Old Testament
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रोमियों 10:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और यदि भेजे न जाएँ, तो क्यों प्रचार करें? जैसा लिखा है, “उनके पाँव क्या ही सुहावने हैं, जो अच्छी बातों का सुसमाचार सुनाते हैं!” (यशा. 52:7, नहू. 1:15)
रोमियों 10:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रोमियों 10:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 52:7 (HINIRV) »
पहाड़ों पर उसके पाँव क्या ही सुहावने हैं जो शुभ समाचार लाता है, जो शान्ति की बातें सुनाता है और कल्याण का शुभ समाचार और उद्धार का सन्देश देता है, जो सिय्योन से कहता हैं, “तेरा परमेश्वर राज्य करता है।” (प्रेरि. 10:36, रोम. 10:15, नहू. 1:15)

नहूम 1:15 (HINIRV) »
देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनानेवाला और शान्ति का प्रचार करनेवाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह दुष्ट फिर कभी तेरे बीच में होकर न चलेगा, वह पूरी रीति से नष्ट हुआ है। (प्रेरि. 10:36, रोम. 10:15 इफि. 6:15)

इफिसियों 2:17 (HINIRV) »
और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दोनों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। (इफि. 2:13, प्रेरि. 2:39)
रोमियों 10:15 — तुरंत संदर्भ और संदेश
पवित्रशास्त्र का यह पाठ संदेश देता है कि सुसमाचार को फैलाने के लिए प्रेरित और भेजे जाना आवश्यक है। प्रियगण, अगर संदेशवाहक नहीं भेजे जाएँ, तो प्रचार कैसे होगा? इस वाक्य में अश्वासन है कि परमेश्वर चाहतें हैं कि उद्धार का सुसमाचार साक्षात्कार के साथ पूरी दुनिया तक पहुँचे; और इसके लिए परमेश्वर ने मददगार व्यक्तियों को नियुक्त किया है ताकि महान उद्धार का निःस्वार्थ वितरण हो सके।
परमेश्वर और विश्वास का खुलासा
यह पाठ दर्शाता है कि विश्वास का चालू क्रम शब्दों से नहीं बनता, बल्कि पहिले प्रचार और प्रचार से विश्वास जन्म लेता है। जैसे धर्मशास्त्र में कहा गया है, राजमार्ग उन लोगों के लिए खुलते हैं जो सुनते हैं, और सुनाने वाले के द्वारा ही लोग प्रभु को पहचान पाते हैं। इसलिए उद्धार का संदेश एकात्मक है: परमेश्वर की योजना में धार्मिक proclamation और मानवीय भागीदारी एक साथ चलते हैं।
शब्दों के अर्थ और imagery
“उनके पाँव क्या ही सुहावने हैं” एक चित्र है जो यह बताता है कि जो लोग अच्छा समाचार लाते हैं, वे स्थिति को सुंदर और प्रसन्न बनाते हैं। ईश्वर की योजना में संदेशवाहक एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं; उनके कदम पथ पर चमक पैदा करते हैं और जनता को उद्धार की दिशा दिखाते हैं।
प्रSiंशित क्रॉस-रिफरेंसेस
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि सुसमाचार का प्रचार परमेश्वर के सामर्थ्य और मानवीय सहभागिता दोनों पर निर्भर है।
पद का आधुनिक अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में इसका संदेश यही है: खड़े हों, सत्य को स्पष्ट करें, और मित्रों-परिचितों तक प्रभु यीशु का सुसमाचार पहुँचाने के लिए तैयार रहें। चाहे आप प्रचारक हों या दया-दृष्टि रखने वाले सहभागी, प्रत्येक कदम जिस पर आप चलेंगे, वह उद्धार के संदेश को सुगठित रूप से फैलाने में समर्थ हो सकता है।
हस्ताक्षरित उद्धरण (संदर्भित टिप्पणीकारों से)
यदि आवश्यक हो, तो नीचे तीन प्रमुख पवित्र-ग्रंथ टिप्पणीकारों के विचार संक्षेप में मिलते हैं:
इनमें से हर टिप्पणीकार ने यह संकेत किया है कि प्रवचन और प्रचार के बिना विश्वास का संस्थापन नहीं होता; और न ही उद्धार का संदेश बिना भेजे जाएँ फैल सकता है.