Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 9:5 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 9:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अपने पाँवों में पुरानी पैबन्द लगी हुई जूतियाँ, और तन पर पुराने वस्त्र पहने, और अपने भोजन के लिये सूखी और फफूंदी लगी हुई रोटी ले ली।
यहोशू 9:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 9:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लूका 15:22 (HINIRV) »
परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा, ‘झट अच्छे से अच्छा वस्त्र निकालकर उसे पहनाओ, और उसके हाथ में अँगूठी, और पाँवों में जूतियाँ पहनाओ,

व्यवस्थाविवरण 33:25 (HINIRV) »
तेरे जूते लोहे और पीतल के होंगे, और जैसे तेरे दिन वैसी ही तेरी शक्ति हो।

व्यवस्थाविवरण 29:5 (HINIRV) »
मैं तो तुम को जंगल में चालीस वर्ष लिए फिरा; और न तुम्हारे तन पर वस्त्र पुराने हुए, और न तेरी जूतियाँ तेरे पैरों में पुरानी हुईं;
यहोशू 9:5—परिचय और संदर्भ
यहोशू के मिस्र-यात्रा के बाद इस्राइलियों के इतिहास में ग़ज़ेदार तीक्ष्णता दिखाई देती है। यूदा और गिलगाल के क़रीबी पड़ोस में कोनानियों की चालाकी से बचना चाहता था कि वे अपने पाछे से धोखा दे दें। इस पवित्र कथा में 9:5 वह दृश्य प्रस्तुत करती है जब(N) कोनानियों ने अपने दामन में धोखा छिपाकर इस्राइलियों से शांति की बुलाई। वे अपने पैर में पुराने जूतों के धब्बे लगाए थे, तन पर पुराने वस्त्र पहने थे और उनके भोजन के लिए सूखी और फफूंदी लगी हुई रोटी लेकर आए थे। यह रूप-रंग उनकी योजनाओं को उजागर करता है: वे अपने आप को "उन्नत निवासी" दिखाकर इस्राइलियों को विश्वासघाती बनाने का प्रयास कर रहे थे।
मुख्य अर्थ
इस पद का केंद्रीय संदेश है: आकर्षक बाहरी पंक्तियाँ कभी भी आंतरिक सत्य का प्रमाण नहीं होतीं। गुप्त योजना को ढकने के लिए समय-समय पर ऐसी चमत्कारी दिखावट दी जाती है जो दूसरों को भ्रमित करे। लेकिन ईश्वर की योजना के अनुसार, इस्राइलियों को भलाई की दिशा में सजग होना चाहिए और बाहरी आकलन के बजाय आंतरिक सत्य पर विश्वास रखना चाहिए। यह पाठ यह भी संकेत देता है कि विश्वासयोग्य निर्णय लेने के लिए कुण्ठित चालों से बचना चाहिए और परमेश्वर के मार्गदर्शन पर भरोसा रखना चाहिए।
कुंजी विषय
संबद्ध पाठ और उनका संक्षेप
1) नीति-शास्त्र में कुछ अन्य प्रसंग—जब लोग छल दिखाते हैं और परमेश्वर के लोग विवेक से काम लेते हैं; 2) भरी हुई चाल और बहाने के बावजूद धार्मिक समाज में सत्य की पहचान; 3) विश्वास के परीक्षण के समय मानव-योजना बनाम परमेश्वर की योजना के बीच चयन।
व्यावहारिक चिंतन
आज भी बाहरी भव्यता और शौर्य-भरे प्रस्तुतिकरण कई बार आंतरिक सत्य को ढांप देते हैं। हमें चाहिए कि हम अपने निर्णयों में सतर्क रहें, विशेषकर जब दूसरे अपने हित के लिए शांति-प्रस्ताव करें। विवेक, प्रार्थना और दृढ़ विश्वास से ही हम धोखे से बच सकते हैं।
छोटी समापन-युक्ति
इस verse से यह निष्कर्ष निकलता है कि ईश्वर के people को सतर्क रहना चाहिए—भली-भांति देखा जाने वाला भ्रम भी हो सकता है, परन्तु परमेश्वर की दिशा में चलना ही सुरक्षा है।
क्रॉस-रेफरेंसे
उद्धृत विचारों के साथ तीन संबंधित संदर्भ: आपसी छल और विवेक—उद्धृत नहीं किये गए पूर्ण पद, पर सार बताए गए हैं; संदर्भ: यहूदा-युद्ध के दौरान चालाकी के बारे में अन्य हिस्से; विश्वास बनाम दिखावा पर विचार।
प्रारम्भिक उद्धरण स्रोत
यहोशू 9:5 से प्रेरित विचारों के लिए सामान्य पठन-रीति; Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke आदि के समान व्याख्यात्मक परिप्रेक्ष्य से समन्वित अवलोकन तैयार किया गया है। इन कथनों के ठीक शब्द यहां नहीं दिए गए हैं, परन्तु उनके विचार संक्षेप में समाहित हैं।