जिम्मेदारी क्या होती है।
– यूहान 3:16 जैसे विश्वास में एक नया आरंभ; यहाँ भी यह स्पष्ट है कि आशीष और वाचा एक साथ चलते हैं।
– जकर्याह 4:6: “यह न शक्ति से, न युद्ध से, परन्तु मेरे आत्मा से”—यह प्रेरणा इस प्रसंग के भीतर व्यवहारिक रूप से उद्धृत होती है कि नया क्षेत्र प्राप्त करने में मानव-योजना से ऊपर ईश्वरीय समर्पण चाहिए।
प्राकृतिक, रोकथाम-युक्त निष्कर्ष
यहोशू 4:19 हमें सिखाता है कि परमप्रभु की प्रदत्त मर्यादा के अनुरूप नया चरण शुरू करना चाहिए। विश्वास के साथ योजना बनाकर, समुदाय मिलकर उस सीमा को पहचानता है जहाँ से भविष्य का मार्ग खुलता है।
प्रमुख उद्धरण (केवल पारंपरिक टिप्पणीकारों से मान्य संकलन)
यहाँ छोटे वाक्यांशों के रूप में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के विशिष्ट शब्दों के पूरा पाठ उद्धृत नहीं किया गया है, पर उनके विचारों को संक्षेप में समाहित किया गया है:
- Henry: चित्त की श्रद्धा से कार्य करना—यही आशीर्वाद के मार्ग का प्रारम्भ है।
- Barnes: ईश्वर की सहायता के साथ मानवीय उत्तरदायित्व का संयुक्त क्रिया।
- Clarke: सीमा-निर्धारण और पथ-निर्माण, ताकि परमप्रभु की उपलब्धि का लाभ समुदाय को मिले।