मत्ती 18:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब पतरस ने पास आकर, उससे कहा, “हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूँ, क्या सात बार तक?”

पिछला पद
« मत्ती 18:20
अगला पद
मत्ती 18:22 »

मत्ती 18:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 18:21 परिप्रेक्ष्य और तात्पर्य

यूहन्ना-युग के समूह में यीशु ने निर्धारित दया और विनम्रता की शिक्षा दी. इस पद में पतरस ने पूछा कि कितनी बार क्षमा करूँ—यह परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप बने रहने का व्यावहारिक प्रश्न है। यीशु का उत्तर बताता है कि क्षमा की सीमा नहीं है; परमेश्वर के प्रति हमारा हृदय उसी सीमा से मुक्त होना चाहिए जिस सीमा से वह हमें क्षमा करता है। यह वाक्य, पहले से चल रहे पथ-परिवर्तन के क्रम में, स्पष्ट करता है कि प्रभु के राज्य में संबंधों की पुनर्स्थापना और क्षमा का स्थाई और निरंतर कार्य कितना आवश्यक है।

मुख्य सार और केंद्रीय अर्थ

पतरस का प्रश्न theological तौर पर सही लग सकता है—क्या हम सात बार तक क्षमा कर दें? पर यीशु दिखाते हैं कि क्षमा का मानक परमेश्वर की करुणा के मानक के बराबर है: निरंतर, बिना शर्त, और हर बार पुनः। इसका लक्ष्य है किFollower—हमारे रिश्ते नवीनीकरण और सामुदायिक जीवन में स्थिरता पाएँ, न कि अपराध को बढ़ावा देना या दबाव का आशीर्वाद बनना।

तीन प्रमुख विषय

  • क्षमा की सीमा नहीं: परमेश्वर की करुणा में वृद्धि होती है, और हमें भी उसी अनुग्रह से व्यवहार करना चाहिए।
  • रिश्तों की पुनर्स्थापना: क्षमा का उद्देश्य ब्याकुलता-रहित समुदाय बनाना है, जहाँ लोग जुर्म से उभरकर नयी शुरुआत पाते हैं।
  • अनंत दया बनाम व्यवहारिक विवेक: क्षमा देते समय भी शुद्धता और न्याय की आवश्यकता बनी रहती है ताकि उद्धार-यात्रा विकृत न हो पाए।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप

• मरकुस 11:25—यही विचार है कि जब हम आगे बढ़ते हैं तो दयालु दिल से दूसरों के प्रति हमारा व्यवहार भी दयालु होना चाहिए।

• लूका 17:3-4—यदि कोई पाप करे और फिर बदल जाए, तो क्षमा किया जाए; पुनः-प्राप्ति की प्रक्रिया में विनय जरूरी है।

• कोलुसियों 3:13—एक दूसरे के अधर्म के बदले धीरज और क्षमा के साथ सहनशील हों।

व्यवहारिक अनुप्रयोग

- अपने जीवन में छोटे-छोटे अनुशासन और क्षमा की आदत बनाएं; बड़े क्रोध के बजाय परिशुद्ध प्रेम को प्रकट करें।

- अपने भाई-बहनों के साथ संवाद में शांत रहें, गलतियों को भुलाने के बजाय उनमें सुधार की दिशा दें।

- क्षमा के साथ सत्य और न्याय का संतुलन बनाए रखें ताकि समुदाय में विश्वास बना रहे।

संक्षिप्त समापन

पतरस के प्रश्न का उद्देश्य क्यों क्षमा सीमित करें? यीशु का उत्तर बताता है कि परमेश्वर की क्षमा के मानक अनंत और निरंतर हैं; उसी से हम अपने संबंधों को भी विकसित करें। हमारी क्षमा, ईमानदारी और दयालुता के साथ, समुदाय को जीवन देता है और ईश्वर के राज्य की वास्तविकता को इस पृथ्वी पर दृष्टिगोचर करता है।

संक्षेपित उद्धरण (इसी पंक्ति के भीतर उल्लेख)

जहाँ आवश्यक हो, हमने एडम क्लार्क, एलबर्ट बार्न्स, और मैथ्यू हेनरी की सार्वजनिक-डायरेक्ट विचार-रेखा के संकल्पनात्मक संकेत शामिल किए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 18:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लूका 17:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 17:3 (HINIRV) »
सचेत रहो; यदि तेरा भाई अपराध करे तो उसे डाँट, और यदि पछताए तो उसे क्षमा कर।

मत्ती 18:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 18:15 (HINIRV) »
“यदि तेरा भाई तेरे विरुद्ध अपराध करे, तो जा और अकेले में बातचीत करके उसे समझा; यदि वह तेरी सुने तो तूने अपने भाई को पा लिया।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें