रोमियों 10:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु क्या कहती है? यह, कि “वचन तेरे निकट है, तेरे मुँह में और तेरे मन में है,” यह वही विश्वास का वचन है, जो हम प्रचार करते हैं।

पिछला पद
« रोमियों 10:7
अगला पद
रोमियों 10:9 »

रोमियों 10:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियों 10:8 — इसका महत्व और संदेश

यह वचन बताता है कि ईश्वर की उद्धारकारी ग्रहणशीलता न तो दूर है और न ही कठिन; यह मनुष्य के निकट है, मुँह और मन के माध्यम से पहुँचती है। एस्थान पर, यह वही विश्वास का वचन है जो प्रेरित पौலूस अपने प्रचार में प्रस्तुत कर रहे हैं। इस वचन का मूल आशय यह है कि उद्धार के लिए आवश्यक उत्तर और विश्वास हृदय में पैदा होता है, और उसे मुख से स्वीकारना या बोलना एक व्यक्तिगत, व्यावहारिक क्रिया बनती है।

पार्श्व पृष्ठभूमि (Original context)

पौलूस रोमियों को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि न सिर्फ जातीय इस्राइल, बल्कि सभी लोग ईश्वर की राहत को स्वीकार कर सकते हैं—यदि वे सचेत, तैयार और विश्वासपूर्वक उसकी प्रकट बात को अपनाते हैं। यह उद्धार की रास्तेदारी सत्य को नज़दीक रखने के साक्ष्यों में से एक है: ईश्वर का वचन मानव तक पहुँचा है और वह अब भी हर कोण में संदेश बन कर आया है।

मुख्य संदेश

  • विश्वास का मार्ग सरल है: वचन निकट है, मुँह में और मन में है—यानी प्रभु की आराधना और विश्वास का निर्णय बुद्धि-हृदय में तैयार है।
  • ईश्वर के पास आने के लिए दूरी नहीं घटती; उद्धार का संदेश मानव की सरल स्वीकृति पर निर्भर है।
  • यह वही विश्वास है जिसे हम प्रचार करते हैं—इसमें निष्कर्ष है कि उद्धार का केंद्र यीशु मसीह का प्रेम और उसकी इच्छा है कि सभी सुनें और विश्वास करें।

पवित्र बाइबिल से इसके प्रमुख थीम

- निकटता और पहुँच: ईश्वर का समाधान व्यक्ति तक आ पहुँचा है; यह दूरी नहीं बनाता।

- विश्वास की सरलता: उद्धार का प्रश्न मनोवृत्ति और इस बात पर निर्भर है कि हम उसे अपने दिल से स्वीकारते हैं।

- प्रचार का केन्द्र: विश्वास का संदेश जिसे प्रचारित किया गया है, वह यीशु के प्रस्ताव पर आधारित है।

Cross-references (संक्षिप्त व्याख्या)

1) יेहोल 3:16 (यूहन्ना 3:16) — प्रेम और निकटता का सिद्धांत एक सर्वोच्च उद्धारक प्रेम के रूप में स्पष्ट होता है; उद्धार की घोषणा और विश्वास का respondió एक ही स्रोत से आता है।

2) रोमियों 9:30-33 — यह दिखाता है कि कैसे विश्वास की रेखा जातीय सीमाओं से ऊपर उठकर फैलती है, और वचन की निकटता लोगों के लिए एक अवसर बनती है।

3) 로마서 11:20-21 — कृपा की सुरक्षा और मनुष्यों के लिए प्रभु की दृष्टि को याद दिलाते हैं कि विश्वास में स्थिर रहना आवश्यक है।

दर्शन/आत्म-चिंतन

यह वचन हमें याद दिलाता है कि उद्धार अकेले दूरी की समस्या नहीं है, बल्कि एक प्रतिक्रया का काम है—हम प्रत्येक दिन अपने शब्दों और विश्वास के मालिक बन्ने के लिए एक निर्णय लेते हैं। सरल-सी बातें कहती हैं: प्रभु का वचन हमारे भीतर, हमारे मुंह और हमारे विचारों में है; यह जीवन में उद्धार के लिए आवश्यक विश्वास की एक प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है। आत्म-समझ के लिए प्रार्थना करें कि हमारे मन और कृपा से भरे हों और हमारा जीवन इस निकटता के अनुरूप हो।

उद्धार के यह सरल संकेत Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की टिप्पणियों के स्वर से भी मेल खाते हैं, जहाँ वे इस वचन को जीवन के वास्तविक परिवर्तन के पहिये के रूप में देखते हैं—जिनमें विश्वास एक ऐसा मार्ग है जिसे हम जीते हैं, बोलते हैं और प्रचार करते हैं।

छोटे संदर्भ सुझाए गए हैं ताकि पाठक आगे देख सकें: यूहन्ना 1:12, रोमियों 3:22, रोमियों 4:5

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 10:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 30:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 30:14 (HINIRV) »
परन्तु यह वचन तेरे बहुत निकट, वरन् तेरे मुँह और मन ही में है ताकि तू इस पर चले। (रोमी. 10:6)

1 तीमुथियुस 4:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 तीमुथियुस 4:6 (HINIRV) »
यदि तू भाइयों को इन बातों की सुधि दिलाता रहेगा, तो मसीह यीशु का अच्छा सेवक ठहरेगा; और विश्वास और उस अच्छे उपदेश की बातों से, जो तू मानता आया है, तेरा पालन-पोषण होता रहेगा।

रोमियों 1:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 1:16 (HINIRV) »
क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लज्जाता, इसलिए कि वह हर एक विश्वास करनेवाले के लिये, पहले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये, उद्धार के निमित्त परमेश्‍वर की सामर्थ्य है। (2 तीमु. 1:8)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें