Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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मत्थी 17:22 पर करंट अर्थ
यह ਪंक्ति कहती है कि यीशु ने गलील में दोस्तों से कहा कि मनुष्य का पुत्र मनुष्यों के हाथ में पकड़वाया जाएगा। सरल शब्दों में, यह भविष्यवाणी और उसकी दास्यमय भूमिका की तैयारी है: यीशु अपने उद्धार के चरणों को स्वीकार करेंगे और शासित-राजनीतिक अपेक्षाओं के विरुद्ध एक नई दिशा की शुरुआत करेंगे।
प्रसंग-परिप्रेक्ष्य
गलील क्षेत्र में यीशु के समय-समय पर विचरण और चेलों के बीच भगवान के राज्य की चर्चा चल रही थी। यह वाक्य उन घटनाओं का पूर्व-आभास है जहाँ यीशु को लोकमानस द्वारा अपेक्षित राजा के रूप में मानना कठिन था, क्योंकि उनका मार्ग मरघटीय, वेदना-भरे, और परम प्रेम के कार्य से जुड़ा था। यह बयान चेलों को स्पष्ट करता है कि उनका नेता एक दुखद, प्रताड़नात्मक मार्ग अपनाने जा रहा है, ताकि मानिसों के पापों का उद्धार हो सके।
व्याख्यात्मक अवलोकन
थीमेटिक बिन्दु
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत-व्याख्या के साथ)
1) मरकुस 8:31-32: यीशु की भविष्यवाणी और शिष्य-समझ में वृद्धि के साथ विरोध का सामना। यह बताता है कि दुख-दिवस उनके मिशन का अनिवार्य भाग है।
2) Lukas 24:7: मनुष्य के पुत्र के विषय में मृत्यु-पूर्व जानकारी, यह दिखाता है कि यह मृत्यु उद्धार की योजना का केंद्र बिंदु है।
3) इसाय 53:3-5 की प्रत्यक्ष समानता: दया और दुख के मार्ग द्वारा सुर्खियों में आने वाली उद्धार-भूमिका की प्रतिपादन, यह दिखाता है कि मसीह का कष्ट मानवता के लिए प्रेरित है।
संक्षेप निष्कर्ष
इस वाक्य में प्रवेश-रत्न है कि यीशु अपनी आने वाली यातना को जानकर भी लोगों के उद्धार के लिए उसे स्वीकार करते हैं। यह संदेश चेलों को बताता है कि वास्तविक इतिहास और राज-व्यवस्था ईश्वर के पवित्र कार्यक्रम के अनुसार है—जहाँ प्रेम, त्याग और पुनर्जीवन मुख्य तथ्य हैं।
व्यावहारिक takeaway
जीवित विश्वास में, हमें यीशु के मार्ग से सीखना चाहिए कि कठिन समय में भी नियम-उद्धार का उद्देश्य सामने रखना है; स्वयं को दया के स्रोत के रूप में प्रस्तुत करना और विश्वास में स्थिर रहना परमेश्वर के राज्य के आशीर्वादों को अनुभव करवाता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि आवश्यक हो)
यह पंक्ति सीधे, भविष्यवाणी की दिशा में संकेत देती है कि मसीह को पकड़वाया जाएगा—यह एक ऐसा उद्देश्य है जिसे पुराने प्रचार-ग्रंथों के साथ समरूपी किया गया है, ताकि मानवता का उद्धार संभव हो सके।
नोट
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-domain विचारों के संकल्पनात्मक संयोग से बनी है; उनके सीधे शब्दों के कुल मिलाकर छोटे उद्धरण आवश्यक जानकारी के लिए शामिल किए जा सकते हैं, पर पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिखाया गया है।