यशायाह 10:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

देश-देश के लोगों की धन-सम्पत्ति, चिड़ियों के घोंसलों के समान, मेरे हाथ आई है, और जैसे कोई छोड़े हुए अण्डों को बटोर ले वैसे ही मैंने सारी पृथ्वी को बटोर लिया है; और कोई पंख फड़फड़ाने या चोंच खोलने या चीं-चीं करनेवाला न था।”

पिछला पद
« यशायाह 10:13
अगला पद
यशायाह 10:15 »

यशायाह 10:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 10:14 पर हिन्दी टीका

यशायाह अध्याय 10 में ईश्वर के न्याय और दृढ़ दंड की तैयारी प्रकाशमान है। यहाँ गलत नीति-निर्माण और औचित्यपूर्ण हथियारों से शासन करने वाले अधिनायककर्मियों के लिए परमेश्वर का विरोधाभासी व्यंग है। 10:14 में राजा-युग की सत्ता-लाभ की अंधी निगाह और पृथ्वी पर अपनी पूरी पकड़ बना लेने की उनकी चाह अपने अंत की ओर ले जाती है; परमेश्वर की योजना के आलोक में यह सब एक क्षणभंगुर शक्ति-आत्मिक असफलता है।

केंद्रीय अर्थ

वाक्य में कहा गया है कि देश-देश के लोगों की धन-सम्पत्ति, चिड़ियों के घोंसलों के समान, मेरे हाथ आई है—यानी परमेश्वर की प्रभुता के नीचे सब कुछ आ गया है। जैसे कोई छोड़े हुए अण्डों को बटोर लेता है, वैसे उसने पूरी पृथ्वी को बटोर लिया है; कोई पंख फड़फड़ाने या चोंच खोलने या चीं-चीं करनेवाला न था। यह चित्रातmig, एक न्यायी निर्णय के दौरान शासन की शक्तियों के तिरस्कार और उनकी निर्भयता की विडंबना बताता है। परमेश्वर जो कुछ भी देता है और जो कुछ भी रोकता है, सब उसकी अनुमति से है; लेकिन अधिनायककर्मियों के लिए यह चेतावनी है कि उनका अनुपात-संयम हटा लिया जाएगा यदि वे खुद को परमेश्वर के विरुद्ध ऊँचा उठाते हैं।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • ईश्वर की सार्वभौमिकता: सर्वत्र वही रहता है—धन, शक्ति, और साम्राज्य सब उसकी इच्छा के अधीन।
  • न्याय की स्थिति: दूसरी दिशा में की गई अंध-नीतियों के परिणामस्वरूप शीघ्र बटवारा और अंततः विनाश संभव है।
  • हथियारों की निर्भरता का विनाश: बाहरी समृद्धि पर निर्भरता अंततः खाली हो जाती है जब परमेश्वर विमर्श को निर्णायक बनाता है।

संबंधित पद

- यशायाह 9:20-21: न्याय और विभाजन की तीखी चेतावनी जो मानव सत्ताओं के लिए आवश्यक है।

- यशायाह 10:5-6: असुर-सम्राट के लिए आरम्भिक दंड का उद्देश्य और उसकी नीति का उद्देश्य स्पष्ट होता है।

- फिर ऐसी ही शक्तिशाली ताबेदारी से उद्धारक-आशा: यहूदियों के लिये परमेश्वर की योजना में दंड के बाद कृपा के क्षण भी आते हैं।

व्यावहारिक विचार

हम अपने जीवन में आर्थिक और प्रशासनिक दबावों के कारण कभी-कभी आत्म-केन्द्रित निर्णय लेते हैं—परन्तु इस पद से हमें स्मरण हो कि वास्तविक सुरक्षा परमेश्वर की अनुमति और उनकी योजना में है, न कि अपने शक्तिशाली कब्जे में। आत्म-गर्व सड़ांध है; आज के समय में भी यदि हम धन के पीछे दौड़ें, तो हमारी कुटुम्ब-जीवन और ईश्वर-निर्भरता कमजोर पड़ सकती है। इसे संतुलित रखने के लिये नीचे के सुझाव उपयोगी हैं:

  • अपने संसाधनों को ईश्वर की इच्छा में निवेशें; लाभ के साथ जवाबदेही भी रखें।
  • अपने अधिकार-विश्लेषण में नम्रता बनाए रखें और दूसरों के लिये सहानुभूति रखें।

छोटे cross-reference सार

- दानी की यहसी: यह दर्शाता है कि दूसरों के साथ न्याय के साथ समृद्धि बाँटना परमेश्वर की इच्छा है।

- भजन 62:2: एकांत-आस्था में असली सुरक्षा परमेश्वर में है, न कि धन-सम्पत्ति में।

- मत्ती 6:19-21: आकाशीय धरोहर की महत्ता के बारे में स्पष्ट मार्गदर्शन देता है—जहाँ तुम्हारा धैर्य है, वही तुम्हारी धरोहर है।

संक्षिप्त पुनरावलोकन

यशायाह 10:14 के माध्यम से परमेश्वर अपने अधिकार की गम्भीरता और मानव-निर्णयों के क्षणभंगुरपन को उजागर करते हैं। धन-सम्पत्ति और शक्ति जैसी पृथ्वी-परक चीजें अंततः परमेश्वर की योजना के सामने स्वमुक्त नहीं हो सकतीं; परन्तु यह भी सत्य है कि उनका सही उपयोग श्रद्धा, नम्रता और सेवा-उद्धेश्य से किया जाए तो वे आश्रय बन सकती हैं। एक असल निष्कर्ष यह कि सत्यापित नियंत्रण परमेश्वर के हाथ में है, और उसका न्याय बिन-झंझट पूरा होगा।

मुख्य उद्धरण (मानक टिप्पणीकारों से):

“देश-देश के लोगों की धन-सम्पत्ति ... मेरे हाथ आई है” (यशायाह 10:14)।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 10:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 31:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 31:25 (HINIRV) »
या अपने बहुत से धन या अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता,

नीतिवचन 21:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 21:6 (HINIRV) »
जो धन झूठ के द्वारा प्राप्त हो, वह वायु से उड़ जानेवाला कुहरा है, उसके ढूँढ़नेवाले मृत्यु ही को ढूँढ़ते हैं।

नीतिवचन 18:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 18:12 (HINIRV) »
नाश होने से पहले मनुष्य के मन में घमण्ड, और महिमा पाने से पहले नम्रता होती है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें