Old Testament
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यहोशू 4:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और ज्यों ही यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले याजक यरदन के बीच में से निकल आए, और उनके पाँव स्थल पर पड़े, त्यों ही यरदन का जल अपने स्थान पर आया, और पहले के समान तटों के ऊपर फिर बहने लगा।
यहोशू 4:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 4:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 3:15 (HINIRV) »
और सन्दूक के उठानेवाले यरदन पर पहुँचे, और सन्दूक के उठानेवाले याजकों के पाँव यरदन के तट के जल में पड़े (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन अपने तट के ऊपर-ऊपर बहा करता है*),

निर्गमन 14:26 (HINIRV) »
फिर यहोवा ने मूसा से कहा, “अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ा, कि जल मिस्रियों, और उनके रथों, और सवारों पर फिर बहने लगे।”

यहोशू 3:13 (HINIRV) »
और जिस समय पृथ्वी भर के प्रभु यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले याजकों के पाँव यरदन के जल में पड़ेंगे, उस समय यरदन का ऊपर से बहता हुआ जल थम जाएगा, और ढेर होकर ठहरा रहेगा।”
यहोशू 4:18 पर नज़र और इसका संदेश
यहोशू में यरदन पार कराने की घटना एक प्रेरक संकेत है कि परमेश्वर की वाचा के अनुसार निर्देशित कदम कितने शक्तिशाली बन जाते हैं। जब याजक, जिनके पास वाचा के सन्दूक की आकाशगिरी के समान महिमा है, यरदन के बीच से निकलते हैं, जल का अवरोध टूट कर फिर वही स्थान पर चला जाता है; यह स्वर्गीय आदेश के अनुसार पृथ्वी के जलग्रहण के नियमों को परिवर्तन कर देता है। यह घटना यह स्पष्ट करती है कि विश्वासपूर्वक कदम उठाने पर परमेश्वर अपने आश्वासन को साक्षात कर देता है।
पाठ का अध्याय-विन्यास (4ubernetes संदर्भ)
यह वाक्य Joshua 4 के समग्र प्रयोजन का भाग है, जिसमें यह बताया गया है कि यरदन के पार करने के चमत्कार ने चमत्कारिक प्रवेश के लिए मार्ग को साफ किया। यहूदा-प्रकार के लोगों के लिए यह एक स्मारक स्थापित करने का अवसर बना, ताकि पीढ़ियाँ यह देख सकें कि परमेश्वर ने उनका मार्ग कैसे रोका और फिर खोल दिया।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
अन्य शास्त्रीय दृष्टांतों से संगतता
– पवित्र पथ पर प्रभु के निर्देश के_explicit पालन से जल असामान्य रूप से बदला गया। यह घटना पुराने नियम केFaithful obedience के प्रभाव को दिखाती है, जो जेरूसलम के प्रवेश के पहले वर्णित है।
– अन्य पात्र उदाहरण भी यह दर्शाते हैं कि आशीर्वाद और चमत्कार अक्सर निवेदक के साक्षात्कार में आता है, जब लोग परमेश्वर की आज्ञाओं के अनुसार चलते हैं (उदा., नदी पार कराने में पवित्र चिह्न, पर्वतारोहण आदि)।
उपयोगी क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त विवरण)
1) निर्गमन 14-15: समुद्र के पार जल के विभाजन की याद दिलाने वाला चमत्कार; विश्वास की क्रिया और परमेश्वर के उद्धार का संकेत।
2) 2 समूएल 5: सुरक्षा और मार्गदर्शक चिह्न के रूप में प्रभु की वाणी और संकेत।
3) इब्रानी 11: विश्वास के क्षणों को स्मरण और स्मृतियाँ बनाकर अगली पीढ़ियाँ सीखती हैं।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- जब भी आप किसी बड़े परिवर्तन या परीक्षण से गुजरते हों, तो परमेश्वर के संदेश पर आधारित कदम उठाएं। आवश्यकता है; डर नहीं, विश्वास से उत्तर दें।
- धार्मिक स्मारकों और स्मृतियों के द्वारा अपनी ईश्वर-यात्रा को प्रकट करें ताकि पिढियाँ प्रेरित हों और निर्भय होकर भगवान की वाणी पर भरोसा करें।
छोटा संकल्प और निष्कर्ष
यहोशू 4:18 हमें सिखाता है कि परमेश्वर की आज्ञाओं के अनुरूप कदम उठाने से जल भी सहमत होता है और रास्ता खुलता है। यह धार्मिक जीवन में विश्वास की शक्ति और पवित्रता की महत्ता की याद दिलाता है: परमेश्वर आपके साथ है, जब आप उसकी वाचाओं पर चलेंगे।
सारांश
याजकों के पाँव यरदन के बीच से निकलते ही जल टूट गया, जिससे यरदन के पार प्रवेश संभव हुआ। यह घटना परमेश्वर की विश्वसनीयता, वाचा के पालन की महत्ता, और स्मृतियों के माध्यम से विश्वास की धारणाओं को मजबूत करने का उत्कृष्ट उदाहरण है।
नोट: इस पवित्र पाठ के लिए नीचे से Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के बिंदुवार उद्धरण आवश्यक होने पर शामिल किए जा सकते हैं; यदि उपलब्ध हों, तो वे संक्षेप में उद्धृत होंगे और उनकी मूल विचारधारा का सार प्रस्तुत किया जाएगा.