यशायाह 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मनुष्य का गर्व मिटाया जाएगा, और मनुष्यों का घमण्ड नीचा किया जाएगा; और उस दिन केवल यहोवा ही ऊँचे पर विराजमान रहेगा।

पिछला पद
« यशायाह 2:16
अगला पद
यशायाह 2:18 »

यशायाह 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 2:17 का परिचय और संदर्भ

यशायाह की नीतिगत भागों में परमेश्वर के पवित्र शिविर और ईश्वर के राज्य का स्थान उजागर होता है। इस पद में भविष्यवाणी की दृष्टि से उस दिन का चित्रण है जब मानवीय घमण्ड समाप्त हो जाएगा और केवल यहोवा ही ऊँचे पर विराजमान रहेगा। यशायाह 2 के संदर्भ में यह संदेश मध्यपूर्व के शांति-युग की आशा से जुड़ा है, जहाँ राष्ट्र-राज्य अपने-अपने निर्बलों-घमण्डों को छोड़ कर भगवान के प्रभावशाली शासन का केंद्र बनेंगे।

मुख्य अर्थ

कुल मिलाकर यह वाक्य स्पष्ट करता है कि मानव का घमण्ड क्षणिक है और परमेश्वर के सामने उसकी सत्ता नितांत तुच्छ है। दिन आएगा जब लोग अपने ऊँचे गुण-गान, धन-दौलत और सैन्य शक्ति खो देंगे और केवल परमपिता यहोवा ही सर्वोच्च स्थान पर विराजमान होंगे। यह तब के भावी राज्य की चिरस्थायी स्थिति का संकेत देता है जब ईश्वर ही सभी पर शासन करेगा।

दो प्रमुख थीम

  • घमण्ड का निष्कासन: मानव-निर्भरता की जगह परमेश्वर की प्रभुता स्थापित होती है। यहोवा के सामने हर गड़गड़ाहट मानों खो जाती है, और घमण्ड का शिखर नीचा हो जाता है।
  • ईश्वर का महत्त्वपूर्ण राज: इस दिन केवल वह ही ऊँचे पर विराजमान होगा, जो सदा से चिरस्थापी है। मानव के सृजनात्मक समृद्धि के बावजूद, वास्तविक ऊँचाई उसकी है जिसकी सत्ता परमेश्वर की है।

संबद्ध आयतें (क्रॉस-रेफरेंसेस)

1) यशायाह 11:10 — “उस दिन वह राष्ट्रों की आश्रयस्थली होगा; लोगों को उसकी न्याय की ज्योति रोशन करेगी।” यह संदर्भ यह बताता है कि विश्व के अंतःकरण में परमेश्वर के राज्य का प्रकाश प्रमुख है।

2) यूहन्ना 5:30 — "मैं अपने आप नहीं कर सकता; जैसे पिता कराते हैं, वैसा ही मैं भी करूँगा।" यह बताता है कि ईश्वर के समानता और प्रभुता ही वह आधार है जिस पर संसार का तंत्र टिका है।

3) फिलिप्पियों 2:9-11 — “क्योंकि इसलिए परमेश्वर ने उसे ऊँचे स्थान में उठाया, ताकि हर नीचे झुक जाए और हर भाषा यहोवा यीशु मसीह की तरफ बहे।” उद्धरणार्थ यह दर्शाता है कि महिमा और घमण्ड का निषेध कैसे परमेश्वर के अधीन होता है।

व्यावहारिक आध्यात्मिक चिंतन

1) आज के संदर्भ में यहोवा की महत्ता को पुनः स्थापित करने का आह्वान है—अपने जीवन के हर क्षेत्र में घमण्ड के स्थान को कम करें और परमेश्वर के हुक्म के अनुरूप चलें।

2) मनुष्य की उपलब्धियाँ कितनी भी बड़ी क्यों न हों, ईश्वर-सत्तुमत्ता से तुलना में वे अल्प बतौर साबित होती हैं। श्रद्धा यही है कि हम अपना सम्मान और स्वार्थ छोड़ कर उसकी महिमा को ऊँचा करें।

चेतावनी और अपेक्षा

यह दिन आ सकता है जब समाज-तंत्र, राजनीति और हथियार-निर्माण नकारात्मकता के बजाय केवल ईश्वर के राज्य की नींव पर टिके हों। घमण्ड का अंत उसी क्षण हो जाएगा जब लोग सत्य को स्वीकार कर परमेश्वर के शासन का भागीदार बनेंगे।

एक संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 2:17 में यहोवा के शासन की महिमा और मानव घमण्ड का अंत एक साथ दर्शाया गया है। चाहे विश्व के कितने भी दंभ भरे औजार क्यों न हों, अंतिम सत्ता वही है जो हर चीज को बनाती और संचालती है। यह संदेश हमें नम्रता एवं आत्म-समर्पण की ओर बुलाता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 2:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 2:11 (HINIRV) »
क्योंकि आदमियों की घमण्ड भरी आँखें नीची की जाएँगी और मनुष्यों का घमण्ड दूर किया जाएगा; और उस दिन केवल यहोवा ही ऊँचे पर विराजमान रहेगा। (2 थिस्स. 1:9)

यशायाह 13:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 13:11 (HINIRV) »
मैं जगत के लोगों को उनकी बुराई के कारण, और दुष्टों को उनके अधर्म का दण्ड दूँगा; मैं अभिमानियों के अभिमान को नाश करूँगा और उपद्रव करनेवालों के घमण्ड को तोड़ूँगा।

यिर्मयाह 48:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 48:29 (HINIRV) »
हमने मोआब के गर्व के विषय में सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी है; उसका गर्व, अभिमान और अहंकार, और उसका मन फूलना प्रसिद्ध है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें