Old Testament
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यशायाह 59:20 पर टिप्पणी
यह पाठ यशायाह पुस्तक के उस भाग में आता है जहाँ प्रमुखतया ईश्वर के उद्धार की योजना और देश-राज्य की पापपूर्ण स्थिति का विवरण मिलते हैं।Verse में एक आशावादी आश्वासन है: जब जमीर से मन फिराने वाले याकूब के लिये, सिय्योन में एक छुड़ानेवाला आएगा। यह कहने से पहले संदर्भ में परमेश्वर की अस्वीकृतता, दुष्कर्म के परिणाम और प्रतिशोध की इच्छा स्पष्ट है; परन्तु अगली ओर उद्धार की मार्गदर्शक आशा भी दी गई है। रोम 11:26 का संदर्भ इसे व्यापक ईमानदारी से जोड़ता है कि यह उद्धारक-योजना सभी जातियों के लिये है।
केंद्रीय अर्थ
यह वाक्य दया और उद्धार की योजना की घोषणा है जो पापी लोग अपने पाप से मुड़कर परमेश्वर की ओर लौटें—याकूब के लिए, जिसे यहाँ “अपराध से मन फिराने” कहा गया है। सिय्योन में छुड़ानेवाले का आगमन यहूदियों के लिये विशिष्ट उद्धार या पुनःस्थापन का संकेत है, जो अंततः सभी राष्ट्रों तक फैलेगा। यह प्रभु יהोवा का वचन है, जो अपनी सच्ची वचनबद्धता के अनुसार काम करेगा।
दो-तीन प्रमुख थीम
संदर्भित बातें और क्रॉस-रेफरेंसेस
1) रोम 11:26 उद्धार की व्यापक योजना को स्पष्ट करता है कि “याकूब” से उद्धार आने के साथ समस्त जातियाँ भी आशीष पायेंगी।
2) यशायाह 59:21 में परमेश्वर का वचन संकल्पित रहता है कि उसकी आत्मा से जो भक्त हैं वे उद्धार को जीवित रखेंगे; यह उद्धार का युग-चरित्र बनता है।
3) यशायाह 60:1-3 में उसी उद्धार के प्रकाश से सिय्योन का विस्तारण और जन-जातियों का प्रकाश देखना आता है।
व्यावहारिक विचार
यदि आप अपने जीवन में पाप से दूर लौटने की इच्छा रखते हैं, तो इस वचन संदेश की पुकार इसके लिए एक पथ-निर्देशक बनती है: परमेश्वर की क्रोध नहीं, बल्कि उसकी दया और उद्धार का अवसर। जो मन फिराते हैं, वे विश्वास के साथ यीशु मसीह के ऊपर आस्था रखें, और रोशनी की ओर लौटें।
संक्षेप
यशायाह 59:20 में एक दृढ़ आश्वासन है: पाप से वापस लौटने वाले के लिये सिय्योन में छुड़ानेवाला आएगा। यह क्रिया न केवल इस्राइल के लिये है, बल्कि पूरे विश्व के लिये उद्धार का रास्ता खोलती है; रोम 11:26 के साथ यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर की योजना समस्त जातियों के लिए खुली है।
अनुच्छेद उद्धरण (संकेतित) – Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के प्रस्तुत विचारों से समेकित सार:
“यह उद्धारक का आगमन यह संकेत करता है कि परमेश्वर अपने दया-योजनाओं को पूर्ण करेगा, जब मन फिराने वाले लौटते हैं, तब से नया वायदा शुरू होता है।”
छोटी सूची: संदर्भ-झलकियाँ