Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 25:11 का स्पष्ट अर्थ
यह पद बताता है कि अज़ाम की पुष्टि करते हुए परमेश्वर अपने दुश्मनों के बल को उसी के भीतर नष्ट कर देगा; जैसे कोई व्यक्ति तैरते हुए हाथ फैलाकर पानी को पकड़ने की कोशिश करता है, पर उसकी पकड़ कमजोर पड़ जाती है, उसी प्रकार विपत्ति की ताकत उसके गर्व को तोड़ देगी और उसकी चतुराई निष्फल हो जाएगी।
संदर्भ परिचय
यशायाह के ग्रंथ में ईश्वर के उद्धार और राष्ट्रों पर शासन का संकेत बार-बार मिलता है। 25 अध्याय में परमेश्वर के सामर्थ्यपूर्ण फूट-फूटकर उद्धार, भक्षक pitan आदि के विरुद्ध विजय और लोक-जातियों के आगमन का चित्रण है। यह पंक्तियाँ संकेत देती हैं कि भौतिक शक्ति के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि ईश्वर की योजना से ही शांति और सुरक्षा मिलती है।
व्याख्यात्मक देखरेख
- “उसे अपने हाथ इस प्रकार फैलाएगा”—यह-zero-sum जैसा दृढ़ नियंत्रण नहीं, बल्कि अभिमानित शत्रु के विरुद्ध ईश्वर की दृढ़ सीमा और नियंत्रण दर्शाता है।
- “परन्तु वह उसके गर्व को तोड़ेगा”—गर्व का अंत, क्योंकि उद्धारकर्ता की कार्य-पद्धति में नम्रता और न्याय सम्मिलित है; गर्व तिल-तिलकर टूटेगा, और उसकी योजना अवश्य असफल होगी।
- “और उसकी चतुराई को निष्फल कर देगा”—युद्ध-योजना, चालाकी या कूटनीति भी अंततः निष्फल हो जाएगी, क्योंकि परमेश्वर का मार्ग स्थिर और मजबूत है।
अन्वय-नोट्स (Interpretive observations)
स्पर्श-संयुक्त सिद्धांत (Cross-references with brief explanations)
छोटी शिक्षाप्रद सूची
प्रैक्टिकल निष्कर्ष
जीवन में चाहे कितनी भी शक्तिशाली योजनाएँ क्यों न हों, हमारा स्थायित्व ईश्वर की अनुमति और मार्गदर्शन में है। नम्रता, उद्धार की आशा और ईश्वर की गाइडेंस पर निर्भरता ही वास्तविक सुरक्षा देती है।
महत्वपूर्ण पाठ उद्धरण (Public-domain commentators)
यह अंश Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के समकक्ष पारमार्थिक निष्कर्ष से संगत है: वे स्पष्ट रूप से बताते हैं कि गर्व के विरुद्ध ईश्वर की कटुता और चालाकी की असफलता His sovereignty के सामने कमजोर पड़ती है। अगर आप चाहें तो इन स्रोतों के संपूर्ण विचार पूछ सकते हैं, पर इस पंक्ति में मुख्य संदेश वही रहता है कि गर्व, चालाकी और शक्ति-प्रदर्शन अंततः ईश्वर के पैमाने पर मँड़राते हैं और नष्ट हो जाते हैं।
उद्धृत विशिष्ट अभिधानों के बारे में: यदि उपलब्ध हो, तो मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के कंठस्थ शाब्दिक छोटे उद्धरण इस पाठ में प्रयुक्त किये गए हैं।