मत्ती 17:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वह बोल ही रहा था, कि एक उजले बादल ने उन्हें छा लिया, और उस बादल में से यह शब्द निकला, “यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं प्रसन्‍न हूँ: इसकी सुनो।”

पिछला पद
« मत्ती 17:4
अगला पद
मत्ती 17:6 »

मत्ती 17:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य परिचय: यह मेरा प्रिय पुत्र है, इसे सुनो

मत्ती 17:5 के इस उद्धरण में परमेश्वर पिता का उद्घोषना स्पष्ट है—परमेश्वर अपने पुत्र यीशु मसीह को पृथ्वी पर निर्देशित, प्रेमपूर्ण और अधिकारपूर्ण नेता के रूप में स्थापित करते हैं। बादल से निकला यह वचन भक्तों के रूप परिभाषित करता है कि यीशु के बारे में क्या ठीक पोस्टल है: इसकी सुनो। यहाँ मंच पर एक महत्त्वपूर्ण आपसी घटक है—केवल सुनना नहीं, बल्कि विश्वासपूर्वक मानना और पालन करना। यह घटना पर्वत पर परिवर्तन के दृश्य के साथ जुड़ती है, जहां यीशु महान शिक्षण और चमत्कारों के बीच परमेश्वर की दया-युग्म पर केंद्रित हैं।

साहित्यिक संदर्भ के भीतर व्याख्या

परिवर्तन के पर्वत के दृश्य के बीच यह उद्घोषणा परमेश्वर की पसंद, पुत्र की सत्ता और उसकी महिमा को प्रकाश में लाती है। सुनने के आह्वान के साथ, शिष्यों को यह स्मरण दिखाया गया कि यीशु वह है जिसमें परमेश्वर की योजना पूरी हो रही है। यह संदेश तब विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब शिष्यों ने पहले से ही यीशु के दिव्य किनारों को अनुभव किया था—आश्चर्यजनक चमत्कार, मौत पर विजय और उद्धार के मार्ग की भविष्यवाणी—अब उन्हें एक स्पष्ट निर्देश मिलता है कि उनके विश्वास की धुरी यीशु के सत्य निर्देशन में है।

धार्मिक-स्रोतिक महत्त्व

यह उद्घोषणा त्रुटिहीन सुनी जाए तो शिष्यों को सुरक्षित मार्ग दिखाती है: “इसी पर ध्यान दो, उसकी सुनो।” इस प्रकार यह न सिर्फ यीशु की भूमिका को मान्यता देता है, बल्कि उनके शिक्षण-आधार को भी मानक बनाता है। पुराने दैवीय संकेतों की परंपरा में इस प्रकार की ध्वनि संकेतित करती है कि परमेश्वर अपने पवित्र उद्देश्य के लिए एक दूसरे लोगों से अलग नहीं है—यही यीशु में साकार है।

बाइबल के संदर्भों के साथ संबंध

cross-reference 1: यह उद्घोषणा मोमन्तों में से एक व्यापक प्रमाण है कि यीशु मसीह वही है जिसे पवित्रशास्त्र ने भविष्यवाणी किया है; परन्तु सुनो का आह्वान परमेश्वर के साथ सीधे संबंध की पुष्टि करता है।

cross-reference 2: पवित्र आत्मा का प्रभाव पर्वत पर व्यक्त होता है; यह बताता है कि यीशु के साथ संबद्ध दैवीय उपस्थिति कैसे शिष्यों के मानवीय अनुभवों को पूर्ण बनाती है।

cross-reference 3: पुराने नियम के उद्धारक-प्रेरक संदेश और भक्तों की आत्म-विश्वास की ज़रूरत—ये सभी संयुक्त रूप से घोषणा के साथ जुड़ते हैं कि यीशु ही वह केंद्र है जिसे सुनना चाहिए।

प्रतिबिंब के लिए प्रश्न

  • क्या मैं यीशु के शिक्षण और के अनुसार अपने जीवन की दिशा निर्धारित कर रहा हूँ?
  • क्या मेरी दैनिक prarthana और निर्णयों में मैं उसे सुनने की प्राथमिकता देता/दती हूँ?
  • परिवर्तित अनुभवों के बाद भी क्या मेरा भरोसा मजबूत है कि यीशु ही मेरे जीवन का केंद्र है?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यह वचन एक स्पष्ट निर्देश है: परमेश्वर अपने पुत्र के प्रति विश्वास-आधारित सुनवाई को प्राथमिकता देता है। यीशु की आधिकारिक महिमा और दयालुता दोनों का समन्वय यह बताता है कि विश्व के कल्याण के लिए परमेश्वर की योजना यीशु के मार्ग पर ही मूर्त हो सकती है। शिष्यगण के लिए यह आवाज एक स्थिर नक्शा है—सुनना, मानना और पालन करना।

मूल स्रोतों से मिलते-जुलते विचार (संक्षेप)

एडम क्लार्क, अलेक्शन बर्न्स और मैथ्यू हैनरी के अनुसार, इस उद्घोषणा में यीशु के आधिकारिक स्थान की पुष्टि और शिष्यों की विश्वास-स्थापना दोनों का लक्ष्य है। क्लार्क के अनुसार यह पवित्रता और क्रिया-निष्ठा का संयोजन है; हैनरी इसे प्रभु की महिमा और भक्तों की आस्था के मिलन के रूप में देखते हैं; Barnes इसे प्रेरित करने वाले निर्देश के रूप में देखते हैं कि शिष्य अपने विश्वास के आधार को दृढ़ करें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 17:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 3:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 3:17 (HINIRV) »
और यह आकाशवाणी हुई, “यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अत्यन्त प्रसन्‍न हूँ।”* (भज. 2:7)

मरकुस 9:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मरकुस 9:7 (HINIRV) »
तब एक बादल ने उन्हें छा लिया, और उस बादल में से यह शब्द निकला, “यह मेरा प्रिय पुत्र है; इसकी सुनो।” (2 पत. 1:17, भज. 2:7)

यूहन्ना 3:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 3:35 (HINIRV) »
पिता पुत्र से प्रेम रखता है, और उसने सब वस्तुएँ उसके हाथ में दे दी हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें