Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 10:1 मत्ती 10:2 मत्ती 10:3 मत्ती 10:4 मत्ती 10:5 मत्ती 10:6 मत्ती 10:7 मत्ती 10:8 मत्ती 10:9 मत्ती 10:10 मत्ती 10:11 मत्ती 10:12 मत्ती 10:13 मत्ती 10:14 मत्ती 10:15 मत्ती 10:16 मत्ती 10:17 मत्ती 10:18 मत्ती 10:19 मत्ती 10:20 मत्ती 10:21 मत्ती 10:22 मत्ती 10:23 मत्ती 10:24 मत्ती 10:25 मत्ती 10:26 मत्ती 10:27 मत्ती 10:28 मत्ती 10:29 मत्ती 10:30 मत्ती 10:31 मत्ती 10:32 मत्ती 10:33 मत्ती 10:34 मत्ती 10:35 मत्ती 10:36 मत्ती 10:37 मत्ती 10:38 मत्ती 10:39 मत्ती 10:40 मत्ती 10:41 मत्ती 10:42



मुख्य विचार: प्रेरित चारों ओर से चुने गए बारह
मत्ती 10:3 के संदर्भ में यह सूची यीशु के चयनित चेलों की भूमिका और उनके भौगोलिक-समुदायिक पृष्ठभूमि को दिखाती है। यहाँ फिलिप्पुस और बरतुल्मै, थोमा, और मत्ती जैसे लोग-जो पहले से परिचित नहीं होते-भी शामिल हैं; साथ ही हलफईस का पुत्र याकूब और तद्दै। यह क्रम दिखाता है कि प्रेरितों की क्वार्मिक विविधता ईश्वर की योजनात्मक पूर्ति के लिए कितनी आवश्यक है: प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग पहचान से पूरा मिशन उभर कर आता है।
साहित्यिक संदर्भ और संरचना
प्रेषितों की यह सूची, मत्ती के gospel के शुरुआती अध्यायों में प्रस्तुत है ताकि पाठक यह समझ सके कि यीशु ने किन-किन सामाजिक-जातीय पृष्ठभूमि के लोगों को चुना और उन्हें किस प्रकार क्रियाशील सेवक-रूप में हराया। इस अनुभाग में नामों के साथ उनके सामाजिक परिचय भी होते हैं—एक टैक्स कलेक्टर, एक फौरन-खोजने वाला, एक तटस्थ-आत्माओं वाला समूह—जो यह संकेत देता है कि ईश्वर की कृपा कभी-भी सीमाओं में नहीं बंधती।
धर्मशास्त्रीय महत्व
इन नामों की विविधता से यह शिक्षा निकलती है कि ईश्वर अपने कार्यक्रम के लिए मानवीय सीमाओं को पार कर सकता है। यह प्रेरित-चयन मानविक चयन के बजाय परमेश्वर की योजना पर निर्भर है। जहां तक Barnes, Henry, और Clarke के प्रकाशन-आलेखों की समालोचना है, वे दिखाते हैं कि प्रेरितों के चयन में नैतिक या सामाजिक उन्नति नहीं, बल्कि धर्मी बुलाहट और सेवक-ताकत की आवश्यकता अधिक है।
क्रॉस-रेफरेंसेस और सम्बद्ध विचार
कन्धितरेषा के तौर पर आप Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के उद्धरणों के छोटे-छोटे स्पष्ट-उद्धरण देखेंगे:
• Matthew Henry: “The disciples were chosen to be with Christ, and to be sent forth to preach.”
• Albert Barnes: “Christ did not choose men from the learned and noble alone, but from common life, to show that His grace can save the humble.”
• Adam Clarke: “The office of the apostles was not to be served by men of wealth, but by men who would prove faithful under hardship.”
प्रश्न-चिंतन के लिए प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
मत्ती 10:3 हमें दिखाता है कि ईश्वर की योजना लोगों की पहचान से ऊपर है। प्रेरितों की यह पंक्ति दूसरों के साथ सहयोग, विविधता में एकता, और प्रभु के आह्वान पर निर्भर रहने की शिक्षा देती है। यह क्रिया-बल और विश्वास के संतुलन की याद दिलाती है कि सुसमाचार अनंत तक फैला है—हर प्रकार के चेलों के लिए।