Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 18:1 मत्ती 18:2 मत्ती 18:3 मत्ती 18:4 मत्ती 18:5 मत्ती 18:6 मत्ती 18:7 मत्ती 18:8 मत्ती 18:9 मत्ती 18:10 मत्ती 18:11 मत्ती 18:12 मत्ती 18:13 मत्ती 18:14 मत्ती 18:15 मत्ती 18:16 मत्ती 18:17 मत्ती 18:18 मत्ती 18:19 मत्ती 18:20 मत्ती 18:21 मत्ती 18:22 मत्ती 18:23 मत्ती 18:24 मत्ती 18:25 मत्ती 18:26 मत्ती 18:27 मत्ती 18:28 मत्ती 18:29 मत्ती 18:30 मत्ती 18:31 मत्ती 18:32 मत्ती 18:33 मत्ती 18:34 मत्ती 18:35



सीधे अर्थ का बयान
यही वचन यह संकेत करता है कि एक खोई हुई भेड़ की खोज और उसकी फिर प्राप्ति पर ईश्वर का अत्यधिक प्रेम आकर्षित होता है; वह निन्यानवे भेड़ों से भी अधिक उसी एक को ढूंढ़ने और बचाने में प्रसन्न होता है जो खो गई थी।
प्रसंगगत पृष्ठभूमि
यह पाठ मत्ती 18 के भाग में है जहाँ यीशु समुदाय के भीतर एक दूसरे को कैसे प्रेम और खतरे से बचाने के विषय पर शिक्ष देता है। भेड़ों की संगति एक प्रेरक रूपक है: भेड़ें निर्भर और मार्गदर्शक की जरूरत होती हैं। यह उद्धरण बताता है कि ईश्वर के दिल में एक व्यक्तिगत, ठोस और गहरी पहुँच है—एक ऐसी खोज जो हर एक खोई चीज़ के लिए है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
छोटा थीमैटिक सूची
अनुच्छेदित पारस्परिक संदर्भ
यहोवा की दया के समानता: जब एक प्रत्यक्ष व्यक्तिगत उद्धार होता है, तो आकाश में खुशी होती है—यह वही बिंदु है जो यहां प्रस्तुत है।
पहचान और पुनःस्थापन: खोई चीज़ को खोज कर उसे वापस लाने से समुदाय में विश्वास और सुरक्षा मजबूत होती है।
सार्वभौमिक प्रेम के संकेत: यह दर्शाता है कि परम पिता चाहे तो बहुसंख्य में भी एक को न भूलकर उसे विशेष ध्यान देता है।
महत्वपूर्ण पारस्परिक संदर्भ (संक्षेप)
1) यशायाह 53 के संदर्भ में कर्मसूत्री खोज की आवश्यकता; 2) लूका 15 के समान रूपक—खोए बेटे की वापसी; 3) यूहना 10:14-16—घुसपैठ से बाहर लौटना और एक-एक के लिए सुरक्षा।
इनमें दिखाया गया है कि खोवा जीवन, समुदाय और प्रेम का वास्तविक उद्देश्य गहरे संबंधों की पुनर्स्थापना है।
व्यावहारिक takeaway
हमारी कम्युनिटी में प्रत्येक व्यक्ति का मूल्य दिखाइए, चाहे स्थिति कैसी भी हो। खोए हुए के लिए ध्यान, दया और सम्मान के साथ मार्ग प्रशस्त करें; इससे पूरे समूह की समृद्धि बढ़ती है।
एजेंसियों के उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संक्षिप्त विचारों से प्रेरणा मिलती है—ये पाठ के भीतर एक व्यक्तिगत, दयालु और समुदाय-उन्मुख दृष्टिकोण को पुष्ट करते हैं, और यह स्पष्ट करते हैं कि ईश्वर की खोज व्यक्तिगत रूप से भगवान की कल्पनातीत सुरक्षा है।