Old Testament
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यहोशू 4:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब उसने इस्राएलियों से कहा, “आगे को जब तुम्हारे बाल-बच्चे अपने-अपने पिता से यह पूछें, 'इन पत्थरों का क्या मतलब है?'
यहोशू 4:21 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 4:21 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 4:6 (HINIRV) »
जिससे यह तुम लोगों के बीच चिन्ह ठहरे, और आगे को जब तुम्हारे बेटे यह पूछें, 'इन पत्थरों का क्या मतलब है?'

भजन संहिता 145:4 (HINIRV) »
तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी-पीढ़ी होता चला जाएगा।

भजन संहिता 105:2 (HINIRV) »
उसके लिये गीत गाओ, उसके लिये भजन गाओ, उसके सब आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो!
यहोशू 4:21 का अर्थ और संदर्भ
तथ्यात्मक अर्थ: इस पवित्रvors में यहोशू ने लोगों से कहकर याद दिलाया कि वे पत्थरों को यादगार के रूप में स्थापित करें ताकि अगली पीढ़ियाँ पूछें: “इन पत्थरों का क्या मतलब है?” इसका अर्थ है कि परमेश्वर ने इस्राएल के साथ चमत्कारिक काम किया है और यह स्मरणीय चिह्न बनेंगे, ताकि आने वाले समय में स्मरण रहे कि ईश्वर ने उन्हें मिस्र से निकालकर वचनों के अनुसार देश दिया है।
पृष्ठभूमि और परिप्रेक्ष्य
यहोशू के नेतृत्व में याकूब के पुत्रों ने जॉर्डन नदी को पार किया; इस घटनाक्रम के इतिहास में यह पत्थर-चिह्न एक सार्वजनिक स्मारक बनते हैं। उन्होंने यह किया ताकि हर पीढ़ी जान सके कि ईश्वर ने उनके पूर्वजों के लिए कितने महान काम किए। यह स्मारक एक साझा स्मृति-प्रणाली है जो विश्वास-परिणामों को पीढ़ियों तक पहुँचाती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य विचार (थीमैटिक बिंदु)
अन्य प्रासंगिक पद
• निर्गमन 12:51-53 — यहूदियों के लिए ईश्वर के प्रभुत्व और मिस्र से स्वतंत्रता की स्मृति। यह घटना यहोशू 4 के स्मारक-उद्देश्य को समन्वित करती है।
• यह. 3:9-10 — यमुना पार करने के दृश्य से यह स्मृति-चिह्न की प्रेरणा मिलती है कि चमत्कार से भविष्य की आशा मिलती है।
• यहवश्व 5:15 — अगली पीढ़ियाँ सचेत हों कि वे अपने पितरों के वचनों और उनके आशीषों का उत्तरदायित्व समझें।
व्यावहारिक takeaway
1) घर में बच्चों के साथ यादों का संकलन करें—परमेश्वर के—पूर्वजों के अनुभवों को साझा करें ताकि विश्वास पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रहे।
2) हर नई पीढ़ी के प्रश्न को श्रद्धा से स्वीकारें; संतुष्टि के बजाय शिक्षा-उत्साह बढ़े।
संदर्भ और उद्धरण (सीधे उद्धरण नहीं, संदर्भ बनाम विचार)
यह भाग यह स्पष्ट करता है कि पत्थरों का स्मारक एक शिक्षा-उपाय था ताकि भविष्य के लोग परमेश्वर के चिन्हों को याद रखें।
अध्ययन के लिए संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 4:21 कहता है कि स्मृति-चिह्न धार्मिक इतिहास का स्थायित्व बनाते हैं; वे शिशुओं के लिए प्रमाण होते हैं कि ईश्वर ने उनके पूर्वजों के लिए क्या किया था और वह अब भी वही है। इसे अपने परिवार में, चर्च-समुदाय में, और समाज में एक स्थायी आस्था के स्मारक के रूप में स्वीकारना चाहिए।
उद्धरण स्रोतों के सन्दर्भ (केवल संकेतिक उल्लेख)
यह पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों के साथ संगत हैं; नीचे दिए गए शास्त्रीय टिप्पणी-रेखाएं इन विचारों से प्रेरित संरचना में पुनर्जन्म देती हैं। यदि आप उनके स्पष्ट उद्धरण चाहते हैं, तो वे विशिष्ट वाक्यों के रूप में मिलते हैं।