Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 10:1 मत्ती 10:2 मत्ती 10:3 मत्ती 10:4 मत्ती 10:5 मत्ती 10:6 मत्ती 10:7 मत्ती 10:8 मत्ती 10:9 मत्ती 10:10 मत्ती 10:11 मत्ती 10:12 मत्ती 10:13 मत्ती 10:14 मत्ती 10:15 मत्ती 10:16 मत्ती 10:17 मत्ती 10:18 मत्ती 10:19 मत्ती 10:20 मत्ती 10:21 मत्ती 10:22 मत्ती 10:23 मत्ती 10:24 मत्ती 10:25 मत्ती 10:26 मत्ती 10:27 मत्ती 10:28 मत्ती 10:29 मत्ती 10:30 मत्ती 10:31 मत्ती 10:32 मत्ती 10:33 मत्ती 10:34 मत्ती 10:35 मत्ती 10:36 मत्ती 10:37 मत्ती 10:38 मत्ती 10:39 मत्ती 10:40 मत्ती 10:41 मत्ती 10:42



मत्ती 10:40 — क्यों यह verse महत्व रखता है
यही एक सरल, पर गहरी परीक्षा है कि हम किसकी सेवा कर रहे हैं और वह सेवा कैसे एक विश्वासभरी सम्बन्ध को मूर्त रूप देती है। जहां–जहां यीशु अपने संदेश को फैलाने के लिए प्रेरितों को भेजते हैं, वहाँ यह वचन बताता है कि एक दयालु, ज्ञात और भरोसेमंद स्वागत, परमेश्वर के एक प्रकार का स्वागत है। जो किसी को ग्रहण करता है, वह न केवल मानव प्रस्तुतकर्ता को स्वीकार करता है, बल्कि उस व्यक्ति के पीछे भेजने वाले को भी ग्रहण करता है। यह कहने का उद्देश्य यह है कि ईश्वर की योजना और पहिचान एकजुट हैं: यीशु के समर्थक और उनकी प्रेरणा उसी पुराने अंश के अनुरूप है जो घनिष्ठ सम्बन्ध और आदर्श सेवा की महत्ता पर बल देता है।
जीवनानुसार संदर्भ और मतलब
यह उद्धरण मत्ती के Gospel में उन अवसरों से उपजा है जब यीशु प्रेरितों को शिखर तक उठाने और उन्हें उनकी सेवाओं के लिए भेजते हैं। यह एक व्यापक नैतिक निर्देश है—जो भी यीशु के साथ जुड़कर कार्य करता है, वह सीधे परमेश्वर के ऑथरिटी और मिशन को ग्रहण कर रहा है। इसका संदेश एकरूपता और विश्वसनीयता का है: आंतरिक आशीष वही पाता है जिसका स्वागत सचमुच और व्यवस्थित रूप से होता है।
मुख्य संदेश
वाचन-सम्बन्ध और दृढ़ विचार
नीचे कुछ प्रमुख विचार आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करते हैं:
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त अर्थ के साथ)
युक्त क्रॉस-रेफरेंसेस जिनसे यह verse समर्थित होता है:
सार और एक छोटा-सा प्रचार
यह पद सिखाता है कि ईश्वर के Kingdom का किरदार और कार्य स्थिर और एकीकृत है। यदि आप किसी भी धार्मिक सेवा या मिशन में भाग लेते हैं, तो याद रखें कि आपका स्वागत, आपके साथ आने वाले संदेश, और अंततः परमेश्वर के उद्देश्य को ग्रहण करने की आपकी श्रद्धा—तीनों एक ही स्रोत से आते हैं। यह दृष्टिकोण किसी भी कठिनाई के समय励 देता है कि सत्य, प्रेम और आरोहण का काम एक ईश्वरीय योजना का हिस्सा है।
संकेत स्वरूप देवotional विचार
अपने दैनिक जीवन में इस verse के आलोक से विचार करें: क्या आप सचमुच यीशु के संदेश को ग्रहण करते हैं, और क्या वह संदेश आपको God‑given mission के अनुसार चलने के लिए प्रेरित कर रहा है? जिस तरह आपको लोगों के साथ प्रेमपूर्ण स्वागत मिलता है, उसी तरह आप परमेश्वर की ओर से भेजे गए लोगों के साथ भी खुले दिल से व्यवहार करें।