Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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यिर्मयाह 5:12 — झुठलाए हुए दावों से विपत्ति का आह्वान
मुख्य interpretive बिंदु: पतित भविष्यवाणी से इनकार और आत्म-विश्वास की आड़ में ईश्वर से विमुखता ने यहूदियों के पतन की चेतावनी को ध्वस्त नहीं किया; यह वाणी बताती है कि लोग यह मानते हैं कि कठिनाई उनके जीवन में नहीं आएगी, पर वास्तविकता विपदी घटनाओं के द्वारा सामने आती है जब उनका ध्यान परमेश्वर की योजना से हटा ले जाता है।
साहित्यिक संदर्भ (संदर्भ-आधार)
यिर्मयाह की गाथा में यह पंक्ति उन दिनों की सामाजिक और आधिकारिक असत्य का चित्रण करती है जब लोग भगवान के समाचार को नहीं मानते और अपने सुरक्षा-आत्मविश्वास में डूबे रहते हैं। वे कहते हैं कि विपत्ति नहीं आएगी—न तलवार, न अकाल-पर यह असत्य उनके पतन की पूर्वसूचना बन जाता है। यह भाग भविष्यदृष्टि के साथ समानांतर है जिसमें यहूदी समाज धार्मिक भ्रष्टाचार और अन्याय के कारण प्रभु की चेतावनियों को अस्वीकार कर देता है।
हेतुकिक और theological संकेत
यह पद यह स्पष्ट करता है कि शांति और सुरक्षा के भ्रम में भी परमेश्वर की नीति-नियमित चर्चा महत्त्वपूर्ण है। लोग यह मानते हैं कि यह सबtalward, कट्टरता और अकाल से मुक्त हैं; किन्तु 하나님 का न्याय समयानुसार आता है। इससे यह सिख मिलती है कि मानिसक सुरक्षा और नैतिक उत्तरदायित्व के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर के विरुद्ध बनाये गए विश्वास-आख्यान समय के साथ टूट जाते हैं।
अनुशीर्षक उद्धरण और ऐतिहासिक-भाषा के संकेत
प्राचीन टीकाकारों के द्वारा उद्धृत विचार साझा करते हैं कि चमत्कारी आश्वासन और सुरक्षा-आशाओं में गड़बड़ी से लोग अपराधी बन जाते हैं—पर उनके दुष्कंठों के पीछे यह भी है कि वे परमेश्वर के नियमों को भुला बैठे हैं।
मैथ्यू हेनरी के अनुसार यह प्रवचनीय चेतावनी बताती है कि आंतरिक डर से चलना नहीं, बल्कि सत्य को जीना आवश्यक है।
आल्बर्ट बार्न्स के अनुसार यहाँ का तात्पर्य यह है कि लोग आत्म-विश्वास के कारण भगवान की सचित्र भविष्यवाणियों को नकारते हैं, और परिणामस्वरूप वे अपनी रक्षा खो बैठते हैं।
ऐडम क्लार्क के अनुसार यह संदेश यह दर्शाता है कि निश्चय-पूर्वक सुरक्षा की गलत धारणा सामाजिक-आर्थिक या राजनीतिक सुरक्षा से नहीं पती, बल्कि आध्यात्मिक स्रोत से आती है।
cross-reference—संयुक्त विचार
प्रतिबिंब-विचार
संक्षिप्त निष्कर्ष
यिर्मयाह 5:12 हमें सिखाता है कि भ्रामक आश्वासन से मानव-मन एक पतझड़ की ओर अग्रसर हो सकता है। विपत्ति चाहे जैसी भी प्रतीत हो, परमेश्वर के सत्य को मानना और उसकी चेतावनियों के साथ चलना ही जीवन की सुरक्षा है।