यिर्मयाह 5:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“उन्होंने यहोवा की बातें झुठलाकर कहा, 'वह ऐसा नहीं है; विपत्ति हम पर न पड़ेगी, न हम तलवार को और न अकाल को देखेंगे।

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यिर्मयाह 5:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 5:12 — झुठलाए हुए दावों से विपत्ति का आह्वान

मुख्य interpretive बिंदु: पतित भविष्यवाणी से इनकार और आत्म-विश्वास की आड़ में ईश्वर से विमुखता ने यहूदियों के पतन की चेतावनी को ध्वस्त नहीं किया; यह वाणी बताती है कि लोग यह मानते हैं कि कठिनाई उनके जीवन में नहीं आएगी, पर वास्तविकता विपदी घटनाओं के द्वारा सामने आती है जब उनका ध्यान परमेश्वर की योजना से हटा ले जाता है।

साहित्यिक संदर्भ (संदर्भ-आधार)

यिर्मयाह की गाथा में यह पंक्ति उन दिनों की सामाजिक और आधिकारिक असत्य का चित्रण करती है जब लोग भगवान के समाचार को नहीं मानते और अपने सुरक्षा-आत्मविश्वास में डूबे रहते हैं। वे कहते हैं कि विपत्ति नहीं आएगी—न तलवार, न अकाल-पर यह असत्य उनके पतन की पूर्वसूचना बन जाता है। यह भाग भविष्यदृष्टि के साथ समानांतर है जिसमें यहूदी समाज धार्मिक भ्रष्टाचार और अन्याय के कारण प्रभु की चेतावनियों को अस्वीकार कर देता है।

हेतुकिक और theological संकेत

यह पद यह स्पष्ट करता है कि शांति और सुरक्षा के भ्रम में भी परमेश्वर की नीति-नियमित चर्चा महत्त्वपूर्ण है। लोग यह मानते हैं कि यह सबtalward, कट्टरता और अकाल से मुक्त हैं; किन्तु 하나님 का न्याय समयानुसार आता है। इससे यह सिख मिलती है कि मानिसक सुरक्षा और नैतिक उत्तरदायित्व के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर के विरुद्ध बनाये गए विश्वास-आख्यान समय के साथ टूट जाते हैं।

अनुशीर्षक उद्धरण और ऐतिहासिक-भाषा के संकेत

प्राचीन टीकाकारों के द्वारा उद्धृत विचार साझा करते हैं कि चमत्कारी आश्वासन और सुरक्षा-आशाओं में गड़बड़ी से लोग अपराधी बन जाते हैं—पर उनके दुष्कंठों के पीछे यह भी है कि वे परमेश्वर के नियमों को भुला बैठे हैं।

मैथ्यू हेनरी के अनुसार यह प्रवचनीय चेतावनी बताती है कि आंतरिक डर से चलना नहीं, बल्कि सत्य को जीना आवश्यक है।

आल्बर्ट बार्न्स के अनुसार यहाँ का तात्पर्य यह है कि लोग आत्म-विश्वास के कारण भगवान की सचित्र भविष्यवाणियों को नकारते हैं, और परिणामस्वरूप वे अपनी रक्षा खो बैठते हैं।

ऐडम क्लार्क के अनुसार यह संदेश यह दर्शाता है कि निश्चय-पूर्वक सुरक्षा की गलत धारणा सामाजिक-आर्थिक या राजनीतिक सुरक्षा से नहीं पती, बल्कि आध्यात्मिक स्रोत से आती है।

cross-reference—संयुक्त विचार

  • यशायाह 28:15 — चतुराई से सुरक्षा का ढोंग करना। यह बताता है कि मानव दुराचारीपन के बावजूद भी परमेश्वर की चेतावनियाँ अस्पष्ट नहीं रह जातीं; वे टूटने के लिए होती हैं।
  • यहोशू 7:12 — पाप के कारण सुरक्षा छिन्न-भिन्न हो जाना। यह दिखाता है कि नैतिक उल्लंघन का परिणाम सामाजिक सुरक्षा को ध्वस्त कर देता है।
  • लूक 12:19-20 — बुजुर्ग सोच बनाम परमेश्वर की नियति। यह उद्धरण यह दिखाता है कि जीवन की सुरक्षा केवल धन और सुरक्षा-उन्मुखता में नहीं, बल्कि परमेश्वर के साथ संबंध में है।

प्रतिबिंब-विचार

  • हम अपने जीवन में किन-किन आस्थाओं पर निर्भर महसूस करते हैं? क्या हम वास्तविकता से चूकते हुए तनाव-भरी सुरक्षा की कल्पना में जीते हैं?
  • क्या हमारी प्रार्थना और नैतिक आचरण हमें परमेश्वर के इरादे के अनुरूप बनाते हैं, या हम विपत्ति से बचने के लिए हथियारों और तर्कों में उलझ जाते हैं?
  • क्या हमने अपने समय की सामाजिक–आर्थिक नीतियों में ईमानदारी और न्याय की आवाज़ को कम कर दिया है?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 5:12 हमें सिखाता है कि भ्रामक आश्वासन से मानव-मन एक पतझड़ की ओर अग्रसर हो सकता है। विपत्ति चाहे जैसी भी प्रतीत हो, परमेश्वर के सत्य को मानना और उसकी चेतावनियों के साथ चलना ही जीवन की सुरक्षा है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 5:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 इतिहास 36:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 36:16 (HINIRV) »
परन्तु वे परमेश्‍वर के दूतों को उपहास में उड़ाते, उसके वचनों को तुच्छ जानते, और उसके नबियों की हँसी करते थे। अतः यहोवा अपनी प्रजा पर ऐसा झुँझला उठा, कि बचने का कोई उपाय न रहा। (प्रेरि. 13:41)

व्यवस्थाविवरण 29:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 29:19 (HINIRV) »
और ऐसा मनुष्य इस श्राप के वचन सुनकर अपने को आशीर्वाद के योग्य माने, और यह सोचे कि चाहे मैं अपने मन के हठ पर चलूँ, और तृप्त होकर प्यास को मिटा डालूँ, तो भी मेरा कुशल होगा।

1 शमूएल 6:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 6:9 (HINIRV) »
और देखते रहना; यदि वह अपने देश के मार्ग से होकर बेतशेमेश को चले, तो जानो कि हमारी यह बड़ी हानि उसी की ओर से हुई और यदि नहीं, तो हमको निश्चय होगा कि यह मार हम पर उसकी ओर से नहीं, परन्तु संयोग ही से हुई।”

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