यशायाह 61:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

कि यहोवा के प्रसन्‍न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्‍वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूँ; कि सब विलाप करनेवालों को शान्ति दूँ। (लूका 4:18,19, मत्ती 5:4)

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यशायाह 61:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 61:2 का संदेश — प्रभु के प्रसन्न रहने का वर्ष और शान्ति का गवाह

सीधा अर्थ यह है: यहोवा के उद्धार और उदार कृपा के मौसम की घोषणा करना। वह वर्ष जो परमेश्वर के अनुग्रह के कार्य के साथ आता है—वर्ष जो विलापीष्ट लोगों के लिए शान्ति और राहत लेकर आता है—यह एक लक्षित संदेश है कि दुःख और आंसुओं के बाद अब स्वर्गीय सुख, उद्धार और राहत की बयार चालू है।

कॉन्टेक्स्चुअल पृष्ठभूमि

यशायाह 60 के उत्तरार्ध में दृढ़ता से आशावादी भविष्यसूचकता है: यहोवा का उद्धारदायी वर्ष आ रहा है और यहूदी समुदाय के लिए आलोड़न और प्रतीक्षा का समय समाप्त होकर आंतरिक परिवर्तन का काल शुरू होता है। इस अध्याय में मसीह-आस्था के लिए द्वार भी खुलता है—यह संदेश न सिर्फ इतिहास के लिए है, बल्कि भविष्य के पूर्तिकर के रूप में मसीह के आने की पूर्व-आह्वान है, जैसा कि लूका 4:18-19 में यीशु की भूमिका उद्धृत है।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • परमेश्वर के प्रसन्न रहने का वर्ष: यहोवा का कृपालु शासन और उद्धारकार्य एक बार नहीं, बल्कि एक बारात-जैसी घटनाक्रम में प्रकट होता है, जिसे शुद्ध और दयालु शासन के साथ रोशन किया जाता है।
  • पलटा लेने के दिन: पुराने दोष-कार्य और दण्ड से मुक्ति का समय; नए संबंध और नई आत्मा-जीवन का आरम्भ।
  • विलाप-निवारण: शुद्ध आंतरिक परिवर्तन से भावनात्मक शांति मिलती है—जो दुख-संरचना से उपजा होता है वह दूर होता है और लोगों के बीच संवेदना, न्याय और सन्तोष उभरते हैं।

दृष्टिकोण और टीका-टिप्पणियाँ

एकीकृत टिप्पणीकारों के विचार इस प्रकार सहमति देते हैं:

मैथ्यू हेनरी का सार यह है कि उद्धार का वर्ष परमेश्वर की करुणा की समय-सारणी है जिसमें दीन-हीन होंठों के लिए आशा है; एल्बर्ट बार्न्स कहते हैं कि यह समय पाप पर विजय और खुशखबरी के फैलाव की घड़ी है; एडम क्लार्क इस बात पर बल देते हैं कि यह संदेश व्यक्तिगत परिवर्तन का आह्वान है—जो दया, धार्मिक रीति-रिवाज़ से अधिक है, वह अंतरात्मा का परिवर्तन है।

संक्षिप्त थीम-सूची

  1. ईश्वर का अनुग्रह-उद्धार, एक नया दिन शुरू करना
  2. दुःख का अंत, शांति की स्थापित व्यवस्था
  3. नया संबंध और राहत का मिशन: चंगाई और खुशी का संदेश

पॉइंटेड क्रॉस-रेफरंस (संक्षेपित)

- लूका 4:18-19: यीशु ने स्वयं इस वर्ष-प्रकाश को उद्धृत किया, जो दयालु कार्यों के प्रकाशन की घोषणा है—बीमारी-पीड़ित, दीन-दलित और बंदियों के लिए मुक्तिः “क्योंकि उसने मुझे भेजा है” प्रकार की प्रेरणा।

- मत्ती 5:4: परमेश्वर के राज्य की आशा में "धन्य हैं वे जो iwwer विलाप करते हैं"—दुख के समय में भी परमेश्वर की कृपा से शांति मिलती है।

इन क्रॉस-रेफरंस का संबंध यह है कि पुराने[prophecy] जीवन से नया जीवन और उद्धार की उम्मीद यीशु के कार्यों में साकार होती है, और अंततः यह पवित्र आत्मा के फल को प्रेरित करती है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हममें से प्रत्येक के लिए यह संदेश कहता है: जब जीवन कठिन हो, तब भी ईश्वर के उद्धार के वर्ष की राह में भरोसा रखें। आंतरिक धरातल परिवर्तन, निष्ठा और दयालुताओं के साथ दूसरों के दुख में सहभागी होने से जीवन में शांति और स्थिरता आती है।

याद रखने योग्य सूत्र: यहोवा का प्रसन्न रहने का वर्ष और पलटा लेने का दिन एक साथ नहीं आते; इन्हें मिलाकर एक व्यापक उद्धार-यात्रा बनती है जिसमें आंतरिक परिवर्तन, बाहर की राहत और सामाजिक न्याय के साथ प्रेम बढ़ता है।

उद्धृत टिप्पणीकारों के संक्षिप्त उद्धरण:

“क्योंकि उसने मुझे संदेश भेजा है कि बन्दी-प्रकाश और दयालुता का समय फैल जाएगा।” — मैथ्यू हेन्री

“यह समय व्यक्ति के हृदय में परिवर्तन की पराकाष्ठा है, बाहरी रीति-रिवाज से अधिक।” — एंड्रेड बार्न्स

“उद्धार का वर्ष केवल बाहरी सुख नहीं, खाली मन को भरने वाला नया जीवन है।” — एडम क्लार्क

संक्षेप में, यह संदेश हमें मसीह के आगमन और उसके द्वारा दी गई शांति की उम्मीद से जोड़ता है, ताकि हम आर्त्तिक और सामाजिक स्तरों पर सच-परिवर्तन के भागीदार बनें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 61:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

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मैं उसकी चाल देखता आया हूँ, तो भी अब उसको चंगा करूँगा; मैं उसे ले चलूँगा और विशेष करके उसके शोक करनेवालों को शान्ति दूँगा।

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