यिर्मयाह 5:28 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वे मोटे और चिकने हो गए हैं। बुरे कामों में वे सीमा को पार कर गए हैं; वे न्याय, विशेष करके अनाथों का न्याय नहीं चुकाते; इससे उनका काम सफल नहीं होता वे कंगालों का हक़ भी नहीं दिलाते।

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यिर्मयाह 5:28 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 5:28 पर टिप्पणी — अध्याय में स्थिति और सीख

यिर्मयाह की पुस्तक में यह घटक बताता है कि समाज में अत्याचार और भ्रष्टाचार कैसे भीतर से उभरते हैं। यहाँVerse 28 में उन लोगों की तस्वीर है जो शारीरिक तौर पर सुदृढ़ हैं, पर उनके कृत्य अनुचित हैं—बुरे कामों में सीमा के पार जाना, न्याय से मुँह मोड़ना और खासकर अनाथों के अधिकारों पर आँच डालना। इसका परिणाम स्पष्ट है: ऐसे कार्यों के बावजूद वे असफलता के बजाय, व्यवस्था के भीतर असमानताओं का पोषण करते हैं।

पर्व अध्याय में पंक्ति का स्थान

यह पंक्ति यिर्मयाह के संदेश-केन्द्रित प्रतिरोपण का भाग बनती है, जिसमें ईश्वर के न्याय की प्यास और समाज की वास्तविक स्थिति के बीच दूरी उजागर होती है। नीयत के भ्रष्ट होने पर समाज की संरचना डगमगा उठती है, ओरन्तिय और बेसहारा लोगों के अधिकारों की उपेक्षा कर अंततः सामाजिक अस्थिरता बढ़ती है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • कठोरता और अन्याय के सतह परोक से बाहर देखने पर भी, परमेश्वर न्याय करता है, खासकर कमजोर वर्ग के अधिकारों की सुरक्षा के लिए।
  • सामाजिक सत्ता और संपत्ति के असमान वितरण से उत्पन्न पथभ्रष्टाचार अंततः एक समाज की सामूहिक ऐसी दशा बनाता है जिसे दया और सत्य की गति से सुधारना पड़ता है।

संयुक्त टिप्पणी: पुराने दार्शनिक-टिप्पणियों के नज़रिये

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की टिप्पणी-परंपराएं इस verse के साथ एक ही अनुभूति साझा करती हैं: गिरते हुए समाज में न्याय की धारा बहती रहती है, परन्तु यदि धन और सत्ता से चिपक कर बुराई दबे रह जाए, तो वे लोग जो कमजोरों से अधिकार छीनते हैं, स्वयं अंततः दुष्कर स्थितियों में फँसते हैं।

उद्धृत छोटे अंश (जहाँ उपलब्ध):

- "उन्होंने न्याय की सुव्यवस्था को नहीं निभाया" (Henry): यह बताता है कि समाज की स्थिरता न्याय पर टिके रहते हैं और यदि न्याय का पालन नहीं किया गया, तो समाज पतन की ओर जाएगा।

- "बुरे कामों में वे सीमा को पार कर गए हैं" (Barnes/Clarke): सीमा पार करना एक नयी क्षति को जन्म देता है और ईश्वर के सामने अपराध बढ़ाता है।

अनुवादित पाठ का संक्षेप और अनुप्रयोग

इस पंक्ति से स्पष्ट संदेश है: समृद्धि और शक्ति अगर अन्याय के साथ जुड़ी हो, तो वह समाज की दीर्घकालिक सुरक्षा नहीं दे सकती। अनाथों, विधवाओं और कमजोर लोगों के अधिकारों की रक्षा करना हर समाज के लिए परमेश्वर की मांग है। अगर हम अपने-अपने जीवन में सत्ता, धन या प्रभाव का दुरुपयोग देखते हैं, तो यह संदेश उतना ही प्रासंगिक है जितना पुरानी प्रतिज्ञा थी—न्याय must prevail, compassion must guide policy.

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप सार)

  • यिर्मयाह 22:15-16 — अधिकार के साथ न्याय और दयाभाव लोगों के बीच कैसे परस्पर जुड़ते हैं।
  • यशाय 1:17 — सीख कि कैसे निष्पक्षता और न्याय के कार्यों के द्वारा समाज सुधर सकता है।
  • अय्यूब 29:12-14 — विपन्नों की सहायता और अधिकारों के संरक्षण से आत्मा की गरिमा बढ़ती है।

इन सम्वद्ध बिंदुओं से दिखता है कि न्याय-प्रतिकार और दया, दोनों मिलकर एक समाज की आत्मा को बनाए रखते हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 5:28 हमें याद दिलाता है कि समाज में ताकतवर होना हर दशा में सही नहीं होता जब तक न्याय और compassion उनकी दिशा-निर्देश नहीं रहे। परमेश्वर के सामने सभी के अधिकार सुरक्षित हों—खासकर अनाथ, विधवा और कमजोर वर्ग के—यही व्यवहार शांति और स्थिरता का आधार है।

नोट: यदि आप चाहें तो मैं इस अध्याय के और भीतर के अन्य वचनों के साथ तुलनात्मक व्याख्या और प्रायोगिक आवेदन भी जोड़ दूँ।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 5:28 समानांतर पद और संबंधित वचन

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व्यवस्थाविवरण 32:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 32:15 (HINIRV) »
“परन्तु यशूरून मोटा होकर लात मारने लगा; तू मोटा और हष्ट-पुष्ट हो गया, और चर्बी से छा गया है; तब उसने अपने सृजनहार परमेश्‍वर को तज दिया, और अपने उद्धार चट्टान को तुच्छ जाना।

जकर्याह 7:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
जकर्याह 7:10 (HINIRV) »
न तो विधवा पर अंधेर करना, न अनाथों पर, न परदेशी पर, और न दीन जन पर; और न अपने-अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना करना।”

यशायाह 1:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 1:23 (HINIRV) »
तेरे हाकिम हठीले और चोरों से मिले हैं। वे सब के सब घूस खानेवाले और भेंट के लालची हैं। वे अनाथ का न्याय नहीं करते, और न विधवा का मुकद्दमा अपने पास आने देते हैं।

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