Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 10:1 मत्ती 10:2 मत्ती 10:3 मत्ती 10:4 मत्ती 10:5 मत्ती 10:6 मत्ती 10:7 मत्ती 10:8 मत्ती 10:9 मत्ती 10:10 मत्ती 10:11 मत्ती 10:12 मत्ती 10:13 मत्ती 10:14 मत्ती 10:15 मत्ती 10:16 मत्ती 10:17 मत्ती 10:18 मत्ती 10:19 मत्ती 10:20 मत्ती 10:21 मत्ती 10:22 मत्ती 10:23 मत्ती 10:24 मत्ती 10:25 मत्ती 10:26 मत्ती 10:27 मत्ती 10:28 मत्ती 10:29 मत्ती 10:30 मत्ती 10:31 मत्ती 10:32 मत्ती 10:33 मत्ती 10:34 मत्ती 10:35 मत्ती 10:36 मत्ती 10:37 मत्ती 10:38 मत्ती 10:39 मत्ती 10:40 मत्ती 10:41 मत्ती 10:42



मत्थाय 10:19 का सीधे अर्थ
युद्ध के बीच, जब ईश्वर के दासों पर विपत्ति के मौके हों, तब प्रभु यह बाँध देते हैं कि भय या शब्दावली से नहीं, पर उसी समय परम आत्मा उन्हें आवश्यक शब्द और साहस देगा। इससे स्पष्ट है कि विश्वासयोग्य गवाही के समय स्वर्गीय सहायता उपलब्ध रहती है।
पूरा संदर्भ
यूहंस यीशु ने अपने चेलों को भेजने से पहले उन्हें चैलेंज किया कि वे विपक्षी नेताओं के सामने साक्षी बनें। वे बतलाते हैं कि persecution के समय किसी के सामने क्या कहें—क्योंकि यह परमात्मा की योजना है कि वे संकेतित अवसरों पर उसे गवाही दें। यह शिक्षा विशेष तौर पर उन परिस्थितियों के लिए है जहाँ शब्द-कौशल पर निर्भरता बनती है, न कि अपनी समझ पर।
व्याख्यात्मक अवलोकन
आउटलाइन: 2-3 प्रमुख निष्कर्ष
अन्य आयतों से सम्बद्ध विचार
• मिशन के समय cowardice के बजाय साहस: पहेलियों के बीच भी परमेश्वर की योजना की पूर्ति हो।
• विश्वास-गवाही के समय आत्म-निर्भरता नहीं, बल्कि परमेश्वर की आत्मा की अनुग्रहशील मौजूदगी।
• स्पष्ट चेलापन: शत्रु के दबाव के बावजूद साक्ष्य देने की दृढ़ इच्छा बनी रहे।
Cross-reference के छोटे संकेत और उनका सार
• लूका 12:11-12: विपत्ति के वक्त कैसे निर्देश दिये जाएँ—पिता-पवित्र आत्मा की सहायता के बारे में।
• मरकुस 13:11: जो समय पर कहा गया हो, वही बोले जाए; पवित्र आत्मा स्मरण दिलाये।
• यूहन्ना 14:26: प्रशिक्षित होने पर आत्मा क्या करे—याद दिलाने और समझाने का कार्य करे।
संदर्भित भाष्य से संक्षेप
मथ्यू हेनरी ने कहा, यह वचन यह दर्शाता है कि प्रेरितों के समय बाहरी दबाव में भी आन्तरिक निर्देश पवित्र आत्मा देते हैं।
एलबर्ट बार्न्स ने बताया कि यहाँ भूमिका नहीं, बल्कि भरोसा है—कि शब्द स्वतः निकलेंगे क्योंकि प्रभु अपने समय में मार्गदर्षण देता है।
एडम क्लार्क ने नोट किया कि यह लाभ तब है जब दिल साफ़ हो और हृदय परमेश्वर के लक्ष्य के प्रति समर्पित हो।
संक्षेपित praktiya takeaway
कठिन समय में भी ईश्वर आपकी बोली तय नहीं करता, बल्कि आत्मा का मार्गदर्शन आपके शब्द बनाता है। भय न मानें—यदि आप सचमुच परमेश्वर के पथ पर हैं, तो वह अवसर-निर्माता बनकर आपके लिए सही वाक्य प्रदान करेगा।