मत्ती 18:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उनके बीच में खड़ा किया,

पिछला पद
« मत्ती 18:1
अगला पद
मत्ती 18:3 »

मत्ती 18:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

reader-friendly overview

मत्ती 18:2 में यीशु ने एक बालक को उनके बीच में खड़ा किया ताकि शिष्यगण यह समझ सकें कि परमेश्वर के राज्य में विनम्रता, सरलता और निष्कपट हृदय कितने मूल्यवान हैं। यह वाक्य जन्मते-जातते नहीं, बल्कि एक शिक्षण का केन्द्र बनता है: ईश्वर के पास आने के लिये बड़े-गुरुत्व या बाहुबल की नहीं, बल्कि बच्चा-जैसी निस्वार्थ आस्था की आवश्यकता है।

verse in its chapter

परिचय: अध्याय 18 में यीशु ने छोटे-छोटे प्राणियों, भाईचारे, और क्षमा के गुणों पर जोर दिया। मोड़ यह है कि वह अपने शिष्यों को यह सिखाते हैं कि प्रभु के राज्य के संबंध में सबसे बड़ी चीज़ कौन है और कैसे लोग एक-दूसरे को सम्हालें। इस क्रम में बालक को लाकर बीच में खड़ा करना एक दृश्य कार्य है जो हमारी आंखों के सामने मानवीय सहयोग, दयालुता और सरल faith को स्थापित करता है।

मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा

इस वचन का केंद्रीय तत्त्व है—राज्य में प्रवेश की खिड़की एक समान और कमजोर व्यक्ति के विश्वास की सरलता है। बालक की नोक-झोंक, उसकी निर्भय सरलता, और उसके निर्बन्धित माहौल में पल्ले लगती है कि पिता के राज्य में बड़े-बड़े और प्रभावशाली नहीं, बल्कि आत्म-निग्रहित और क्षमा-प्रिय हृदय वाले प्रवेश करते हैं। यीशु बालक को खड़ा कर यह संकेत देते हैं कि स्वर्ग के आशीष बच्चों के समान हैं; वे निर्भीक, बिना अपेक्षा के प्रेम में रहने वाले हैं।

आध्यात्मिक पाठ और तुलनात्मक विचार

Related cross-references की क्रिया-प्रणाली से यह स्पष्ट होता है कि: - मरकुस में भी यह दृश्य आता है जहाँ यीशु बालक को आगे कर के दिखाते हैं कि “जो छोटों को लेता है, वे ही बड़े होते हैं”—यही मर्म है कि सेवक-जीवन और विनम्रता परमेश्वर के राज्य की कुंजी है। - लूका 9:48 में भी “जो छोटों को स्वागत करता है वे मुझे स्वागत करते हैं” जैसा विचार आता है, जो समुदाय में उन्नति-चेतना और एक दूसरे के प्रति सम्मान को बढ़ाता है। - प्रकाशित वचन में वे ऐसे आचरण को भी देखते हैं जहाँ छोटे-छोटे तत्त्वों पर ध्यान देना, दयालुता और क्षमा का व्यवहार रखना, परमेश्वर के घर की संरचना को मजबूत बनाता है। इन सभी संदर्भों में एक समान ध्वनि है: विशाल विचार और बाहरी पाट के बीच भी परमेश्वर का राज्य छोटे-छोटे दिलों में है; सरल आस्था, नम्रता और दूसरे का सम्मान ही प्रवेश-पत्र हैं।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • अपने व्यवहार में बालक-सी सच्चाई दिखायें: निस्वार्थ सेवा, दयालुता, और लगाएपन के बिना आत्म-गौरव से दूर रहें।
  • समुदाय में छोटे-छोटे परेशान लोगों को सम्मान दें; उनकी बातें सुनें और सहायता करें।
  • नैतिक-आचरण में विनम्रता को सर्वोपरि मानें: जैसा बालक निर्भय और सादगी से पूछ-जान लेते हैं, वैसी ही आध्यात्मिक स्थिरता पाएं।

कन्फर्मिंग उद्धरण (संदर्भित टिप्पणियाँ)

यथार्थ शब्दावली के लिए, यदि आवश्यक हो, नीचे के दो-तीन उद्धरण सीधे पाठ से आते हैं कि कैसे टीका-आधारिक व्याख्याकारों ने इस दृश्य का अर्थ समझाने में सहायक योगदान दिया है।

Matthew Henry: "The way to greatness is through humility and childlike trust."

Albert Barnes: "In receiving a child, Christ teaches that the least in the kingdom is not to be despised."

Adam Clarke: "For among such is the kingdom of God, the simple and sincere are admitted."

cross-references with brief explanations

1) मत्ती 18:1-4 (पिछली बातों से जुड़ाव): यह घटना शिष्यगण के बड़े-छोटे की परख के संदर्भ को साफ करती है—राज्य में स्थान humility पर निर्भर है।

2) मार्क 9:36-37: बालक को ले जाकर उनके बीच बताने का दृश्य—शिक्षकों के लिये आदर्श सेवा-भाव और सहज प्रेम का प्रतिरुप।

3) लूका 9:48: जो छोटों को गले लगाता है वही बड़ा होता है—अन्यायपूर्ण अहंकार के विरुद्ध विनम्रता की पुष्टि।

संक्षेप

यह वाक्य बताता है कि परमेश्वर के राज्य में प्रवेश के लिए किसी बड़े पद या सामाजिक स्टेटस की नहीं, बल्कि बालक-सी सरलता, विश्वास और प्रेम की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के लिए यह एक स्पष्ट आह्वान है: विनम्रता अपनायें, दूसरों की गरिमा मानें, और छोटे-छोटे विश्वास के कामों में ईमानदार रहें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 18:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 19:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 19:13 (HINIRV) »
तब लोग बालकों को उसके पास लाए, कि वह उन पर हाथ रखे और प्रार्थना करे; पर चेलों ने उन्हें डाँटा।

1 राजाओं 3:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 राजाओं 3:7 (HINIRV) »
और अब हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! तूने अपने दास को मेरे पिता दाऊद के स्थान पर राजा किया है, परन्तु मैं छोटा लड़का सा हूँ जो भीतर बाहर आना-जाना नहीं जानता।

यिर्मयाह 1:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 1:7 (HINIRV) »
परन्तु यहोवा ने मुझसे कहा, “मत कह कि मैं लड़का हूँ; क्योंकि जिस किसी के पास मैं तुझे भेजूँ वहाँ तू जाएगा, और जो कुछ मैं तुझे आज्ञा दूँ वही तू कहेगा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें