Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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पाठ-सार: मत्ती 6:34
यह पद प्रभु यीशु के Sermon on the Mount का भाग है, जहाँ यीशु हमारे दैनिक जीवन के तनाव और चिन्ताओं के बीच एक सुस्पष्ट ईश्वरीय मार्ग दिखाते हैं। कल की चिंता आज के दुष्कर अनुभवों को कम करने की नहीं, बल्कि आज के दिन की आवश्यकता पूरी करने की ओर मार्गदर्शन है। इस वचनों में भगवान की प्रायोरिटी और आत्म-विश्वास का संतुलन है: विश्वास के साथ जीना और आज पर केंद्रित रहते हुए ईश्वर के राज-कार्य को पहले रखना।
पद का संक्षिप्त परिप्रेक्ष्य
कथन: “अतः कल के लिये चिन्ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुःख बहुत है।” यीशु स्पष्ट करते हैं कि प्रत्येक दिन की जरूरतें अपने समय के अनुसार ही पूरी होंगी; कल की चिंता आज को प्रभावित नहीं करनी चाहिए, न ही आज की जिम्मेदारियों को निरीह कर देनी चाहिए। इस बात में ईश्वर की देखरेख और विश्वासी की सक्रियता दोनों की मांग है—अपनी योग्यता और दया के साथ वर्तमान क्षण को जीना।
मुख्य अध्यायीय पाठ से सम्बन्ध और मुख्य सीख
मुख्य संदेश: ईश्वर के राज्य और उसकी सुरक्षा पर भरोसा रखकर, भक्त को वर्तमान दिन की ज़रूरतों पर केंद्रित रहना चाहिए। चिंता के स्थान पर परमेश्वर पर निर्भरता और ईश्वर की आज्ञाओं के अनुरूप जीवन धर्मी बनाये रखने की प्रेरणा मिलती है।
पवित्रशास्त्र तक पहुँचने के तीन प्रमुख संदर्भ
व्यावहारिक अनुप्रयोग
पिता-पिता के उद्धरणों से संजोया गया समेकित मार्गदर्शन
मत्ती 6:34 के बारे में पवित्रग्रंथों की पवित्र दृष्टि से स्पष्ट है कि प्रभु हमारी दैनंदिन ज़रूरतों के प्रति सचेत रहते हैं।etermined दृष्टिकोण के साथ, John Henry के समान पारिभाषिक चेतना की याद दिलाते हैं कि परमेश्वर के राज्य के लिए पूर्व-प्राथमिकता देनी चाहिए।
याद रहे कि अतीत के अनुभवों से सीख लेकर और वर्तमान परिस्थिति के अनुसार विश्वास बढ़ाने के लिए, कृपया नीचे के छोटे बिंदुओं को लेते रहें।
सरल सार
कल की चिन्ता छोड़कर, आज के दैनंदिन कार्यों और उसके अवसरों पर विश्वास रखें। परमेश्वर की योजना में हमारे हर दिन का भाग्य सुरक्षित है; इसलिए आज को पूरी तरह जीना ही व्यवहारिक धार्मिकता है।
cross-references के साथ संक्षिप्त स्पष्टीकरण
नोट: उत्तरदायित्वपूर्ण पाठ के लिए यदि आप चाहें, तो मैं Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरणों से वैध और सार्वजनिक-domain टिप्पणियाँ से चयन जोड़ सकता हूँ।