Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यिर्मयाह 1 यिर्मयाह 2 यिर्मयाह 3 यिर्मयाह 4 यिर्मयाह 5 यिर्मयाह 6 यिर्मयाह 7 यिर्मयाह 8 यिर्मयाह 9 यिर्मयाह 10 यिर्मयाह 11 यिर्मयाह 12 यिर्मयाह 13 यिर्मयाह 14 यिर्मयाह 15 यिर्मयाह 16 यिर्मयाह 17 यिर्मयाह 18 यिर्मयाह 19 यिर्मयाह 20 यिर्मयाह 21 यिर्मयाह 22 यिर्मयाह 23 यिर्मयाह 24 यिर्मयाह 25 यिर्मयाह 26 यिर्मयाह 27 यिर्मयाह 28 यिर्मयाह 29 यिर्मयाह 30 यिर्मयाह 31 यिर्मयाह 32 यिर्मयाह 33 यिर्मयाह 34 यिर्मयाह 35 यिर्मयाह 36 यिर्मयाह 37 यिर्मयाह 38 यिर्मयाह 39 यिर्मयाह 40 यिर्मयाह 41 यिर्मयाह 42 यिर्मयाह 43 यिर्मयाह 44 यिर्मयाह 45 यिर्मयाह 46 यिर्मयाह 47 यिर्मयाह 48 यिर्मयाह 49 यिर्मयाह 50 यिर्मयाह 51 यिर्मयाह 52Verse
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यिर्मयाह 48:28 का व्याख्यात्मक संकल्पना
मकसद यह है कि मोआब के लिए सुरक्षा और आत्म-स्थिरता की युक्ति उस स्थान से जुड़े एक चित्र के साथ व्यक्त हो जाए जो व्यर्थ रूप से भरोसे के योग्य नहीं है: अपने क़िले छोड़कर गुफा-घरों में वह सुरक्षित रहने की कोशिश करे।
प Kontextual पृष्ठभूमि
यिर्मायाह की पुस्तक में मोआब एक प्राचीन पड़ोसी शक्ति के रूप में बार-बार उभरता है। यहाँ परमेश्वर इसे सुरक्षा-गृह की तरह बनकर रहने की छवि से सचेत कर रहा है, ताकि वे अपनी निर्भरता के स्रोतों को न खो दें। शृंखलाबद्ध आलोचना कहती है कि वह खतरे से बचने के लिए प्राकृतिक सुरक्षा के पीछे भागते हैं, लेकिन परमेश्वर के निर्णयों से भागना संभव नहीं है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
थीमैटिक सार
संबद्ध अंश-आलोचना (Cross-references)
नीचे trois प्रासंगिक संदर्भ हैं जो इस विचारधारा को उजागर करते हैं:
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
1) अपनी सुरक्षा के लिए मनुष्यों के बनाए हुए सुरक्षित-स्थानों पर पूर्ण भरोसा न रखें; परमेश्वर के निर्देश के संग जीवन जिएं।
2) संकट में भी आत्म-विश्लेषण करें कि क्या आप भय से चट्टान की दरारों में छिपना नहीं, बल्कि परमेश्वर की सुरक्षा और योजना में विश्वास बनाये रखते हैं।
3) प्रार्थना और स्मरण रहे कि वास्तविक शांति परमेश्वर के वचनों के पालन और उसकी योजना पर निर्भर है.
महत्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भित सीमित लाइनें)
इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से प्रत्यक्ष उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं; यदि उपलब्ध हों, वे संक्षेप में सीधे उद्धरण के रूप में नीचे नहीं दिए गए हैं ताकि मूल भाव स्पष्ट रहे।