Old Testament
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यिर्मयाह 48:2 पर टिप्पणी — मोआब की जय-जयकार अब समाप्त होने वाली है
सीधे अर्थ में: मोआब की प्रशंसा चली जाएगी; उसकी महिमा का स्थान अब हारे हुए राज्य के रूप में माना जाएगा, और उसकी राजधानीों के पीछे-पीछे तबाही की तलवार चलेगी.
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यिर्मयाह नबी इस समय Moab (मोआब) के बारे में भविष्यवाणी कर रहे हैं, जो बाइबल के पुराने नियम के अन्य स्थलों में भी बार-बार एक प्रतिशोधी उपन्यास के रूप में आता है। मोआब पड़ोसी राष्ट्रों में से एक है, जिसने इज़राइल के साथ कई बार राजनीतिक और धार्मिक संघर्ष किए थे। यहाँ संदेश एक कड़े दिव्यता-निर्णय की ओर संकेत करता है: मोआब की महिमा और उसकी सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होगी, और यह कहना है कि उसकी शक्ति उसकी पूर्व स्थिति में नहीं लौटेगी। यह न्याय की भाषा है—जहाँ प्रभु के निर्णय से राष्ट्र का सम्मान और संहार एक साथ घटित होते हैं।
Interpretive observations
छोटी थीमेटिक सूची
संबद्ध पाठ और उनका संकल्प
यिर्मयाह 48:2 का यह भाग अन्य नबियों के मोआब के बारे केWarnings से मेल खाता है जहां प्रभु के न्याय से आर्शीवाद-प्रतिष्ठा ध्वस्त होने की चेतावनी दी जाती है। आसन्न परास्ति से पूर्व, भूतपूर्व गर्व-स्थलों का ढहना इस बात का संकेत है कि परमेश्वर के विधान से ऊपर किसी भी राष्ट्र की महिमा नहीं। एक समान विचार 2 राजा 3 और एहमन की कहानियों में भी मिलते हैं जहाँ विजय और पराजय प्रभु के निर्देश से संचालित होते हैं।
स्वर्णिम उद्धरण (जहाँ फिट बैठता है)
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के शब्दों को देखते हैं, तो वे इस प्रकार की भाषा में न्याय, परमेश्वर के निर्णय और राष्ट्र-स्वामित्व के अस्थिर स्वर पर टिप्पणी करते हैं—परन्तु यहाँ उद्धरण का पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिया गया है; आवश्यकतः उन्होंने इस प्रकार के भागों में नबी के निर्णयों को नैतिक-आचार के रूप में दर्शाया है।
नोट: नीचे एक संकल्पना-आधारित संदर्भ है, परन्तु उद्धृत संपूर्ण वाक्य नहीं दिया गया है:
• “हे मोआब, तेरी रानियाँ भी तिनके-सी उड़ जाएँगी; तेरे शिखरों पर गर्व नहीं टिकेगा।”
• “यहोवा के न्याय के कारण, निर्बल राष्ट्र भी दया में नहीं छोड़े जाते।”
क्रॉस-रेफरेंसेज और उनके संक्षिप्त व्याख्या
व्याख्या: इन संदर्भों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर सत्ता-संबंधी उथल-पुथल में भी न्याय-निर्णय का मालिक है, और इतिहास उसकी दीक्षित योजना के भीतर है।
व्यावहारिक takeaway
हर राष्ट्र और हर महिमा एक समय में है, फिर बदल जाती है। हमारी आस्था यह है कि परमेश्वर के न्याय के सामने humility और reliance बनाए रखना चाहिए। सामाजिक-राजनीतिक गर्व के स्थान पर, प्रभु के मार्ग के प्रति विनय और विश्वास रखना सही चेष्टा है।