यशायाह 2:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और जब यहोवा पृथ्वी को कम्पित करने के लिये उठेगा तब वे उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे चट्टानों की दरारों और पहाड़ियों के छेदों में घुसेंगे।

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यशायाह 2:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 2:21 पर टिप्पणी

यह संदर्भ इस्राइल के अंतर्विरोध और परमेश्वर के गरिमामय न्याय के भाव को दिखाता है। यशायाह ने उस काल का चित्रण किया है जब परमेश्वर का घोर प्रतिशोध और पाप के कारण की गई अस्थिरताओं के बाद पृथ्वी tremble करेगी। इस वचन में यह दर्शाया गया है कि परमेश्वर के सामने घोर भय हर मानव के दिल को झुकाने वाला है, और लोग प्रताप के डर से पहाड़ों के गहरे गड्ढों और चट्टानों के छेदों में छिपेंगे। यह एक भविष्यवाणी है जो परमेश्वर के महान निर्णय और प्रभुत्व को उजागर करती है।

मुख्य भावार्थ

इस वचन में twofold उत्कंठा है: एक ओर पृथ्वी पर परमेश्वर की शक्ति का प्रदर्शन और दूसरी ओर मनुष्यों का भय से भागना। जब प्रभु पृथ्वी को कम्पित करने के लिए उठेगा, तो उसके भय और प्रताप के कारण कुछ लोग पहाड़ों में छिपेंगे—यह एक धर्मी डर का चित्रण है, जो पाप के परिणामस्वरूप अनिवार्यतः आता है।

मुख्य विषय

  • न्याय की आवश्यक्ता: यह दिखाता है कि परमेश्वर के न्याय के सामने मानव सत्ता और स्त्री-पुरुष का स्वाभाविक घमंड नहीं टिक पाते।
  • दया और भय के बीच संतुलन: लाइनें एक चेतावनी भी देती हैं कि भय परमेश्वर के सामने उचित reverence है, न कि निराशा और अंधकार।
  • विश्वास का स्थानापन्न: मनुष्यों की नज़दीकी सुरक्षा स्थिर नहीं, बल्कि परमेश्वर के भय में है—जिन्हें वे ठोकरों से बचाने वाला है।

संदर्भित बिंदु और क्रॉस-रेफरेंस

1) यशायाह 2:10-11 — परमेश्वर की महिमा और अहंकार की हार पर केंद्रित चेतावनी।

2) मत्ती 24:30 — पृथ्वी पर उद्धार के समय मानव-जाति द्वारा भय का अनुभव।

3) रूद्र 2:4-5 — भय के कारण लोग अपने प्रभुओं के सामने विनम्र होते हैं और निराशा से बचने का मार्ग ढूंढते हैं।

इन क्रॉस-रेफेरेंसों में एक सामान्य धारा है: प्रभु के महान ज्योति-युक्त न्याय के सामने मानवता की निःशक्ति और परमेश्वर के भय की आवश्यकता।

व्यावहारिक चिंतन

जब हम अपने जीवन में अस्थिरता और खतरे महसूस करते हैं, तो यह आयत हमें सिखाती है कि भय के स्थान पर परमेश्वर के ऐक्य और सुरक्षा में स्थिरता मिलती है। यह मार्गदर्शित करता है कि कैसे हम तपस्या, प्रार्थना, और सावधानी से अपने पापों से हटकर, परमेश्वर के डर को अपना लें।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 2:21 में दिखाया गया दृश्य परमेश्वर के अद्भुत सामर्थ्य और न्याय का दृश्य है, जिसमें पापी जनता अपने डर से चट्टानों के निचे छिपती है। यह प्रेरित करता है कि हम परमेश्वर के डर को अपनी जीवन-नीति बनाएं और उसी भरोसे पर टिके रहें।

एतिहासिक-पूर्वक उद्धरण (संकेत)

यदि आप चाहें, तो नीचे दी गई स्रोत-व्याख्याओं से जुड़ाव समझ सकते हैं: मैथ्यू हेन्री, अलेबर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क के पवित्र-ग्रंथ-टिप्पणियाँ इस वचन की गहराई को प्रचारित करती हैं।

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यशायाह 2:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 2:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 2:19 (HINIRV) »
जब यहोवा पृथ्वी को कम्पित करने के लिये उठेगा, तब उसके भय के कारण और उसके प्रताप के मारे लोग चट्टानों की गुफाओं और भूमि के बिलों में जा घुसेंगे।

निर्गमन 33:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 33:22 (HINIRV) »
और जब तक मेरा तेज तेरे सामने होकर चलता रहे तब तक मैं तुझे चट्टान के दरार में रखूँगा, और जब तक मैं तेरे सामने होकर न निकल जाऊँ तब तक अपने हाथ से तुझे ढाँपे रहूँगा;

अय्यूब 30:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 30:6 (HINIRV) »
डरावने नालों में, भूमि के बिलों में, और चट्टानों में, उन्हें रहना पड़ता है।

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