Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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निर्गमन 21:26 का अर्थ
यह आयत कहती है कि अगर किसी दास या दासी की आंख पर चोट लगाकर उसे अंधा बना दिया जाए, तो उस दास को उसकी आँख के बदले स्वतंत्र कर दिया जाए। सरल शब्दों में—दास-स्वामित्व की स्थिति में भी अधिकार यह है कि हिंसा से कमजोर पर अत्याचार न हो और चोट लगने पर दास को स्वतंत्रता मिल जाए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ व्यवस्थागत कानून का भाग है जो प्राचीन इस्राएल के दास-प्रथा के बारे में निर्देश देता है। जो दास वर्ष-समाप्ति के समय भी स्वतंत्र नहीं हो पाए, वह स्वाधीनता के साथ अपने मालिक के साथ रहने के विकल्प चुन सकता था; पर घोर चोट के परिणामस्वरूप प्रशासनिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए यदि दास की आंख फूट जाए, तो उसे स्वतंत्र कर देना आवश्यक था। यह कानून हिंसा के दमन से अधिक मानवीय सुरक्षा और दास-विधि में न्यायपूर्ण व्यवहार का संकेत देता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य थीम
अन्य संबंधित पद
यहेश्यूआ 34:7 — न्याय के सिद्धांत में चोट-भरपाई आदि का संतुलन, जो दोषी के दायित्व और पीड़ित की सुरक्षा को एक साथ मानता है। यह अनुच्छेद दिखाता है कि हिंसा के परिणामों में सामाजिक नियम कैसे चलने चाहिए।
उत्पत्ति 21:23‑25 — “जो कुछ मरण-सन्निकट हो, वही प्रतिफल” की धारणा से यह विचार मिलता है कि चोट की प्रकृति के अनुसार दंड-व्यवस्था निर्धारित होती है; आँख के बदले आँख की दृष्टि एक समतापीक न्याय का संकेत है।
संकेत-उद्धरण (और उनके उपयोग)
सूत्रों में से: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे पवित्र-कथा टिप्पणीकारों के चर्चित विचारों से मिलती-जुलती नजरिया मिलती है—परन्तु यहाँ इनका पूर्ण उद्धरण नहीं दिया गया है; केवल उनके सामान्य अंतर्दृष्टि के अनुरूप विचार प्रस्तुत हैं।
व्यावहारिक निष्कर्ष
यह Verse हमें यह सिखाता है कि प्राचीन समाज ने दास-स्वामित्व के बावजूद चोट के लिए न्यायपूर्ण उपाय निर्धारित किए; कमजोरी के विरुद्ध क्रूरता के बजाय सुरक्षा और स्वतंत्रता की दिशा में कदम बढ़ाने का संदेश है। यदि आज हम किसी कमजोर स्थिति के विरुद्ध हिंसा देखते हैं, तो इसकी समीक्षा और निष्पक्ष प्रतिक्रिया आवश्यक है—स्वतंत्रता, गरिमा और कानूनी सुरक्षा के मूल्यों के अनुरूप।
संक्षिप्त अनुप्रयोग सूची