मत्ती 5:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शान्ति पाएँगे।

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मत्ती 5:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 5:4 का संक्षिप्त परिचय

यहिदेवना गति के भाग-सीख में Jesus ने चालीस आशीर्वचनों के साथ शुद्ध उन्नति दिखाई है। मत्ती 5:4 में शोक करने वालों के लिए आशीर्वाद है—ये वचन परमात्मा के राज्य की गहरी वास्तविकताओं की ओर संकेत करते हैं: दुख के बीच भी ईश्वर की मदद और भविष्य की खुशी का वादा।यह शोक व्यक्तिगत दोषों, संसार के दर्द, या उत्पीड़न के कारण हो सकता है; परन्तु यह भी दर्शाता है कि परमेश्वर उन दुःखों को सही दिशा में मोड़ते हैं ताकि वे शांति और उद्धार के अनुभव में परिणत हों।

मुख्य भावार्थ

इस वचन का मूल संदेश बताता है कि जो लोग अपने पाप, दुख और संसार के जड़त्व के कारण वास्तविक दु:ख महसूस करते हैं, वे परमेश्वर के राज्य के साथ पवित्र प्रतिक्रिया पाते हैं। शोक-संस्कार में भी एक ढाला हुआ विश्वास होता है कि परमेश्वर क्रिस्तीय राहत दे सकता है—यही शांति की पहली अनुभूति है, जो अनंत सम्मान और आत्म-शान्ति की ओर ले जाती है।

दो-मुखी विषय

  • दुख की मान्यता: मानवीय जीवन में पीड़ा का होना, पाप के परिणामों से दूरी बनाकर भगवान की करुणा की फिरौती को माँगना।
  • शांति की प्रतीक्षा: जो शोक करते हैं वे शांति पाएँगे—यह एक क्रियात्मक भविष्यवाणी है कि दुखद समय के बाद उद्धार और संतोष आएगा।

संदर्भ-इनसाइट

• Psalm 34:18 के समान विचार—जो टूटे दिल वालों के करीब है।

• 2 Corinthians 7:10—शोक और शांति के बीच परमेश्वर की उद्धारक क्रिया का प्रकाशन।

• Isaiah 61:1—उद्धारक दुआ की दिशा: दुख Michigan से खुशी के उद्धोष तक का बदलाव।

व्यावहारिक_REFLECTION

आज के जीवन में जब गम उठे, उस समय दया और ईश्वर की प्रेरणा को पकड़ना कठिन होता है। लेकिन इस वचन के अनुसार, वास्तविक शांति तब मिलती है जब हम अपने दिल को ईश्वर के पास खोलकर उसकी करुणा पर निर्भर होते हैं। शोक के साथ भी आशा रखें कि परमेश्वर आपके आहवान और उद्धार के लिए काम कर रहे हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

जो शोक में रहते हैं वे अंततः शांति पाते हैं—यह ईश्वर की दयालुता और क्रिस्तीय रहनुमाई का वादा है। दुख की भूमि में भी भगवान अपनी खुशी की बीज बोते हैं, जो उद्धार की मंजिल तक ले जाता है।

हेतु-चReferences

• यह वचन तुलनात्मक रूप से अन्य पवित्र वचनों में दिखते हैं जो दुख और उद्धार के क्रम को स्पष्ट करते हैं।

आंशिक उद्धरण (यथार्थ उद्धरण के लिए; समानार्थक तत्त्व):

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से चाहिए तो विशिष्ट पंक्तियाँ स्रोत के अनुरोध पर दी जा सकती हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 5:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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प्रकाशितवाक्य 21:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 21:4 (HINIRV) »
और वह उनकी आँखों से सब आँसू पोंछ डालेगा*; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहली बातें जाती रहीं।” (यशा. 25:8)

2 कुरिन्थियों 7:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 कुरिन्थियों 7:9 (HINIRV) »
अब मैं आनन्दित हूँ पर इसलिए नहीं कि तुम को शोक पहुँचा वरन् इसलिए कि तुम ने उस शोक के कारण मन फिराया, क्योंकि तुम्हारा शोक परमेश्‍वर की इच्छा के अनुसार था, कि हमारी ओर से तुम्हें किसी बात में हानि न पहुँचे।

यशायाह 61:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 61:2 (HINIRV) »
कि यहोवा के प्रसन्‍न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्‍वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूँ; कि सब विलाप करनेवालों को शान्ति दूँ। (लूका 4:18,19, मत्ती 5:4)

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