Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 4:10 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 4:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और याजक सन्दूक उठाए हुए उस समय तक यरदन के बीच खड़े रहे जब तक वे सब बातें पूरी न हो चुकीं, जिन्हें यहोवा ने यहोशू को लोगों से कहने की आज्ञा दी थी। तब सब लोग फुर्ती से पार उतर गए;
यहोशू 4:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 4:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 3:13 (HINIRV) »
और जिस समय पृथ्वी भर के प्रभु यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले याजकों के पाँव यरदन के जल में पड़ेंगे, उस समय यरदन का ऊपर से बहता हुआ जल थम जाएगा, और ढेर होकर ठहरा रहेगा।”

निर्गमन 12:39 (HINIRV) »
और जो गूँधा आटा वे मिस्र से साथ ले गए उसकी उन्होंने बिना ख़मीर दिए रोटियाँ बनाईं; क्योंकि वे मिस्र से ऐसे बरबस निकाले गए, कि उन्हें अवसर भी न मिला की मार्ग में खाने के लिये कुछ पका सके, इसी कारण वह गूँधा हुआ आटा बिना ख़मीर का था।

गिनती 27:21 (HINIRV) »
और वह एलीआजर याजक के सामने खड़ा हुआ करे, और एलीआजर उसके लिये यहोवा से ऊरीम की आज्ञा पूछा करे; और वह इस्राएलियों की सारी मण्डली समेत उसके कहने से जाया करे, और उसी के कहने से लौट भी आया करे।”
यहोशू 4:10 — याजक सन्दूक के साथ मुठभेड़ के बीच से पार होना
यह पद हमारे धर्मी आस्था और नेतृत्व की वास्तविकताओं को बयां करता है। यह दिखाता है कि परमेश्वर के वचन के अनुरूप निर्णय लेने और चमत्कारिक मार्गदर्शन के लिए ईमानदार प्रतीक्षा के साथ दृढ़ कदम कितने आवश्यक होते हैं। याजक सन्दूक उठाकर नदी के बीच खड़े रहे, और फिर लोग तुरंत पार उतर गए; यह न केवल एक ऐतिहासिक स्मरण है, बल्कि हमारे विश्वास के लिए एक सजीव संकेत भी है कि परमेश्वर के निर्देश और पवित्र प्रसाद का दायित्व हर कदम पर साथ रहता है.
पार्श्व-प्रसंग और मूल संदेश
यहवाक्य जाबेह के प्रकार की एक कहानी को आगे बढ़ाता है—यहोशू के नेतृत्व में इस्राइलियों का जब वे यर्दन नदी से पार होना चाहते थे। मन्दाकिन संकेत यह है कि याजक सन्दूक को केंद्र में रखकर नदी के बीच खड़े रहना और तब तक रुके रहना जब तक सभी लोग सुरक्षित पार नहीं कर लेते, यह ईश्वर की आज्ञा के पूर्ण पालन का प्रतिफल है। इससे यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के निर्देश में समय का सही चयन और सामूहिक अनुशासन अनिवार्य होते हैं ताकि उद्धार का मार्ग साफ-साफ उद्घाटित हो सके।
मुख्य विचार
महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरენसे
संरोधक संदर्भ जो इस दृश्य के गुण को पूर्ण करते हैं:
पूर्व-चिन्तन से आज की सीख
इस पद से हमें प्रेरणा मिलती है कि ईश्वर के आदेश पर निर्भर रहते हुए, एक दूसरे की रक्षा और मार्गदर्शन की कड़ी बने रहना चाहिए। याजक सन्दूक के साथ खड़े रहना—यह यहूदियों के लिए एक प्रतीक है कि सत्य और पवित्रता के केंद्र में ईश्वर का अनुपस्थिति नहीं, बल्कि उसकी उपस्थिति रहती है; और जब सब लोग विश्वासपूर्वक कदम बढ़ाते हैं, तब परमेश्वर उद्धार का मार्ग खोलते हैं।
दो-तीन संक्षिप्त उद्धरण (हिस्टोरिकल टिप्पणी से)
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से संक्षिप्त प्रेरणा चाहते हैं, तो वे इस प्रकार संकेत देते हैं: यह चमत्कार यह दर्शाता है कि ईश्वर अपने लोगों के साथ है और उनका नेतृत्व करता है; उनके आदेश में आज्ञा का पालन ही लोगों की सुरक्षा और सफल पार के लिए आवश्यक है।
कृपया ध्यान दें: यहाँ पूर्ण उद्धरणों को नहीं दिया गया है, पर ये विचार इन Commentary traditions से समेकित हैं और पाठ के साथ संगत हैं।
देवीय devotional reflection
आज के दिन, हम अपने जीवन के प्रवाह में ईश्वर के निर्देशों को केंद्र में रखकर व्यवस्थित कदम उठाने का अभ्यास करें। प्रतीक्षा करते समय भी विश्वास बनाए रखें; जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नेता और समुदाय दोनों मिलकर नदी पार करने का साहस दिखाएं। यहोशू 4:10 का संदेश है कि चमत्कार तब आते हैं जब ईश्वर के निर्देशों के अनुरूप एकता और विश्वास के साथ प्रतीक्षा की जाती है।