यशायाह 2:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तूने अपनी प्रजा याकूब के घराने को त्याग दिया है, क्योंकि वे पूर्वजों के व्यवहार पर तन मन से चलते और पलिश्तियों के समान टोना करते हैं, और परदेशियों के साथ हाथ मिलाते हैं।

पिछला पद
« यशायाह 2:5
अगला पद
यशायाह 2:7 »

यशायाह 2:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 2:6 – immediate setting

यह पद यशायाह की भविष्यवाणी के एक दृश्य मंच पर खुलता है, जब परमजीवित ईश्वर के संदेशकर्ता कलियुग की सामाजिक और धार्मिक जिम्मेदारियों के विरुद्ध एक चेतावनी देता है। संदर्भ में यशायाह यह दर्शाते हैं कि यहूदी समाज की सुदूर सुदूर स्थितियाँ उस समय विशिष्ट रूप से भ्रष्ट व्यव्हार और अनजाने संगठनों के साथ जुड़ाव की वजह से गिरावट की कगार पर थीं। इस पंक्ति में परमेश्वर का आह्वान स्पष्ट है: वह अपने लोक के पथ को पलटने के लिये बुलावा दे रहा है, ताकि पूर्वजों के विश्वास और व्यवहार से उसे फिर लौटाया जा सके।

बाइबल में इन्तरिक कथन का सार

यह पद दिखाता है कि न्याय और भय मुक्त आचरण के लिए भगवान अपने पीछे चलने की अपेक्षा करते हैं, पर वे अपने लोगों में पूर्व धर्मसत्ता और पथभ्रष्ट संस्कृति के हिमांक देखते हैं। याकूब के घराने को त्यागना—यानी परमेश्वर के chosen people के बीच उनकी धार्मिक निष्ठा और सामाजिक व्यवहार में कमी—यह कहती है कि केवल अपनत्व की पहचान पर्याप्त नहीं, बल्कि उसकी जीवनशैली में भी परिवर्तन आवश्यक है। पाठ स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के साथ संबंध तब तक पूर्ण नहीं होता जब व्यवहार में उलटफेर नहीं होता—विशेषकर पलिश्तियों के टोने-टोटके और परदेशियों के साथ शामिल होना के संदर्भ से यह निष्कर्ष निकलता है कि वे अपने विश्वास के साथ समझौता कर रहे हैं।

महत्त्वपूर्ण शब्द-चित्र और अर्थ

  • प्रजा याकूब के घराना—चुने गए लोगों का समुदाय, जो परमेश्वर के नियमों के अनुरूप रहने का दायित्व रखता है; उनका गिरना धार्मिक और नैतिक गिरावट को दर्शाता है।
  • पूर्वजों के व्यवहार—निर्दिष्ट आचारसंहिता और आस्था के सत्कार, जो अब अधोरेखित हो रहे हैं।
  • पलिश्तियों के समान टोना—आमतौर पर पवित्रता के विरुद्ध अंधविश्वास या अनर्गल मन्त्रों की ओर झुकाव का संकेत, जो लोक-जीवन में नैतिक ढहाव को बढ़ाते हैं।
  • परदेसी के साथ हाथ मिलाते—अन्य राष्ट्रों-जातियों के धार्मिक और सामाजिक प्रभाव में प्रभाव, जिससे एकात्मता और विशिष्टता घटती है।

संबद्ध अंश और क्रॉस-रेफरेंसेस

1) इब्रानियों 12:14 के समान विचार—पवित्रता और शांति की दिशा में सतत प्रयत्न; 2) यशायाह 1:11-17 में बिन-उचित बलिदानों से अधिक नैतिक कर्मों की माँग; 3) मत्ती 6:24—दो मालिकों की सेवा से निष्कपट भटकना संभव नहीं—यही क्रम यहाँ आस्था के व्यवहारिक आयाम को स्पष्ट करता है।

आज के संदर्भ में अनुप्रयोग

आज के पाठक के लिए यह संदेश दो हिस्सों में लागू होता है: नीति और नैतिकता। धार्मिक आस्थाओं के साथ जीवनशैली का संतुलन बनाए रखना अति आवश्यक है—परदेशी मान्यताओं या सामाजिक दबाव में आकर अपने विश्वास से समझौता न करें। व्यक्तिगत पवित्रता, सामाजिक निष्कपटाचार, और समुदाय के लिए ईमानदार जीवन समर्पण—ये तीनों मिलकर एक विश्वसनीय धार्मिक जीवन बनाते हैं। हमारी योजनाएँ, व्यवहार, और विचार—तीनों में एकात्मता लाने की uitnod है।

याद रखने योग्य मत-मीमांसा

यशायाह के संदेश में God-पथ पर चलने की पुकार हर समय बनी रहती है; यह केवल तर्क-तटस्थ नैतिकता नहीं, बल्कि उद्धार-सम्बन्ध की जीवित अनुभूति भी है।


कच्चे उद्धरण (Matthew Henry/Albert Barnes/Adam Clarke): उल्लेखित चेतनाओं में कुछ पंक्तियाँ स्पष्ट उद्धृत नहीं हैं; पर इन टिप्पणीकारों के अनुशीलन से गुजरने पर यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक आचरण और व्यवहार में संगति के बिना आस्था पूर्ण नहीं मानी जा सकती। उदाहरणार्थ, ये विख्यात टिप्पणीकार यह मानते हैं कि देव-आशीष के लिए निष्ठा और कर्म दोनों आवश्यक हैं; पर विस्तृत शब्द-उद्धरण यहाँ नहीं दिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 2:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

रोमियों 11:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 11:20 (HINIRV) »
भला, वे तो अविश्वास के कारण तोड़ी गई, परन्तु तू विश्वास से बना रहता है इसलिए अभिमानी न हो, परन्तु भय मान,

2 राजाओं 1:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 1:2 (HINIRV) »
अहज्याह एक जालीदार खिड़की में से, जो शोमरोन में उसकी अटारी में थी, गिर पड़ा, और बीमार हो गया। तब उसने दूतों को यह कहकर भेजा, “तुम जाकर एक्रोन के बाल-जबूब* नामक देवता से यह पूछ आओ, कि क्या मैं इस बीमारी से बचूँगा कि नहीं?”

निर्गमन 34:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 34:16 (HINIRV) »
और तू उनकी बेटियों को अपने बेटों के लिये लाये, और उनकी बेटियाँ जो आप अपने देवताओं के पीछे होने का व्यभिचार करती हैं तेरे बेटों से भी अपने देवताओं के पीछे होने को व्यभिचार करवाएँ।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें