यिर्मयाह 5:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्या मैं ऐसे कामों का उन्हें दण्ड न दूँ? यहोवा की यह वाणी है; क्या मैं ऐसी जाति से अपना पलटा न लूँ?

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यिर्मयाह 5:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 5:9 का संदर्भ और अर्थ

यिर्मयाह की book में परमेश्वर की गूंजती चीत्कार है कि यहोवा अपना चरम दया और कठोर न्याय दोनों दिखाते हैं, ताकि उसके चुने हुए लोगों के पापों का उत्तर मिले। इस वाक्य में परमेश्वर अपने भक्तों से असत्य, अन्याय और अकथित कृत्यों के प्रति कठोरता का संकेत दे रहे हैं और कह रहे हैं कि क्या मैं ऐसे कर्मों के लिए उन्हें दण्ड न दूँ? यहाँ यिर्मयाह भविष्यवक्ता को संदेश मिलता है कि परमेश्वर की वाणी कितनी गहरी चिंता से भरपूर है, जब वह अपनी जाति के पापों पर चिन्ता करता है।

केंद्रीय अर्थ

इस वाणी में पाप के प्रति प्रभुवाणी की निष्ठुरता स्पष्ट है। यह केवल दण्ड की बात नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट चेतावनी है कि परमेश्वर अपने चयनित लोगों के आचरण से कितना विचलित होते हैं, और अगर वे परिवर्तन नहीं करते, तो न्याय के हाथ उठेंगे। यह एक सामाजिक-नैतिक चेतावनी है: समुदाय के भीतर व्यभिचार, अन्याय, और निर्भीक अविश्वास को रोका जाना चाहिए, ताकि करुणा और धर्मी शासन संभव हो सके।

मुख्य विषयत्रय

  • पाप की गम्भीरता: परमेश्वर जानता है कि क्रमबद्ध उल्लंघन और चुप्पी से समाज कैसे भ्रष्ट होता है, और यह कि दण्ड उसके समाज की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक हो सकता है।
  • निवारण और परिवर्तन की आवश्यकता: केवल दण्ड नहीं, बल्कि पश्चात्ताप और सचेत बदलाओं से ही वास्तविक राहत मिलती है।
  • निष्ठा बनाम निष्क्रियता: जाति के लिए पलटाव और न्याय-पथ पर लौटना एक सामूहिक दायित्व है, जहाँ नेताओं और प्रत्येक नागरिक दोनों जिम्मेदार हैं।

संबद्ध बाइबिल संदर्भ

- अधोलिखित विषयों के साथ संबद्ध क्रॉस-रेफरेंसेज़: यिर्मयाह 4:10 में भविष्यवाणी और ग्रहणशीलता का महत्व, यिर्मयाह 7:5-7 में सच्ची नैतिकता और धर्म के प्रदर्शन की आवश्यकता, रोमियों 2:6-8 में भगवान के दण्ड और इनाम का न्यायपूर्ण नियम।

इन संदर्भों से हमें समझ में आता है कि परमेश्वर के निर्णय सार्वजनिक मानक के अनुसार होते हैं, और सामाजिक निष्ठा के साथ धार्मिक आचरण भी जरूरी है।

व्यावहारिक चिंतन

हम अपने समुदाय में आज किन आचरणों से दूरी बनाएँ? क्या हमारी आध्यात्मिकता शब्दों से अधिक कर्मों से प्रमाणित हो रही है? कमजोरियों के बावजूद ईश्वर का करुणा-शील yön हमें पश्चात्ताप की ओर खींचता है। एक सचेत नैतिक जीवन, नियमों के पालन, और एक दूसरे के प्रति न्यायपूर्ण व्यवहार इस संदेश का आधुनिक अनुप्रयोग हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 5:9 एक तीखा पर स्पष्ट उद्धार-याचना है — यदि हम परमेश्वर के मार्ग से दूर पड़ते हैं, तो दण्ड अपरिहार्य हो सकता है; परन्तु सत्यापित पश्चात्ताप और परिवर्तन से उद्धार संभव है। यह एक जागृति है कि समुदाय के नेता और सदस्य दोनों मिलकर पवित्र जीवन के मानकों को पुनः स्थापित करें।

सूत्रधारी उद्धरण (नोट)

यदि उपलब्ध हों, नीचे दिखाए गएMatthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट संक्षिप्त उद्धरण केवल वही हों जो विशिष्ट रूप से मौलिक टिप्पणी में दर्ज हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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क्या मैं ऐसी बातों का दण्ड न दूँ? यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं ऐसी जाति से अपना पलटा न लूँ?

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इसलिए, यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं इन बातों का दण्ड न दूँ? क्या मैं ऐसी जाति से पलटा न लूँ?”

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यहोवा जलन रखनेवाला और बदला लेनेवाला परमेश्‍वर है; यहोवा बदला लेनेवाला और जलजलाहट करनेवाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।

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