यशायाह 10:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस कारण प्रभु अर्थात् सेनाओं का प्रभु उस राजा के हष्टपुष्ट योद्धाओं को दुबला कर देगा, और उसके ऐश्वर्य के नीचे आग की सी जलन* होगी।

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यशायाह 10:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 10:16 – संक्षिप्त अर्थ

इस पद में परमörer प्रभु का क्रोध राजा-शासन और उसकी सैन्य शक्ति के प्रति इंगित है; वह उस दुर्जेय शक्ति को ढह कर देगा ताकि उसका अभिमान खंडित हो और उसकी सामाजिक-सार्वभौमिक स्थिति नष्ट हो जाए।

पार्श्वभूमि और संदर्भ

यशायाह की पुस्तक में असुर की सेना और यहूदी राष्ट्र के लिए परमेश्वर की चीत्कारित चेतावनी दो दृश्य बनाते हैं: एक ओर असुर-सम्राट का अजेय स्वर्णिम प्रभाव, दूसरी ओर परमेश्वर का न्याय जो ठेठ सैन्यबल को भी क्षीण कर देता है। इस verse में “प्रभु अर्थात् सेनाओं का प्रभु” वह प्रार्थना है जो यहूदा-राष्ट्र के विरुद्ध ऊँचे-ऊँचे सपनों को चूक देती है। एक शक्तिशाली राजा की महिमा, उसके विशाल मंदिर और घुड़सवार सेना—सबकुछ अल्पकालिक है; परमेश्वर की तृप्ती के सामने वह सब अस्त होता है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • ह्रास और नष्टि: भगवान की योजना से राजा के “हष्टपुष्ट योद्धाओं” का दुबला होना, उसका शक्ति-गर्व गिरना है। यह दिखाता है कि पृथ्वी-शक्तियाँ सम्बन्धित समय में सीमित हैं, परोक्ष रूप से परमेश्वर की सत्ता स्थिर है।
  • आग की जलन: ऐश्वर्य के भीतर जलन जैसा भाव लागत है—जो प्रभु के विरुद्ध दिखे, उसका परिणाम भीषण है; प्रतिशोध और पवित्र न्याय एक साथ चलते हैं।
  • निषेध और रक्षा: यह पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर अपने लोगों को दमनकारी शक्तियों से बचाने के लिए कभी-कभी कठोर कदम उठाते हैं, ताकि उनके विश्वास और विश्वस को दृढ़ किया जा सके।

मुख्य विचार (थीमैटिक बिंदु)

कथन-नजदीकी क्रॉस-रेफरेंसेस

• निर्गम 15:3: परमेश्वर की युद्ध-यात्रा और पवित्र सेना के रूपक से प्रेरणा मिलती है—युध्द के मैदान में भी उसका नियंत्रण है।

• दान 4:34: सत्यापित करता है कि परमेश्वर के हाथ में सभी शक्ति है और वह दिलों को बदल सकता है।

• मत्ती 10:28: पृथ्वी के शरीरों पर नहीं, बल्कि प्रभु की अदालत पर अटल रहता है—यहाँ नष्टि का संदर्भ आत्म-संरक्षण के साथ जुड़ता है।

व्याख्या: इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि प्रभु की योजना में योद्धाओं का क्षय एक चेतावनी है, ताकि अंधेरों के विरुद्ध ईश्वर का विश्वासी समुदाय सुरक्षित रहे और उसका विश्वास मजबूत हो।

संक्षेपित practically applicable takeaway

जो प्रभावशाली दिखाई दें, वे क्षणिक हैं; स्थिरता और सुरक्षा परमेश्वर की कृपा में है। जब परिवर्तन या आघात आए, तब विश्वास की आँखें उसकी सत्ता पर टिकाएं, और अपने कदमों को उसकी योजना के अनुसार रखिए।

नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के सीधे उद्धरण आवश्यक होने पर स्थानांतरित रूप में हों, पर यहां संक्षेप और संदर्भ-निहित पाठ के भीतर उनका उपयोग हुआ है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 10:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 30:30 (HINIRV) »
और यहोवा अपनी प्रतापीवाणी सुनाएगा, और अपना क्रोध भड़काता और आग की लौ से भस्म करता हुआ, और प्रचण्ड आँधी और अति वर्षा और ओलों के साथ अपना भुजबल दिखाएगा। (भज. 18:13-14)

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