Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 10:1 मत्ती 10:2 मत्ती 10:3 मत्ती 10:4 मत्ती 10:5 मत्ती 10:6 मत्ती 10:7 मत्ती 10:8 मत्ती 10:9 मत्ती 10:10 मत्ती 10:11 मत्ती 10:12 मत्ती 10:13 मत्ती 10:14 मत्ती 10:15 मत्ती 10:16 मत्ती 10:17 मत्ती 10:18 मत्ती 10:19 मत्ती 10:20 मत्ती 10:21 मत्ती 10:22 मत्ती 10:23 मत्ती 10:24 मत्ती 10:25 मत्ती 10:26 मत्ती 10:27 मत्ती 10:28 मत्ती 10:29 मत्ती 10:30 मत्ती 10:31 मत्ती 10:32 मत्ती 10:33 मत्ती 10:34 मत्ती 10:35 मत्ती 10:36 मत्ती 10:37 मत्ती 10:38 मत्ती 10:39 मत्ती 10:40 मत्ती 10:41 मत्ती 10:42



सीधे अर्थ की घोषणा
मत्ती 10:18 का अर्थ है कि यीशु उनके शास्ती-प्रेषितों को राज्यपालों, राजाओं और अन्यजातियों के सामने गवाही देने के लिए भेज रहा है। उनके कलम के साथ मुठभेड़ के समय, यह मिशन बिना डर के, प्रचार के साथ, आत्म-सम्पन्न अनुभवों पर आधारित था ताकि सच बातों के माध्यम से विश्व को दर्शाया जा सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह वाक्य मत्ती 10 अध्याय का भाग है, जब यीशु अपने बारह चेलों को भेजते हैं और उन्हें सताने की संभावना का पूर्व-चेतावनी देते हैं। वे कहते हैं कि लोगों के बीच जाकर उनके सहज-भरोसे, पथप्रदर्शक और न्याय के मानकों को उजागर कर, परमेश्वर के kingdom की पुष्टि करनी है। उस समय के राजनीतिक-धार्मिक परिदृश्य में यह एक साहसी और नई प्रकार की गवाही थी, जिसमें यीशु की शिक्षाओं की स्पष्ट और सार्वजनिक प्रस्तुति आवश्यक थी।
गहन व्याख्या के बिंदु
संयोजनात्मक निष्कर्ष
इस वचन से ज्ञात वस्तु यह है कि ईश्वर की योजना में हर आह्वान और अध्याय-परिवर्तन के लिए तैयारी चाहिए। मशक्लें आएँगी, पर गवाही सत्य की रोशनी है जो मानवीय व्यवस्थाओं से परे हैं।
संदर्भ-सम्बन्ध
1) मत्ती 28:18–20: संसार के सभी प्रांतों तक जाकर शिष्य बनाना और प्रभु के नाम से baptized करना—गवाह करणे की दायित्व की व्यापकता को दोहराता है। यह पूर्व-पूर्वक बताये गए मिशन का विस्तार है।
2) मरकुस 13:9–11: भय के समय भी गवाही की तैयारी—पवित्र आत्मा द्वारा दिए गए शब्दों की प्रेरणा और धैर्य की भूमिका स्पष्ट होती है।
3) लूका 21:12–15: प्रेरितों के लिए आत्म-त्याग के समय परमेश्वर की सहायता के आश्वासन को रेखांकित किया गया है।
छोटा वास्तविकTakeaway
विश्वास की गवाही के लिए तैयार रहें, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। परमेश्वर का उद्देश्य फिर भी आगे बढ़ता है, और साहस के साथ जो कहा गया है, वही सच है।