मत्ती 6:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।

पिछला पद
« मत्ती 6:10
अगला पद
मत्ती 6:12 »

मत्ती 6:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 6:11—"हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे"

यह छोटी प्रार्थना हमारे दिनचर्या के भीतर एक बड़ी आध्यात्मिक सच्चाई को उजागर करती है: परमेश्वर की आज्ञा, देखभाल और विश्वास। यह वाक्य यह याद दिलाता है कि ईश्वर सभी आवश्यकताओं के स्रोत हैं और हमारी दैनिक आवश्यकताओं के लिए तुरंत, सरल और विश्वसनीय निवेदन की आवश्यकता होती है। इसके महत्व को समझना हमें दया, भरोसा और नैतिक जीवन की दिशा देता है, खासकर तब जब हमारी जरूरतें अधिक प्रतीत होती हैं या चिंता अधिक होती है।

प्राचीन संदर्भ और मूल संदेश

यह वाक्य ईश्वर के प्रति नम्रता और निर्भरता की दिशा में एक चरण है जो मत्ती की गवाही में शामिल प्यार-भरा पिता-प्रणालिक संकेत देता है। यीशु अपने पहले शिष्यों के समुदाय के बीच शिक्षा दे रहे थे, जहां लोग रोज़मर्रा की जिंदगी के सवालों से जूझते थे—भोजन, आश्रय, सुरक्षा। इस वाक्य में वह यह सिखाते हैं कि भौतिक आवश्यकताओं का चिंता कोशिश से नहीं, बल्कि परमेश्वर की दया और शासन से पूरा होगा। यह प्रार्थना का हिस्सा है जिसमें भक्त अपने दैनिक भोजन की आवश्यकता को परमेश्वर के हाथों में छोड़ देता है, यह मानते हुए कि वह एक संगत पिता है जो अपने बच्चों की आवश्यकता जानता है।

मुख्य संदेश और संबंधित थेम्स

  • विश्वास और निर्भरता: दैनिक भौतिक आवश्यकताओं की चिंता करते समय भी प्रभु पर विश्वास बनाए रखना।
  • ईश्वर की आयातित प्रणाली: ईश्वर अपने बच्चों के लिए भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था कर सकते हैं; हमारी भागीदारी विश्वास और मेहनत के साथ जुड़ी है, पर स्रोत परमेश्वर ही है।
  • कृतज्ञता और सरलता: आवश्यकताओं के पीछे की अनावश्यक चाह से मुक्त होकर, संतुष्ट और कृतज्ञ जीवन जीना।

संदर्भों से संगति

इन तीन प्रमुख cross-उद्धरणों का सार यीशु की शिक्षाओं के साथ प्रतिध्वनित होता है:

  • यीशु के चरित्र-आन्दोलन में परमेश्वर की निगरानी और प्रावधान का विचार: “तुम्हारे आकाश के पिता जानते हैं कि तुम्हें क्या चाहिए”—यह पक्का करता है कि हमारी आवश्यकताओं के प्रति ईश्वर की संवेदनशीलता स्थिर है।
  • प्रत्येक दिन की provision पर आधारित जीवन-योजना: दैनिक आश्रय और भोजन जैसे मामलों में निर्भरता का सम्मान।
  • आत्म-नियंत्रण और संतोष: अत्यधिक भौतिक उद्देश्य न होकर, परमेश्वर के साथ सन्तोष और आस्था का मार्ग।

क्रॉस-रेफरंस (संक्षेप में) और उनकी भूमिका

  • लूका 11:3 — “हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे” की तरह दैनिक दायित्वों की प्रकृति बताती है कि प्रार्थना एक दैनिक अभ्यास है, न कि केवल विशेष अवसरों के लिए।
  • फिलिप्पियों 4:11-12 — संतोष की स्थितियाँ और परिस्थितियाँ चाहे जो हों, ऐसे जीवन में ईश्वर के द्वारा प्रदान की गई शांति।
  • यूहन्ना 6:35 — यीशु स्वयं जीवन है; वह आत्म-प्रावधान के स्रोत के रूप में आते हैं और हमारे जीवन के हर भौतिक आवश्यकता को समृद्ध करते हैं।

व्यावहारिक आत्म-चिंतन

हम एक त्वरित-बोध से पूछें: क्या मैं सप्ताहभर की चिंताओं के बजाय आज के लिए आवश्यक भोजन, कपड़े, और आश्रय के लिए परमेश्वर पर निर्भर हूँ? मुझे किस चीज पर अधिक विश्वास है—अपने स्रोत पर या अपने संसाधनों पर?

संक्षिप्त devotional thought

प्रयोजन यह है कि हमारी मांगें नियंत्रित हों, हमारी प्रार्थनाएं साहसपूर्ण हों, और हमारा विश्वास मधुरतापूर्ण रहे। प्रभु के साथ हर दिन का वास्तविक सम्बंध दैनिक भोजन के लिए प्रार्थना बनाने से बढ़ता है—आशा, विश्वास और प्रेम के साथ। यह स्वीकारना कि ईश्वर ही हमारा पर्याप्त है, जीवन को सरल और उन्नत बनाता है।

चौड़ियों के लिए एक छोटा सूची

  • परमेश्वर पर दैनिक निर्भरता बनाए रखें।
  • अपने आवश्यकताओं को सीमित रखें, अति आवश्यकता के आवेश को नहीं।
  • कृतज्ञता के साथ दिन शुरू करें और दूसरे की जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहें।

नोट: इस पवित्र वचन पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के अभिकलिप उद्धरणों से अगर आवश्यक हों, तो उन्हें मौलिक स्रोतों से ठीक तरह शामिल किया जा सकता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 6:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 30:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 30:8 (HINIRV) »
अर्थात् व्यर्थ और झूठी बात मुझसे दूर रख; मुझे न तो निर्धन कर और न धनी बना; प्रतिदिन की रोटी मुझे खिलाया कर। (1 तीमु. 6:8)

लूका 11:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 11:3 (HINIRV) »
‘हमारी दिन भर की रोटी हर दिन हमें दिया कर।

मत्ती 4:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 4:4 (HINIRV) »
यीशु ने उत्तर दिया, “लिखा है, “‘मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, “परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्‍वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें