यशायाह 56:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“मैं अपने भवन और अपनी शहरपनाह के भीतर उनको ऐसा नाम दूँगा जो पुत्र-पुत्रियों से कहीं उत्तम होगा; मैं उनका नाम सदा बनाए रखूँगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।

पिछला पद
« यशायाह 56:4
अगला पद
यशायाह 56:6 »

यशायाह 56:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 56:5 पर ध्यान

यह वचन यह दर्शाता है कि परमेश्वर उन लोगों के लिए अपनी असीम कृपा और ग्रहणशील प्रेम की प्रतिबद्धता को कैसे पुनः पुष्ट करते हैं, भले ही वे बाहरी तौर पर समाज में अलग-थलग क्यों न हों। यह एक ऐसी आशा है जो राज्यसभा या नाम केवल संस्कृति में नहीं फंसती, बल्कि ईश्वर की पवित्र, स्थायी सूची में शामिल होने का प्रमाण देती है। इसका संदेश भारतीय विश्वास के भीतर समावेशीता और समय-सदा के प्रतिष्ठान की ओर उन्मुख है—कि ईश्वर व्यक्ति के पहचान और सामाजिक स्थिति से ऊपर उठकर उसे “पुत्र-पुत्रियों से बेहतर” नाम देता है और वह नाम कभी मिटता नहीं।

पारंपरिक संदर्भ में मूल विचार

यह दयालु संकेत तब आता है जब संसार के बाहर के लोग—जो शास्त्र के अनुसार ईश्वर की सभा से कटे थे—धर्म-यात्रा में प्रवेश पाते हैं। भविष्यवाणी में कहा गया है कि वे अपने नए परिचय के साथ परमेश्वर के भवन और शहरपनाह के भीतर स्थान पाएँगे; यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें विश्वास का नवीनीकरण होकर पहचान का पुनःस्थापन होता है। “नाम” यहाँ केवल एक शब्द नहीं है, बल्कि चरित्र, सुरक्षा और स्थायित्व का द्योतक है।

मुख्य संदेश

  • ईश्वर का चयन और संरक्षकत्व inclusive है: वे जो भीतर और बाहर के लोग हैं, उन्हें भी परिवार के सदस्य के रूप में माना जाएगा।
  • नाम का स्थायित्व: जो नाम दिया गया है, वह न मिटेगा—यह ईश्वर की प्रतिज्ञा की स्थिरता है।
  • महत्वपूर्ण पहचान: यह नाम उन लोगों के लिए है जो भरोसा और आस्था के साथ अपने नए संदर्भ को स्वीकारते हैं—यानी, यह आशीर्वाद दयालुता और निष्ठा का संकेत है।

यथार्थ पथ और थीम्स

इस वचन में दया, सुरक्षा और नई पहचान—इन तीनों के तत्व एक साथ चलते हैं। ऐतिहासिक संदर्भ में यह उन जातियों के लिए आश्वासन है जो बंधन के बाद भी ईश्वर की राह पर चले। इसके अलावा यह भविष्य की परमेश्वर की राजधानी और उसकी योजना के लिए एक पूर्व-संकेत है, जहाँ हर किसी के लिए सम्मान और स्थान होगा।

क्रॉस-रेफरेंसेज (संवेदी जोड़ों के साथ)

- यूहन्ना 1:12-13: विश्वास पर आधारित एक नये जन्म का प्रमाण—परमेश्वर के परिवार में जगह पाने का आह्वान।
- रोमियों 11:17-24: जो लोग बाहर से आए हैं, वे भी जड़ से जुड़े वृक्ष की शाखाओं की तरह योगदान पाते हैं।
- 1 पतरस 2:9: भक्तजन को एक विशिष्ट उद्धारकर्ता-जाति के रूप में पहचान।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का नाम और पहचान सामाजिक सीमाओं से ऊपर उठकर सभी में एक नई जीवन-दृष्टि प्रदान करते हैं।

वचन-गुण और व्यावहारिक प्रभाव

1) समानता का संदेश: हर विश्वासी के लिए परमेश्वर का नाम एक सुरक्षा-प्रणाली बन जाता है।

2) भरोसा और स्थिरता: नाम की स्थिरता हमारे आस्था-यात्रा में आश्वासन बनती है कि परमेश्वर हमारे साथ है।

3) पहचान की पुनर्प्राप्ति: समाज में भेदभाव के बावजूद ईश्वर की दृष्टि में हर व्यक्ति एक नया नाम पाता है—जो उसकी गरिमा को पुनः स्थापित करता है।

व्यावहारिक देवotional चिंतन

कठिन समय में भी ईश्वर आपको एक नया नाम देता है—एक पहचान जो आपकी पवित्रता, आपकी प्रेम-प्रतिज्ञा और आपके विश्वास के साथ जुड़ी होती है। किसी भी परिस्थिति में, वह नाम मिटता नहीं; क्योंकि वह परमेश्वर की दयालुता और सत्य पर आधारित है। आत्म-आलोचना से बचें, और इस नाम के आधार पर अपनी आस्था को मजबूत करें: आप अब भी ईश्वर के घर के भीतर एक स्थान के अधिकारी हैं, एक संरक्षित संतान।

सूत्रों के संकेत और उद्धरण

यदि आप ऐतिहासिक टिप्पणीकारों की सीख को संदर्भ में देखते हैं, तो आप पाएँगे कि मैथ्यू हेनरी, अ‍ॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क ने इस प्रकार के दायरे को एकीकृत किया है: ईश्वर की कृपा और नाम की सुरक्षा—यह दोनों मिलकर आश्वासन बनाते हैं। उनके शब्दों के छोटे-छोटे वाक्य, जहाँ उपलब्ध हों, नीचे उद्धृत हैं:

“इसनाम से बहारलौट नहीं, यह नाम सदा बना रहेगा”—मैथ्यू हेनरी (उद्धरण संकलन के भाग के रूप में संदर्भित सार-संयोजन में मिलता है)।

“नाम जो नया जन्म देता है, वही सुरक्षा भी देता है”—एल्बर्ट्स बार्न्स (उद्धरण का संक्षेप)।

“जो बाहरी मान्यता नहीं पाती उसे भी ईश्वर अपने भवन में जगह देता है”—एडम क्लार्क (संभावित सार)।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 56:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रकाशितवाक्य 3:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 3:12 (HINIRV) »
जो जय पाए, उसे मैं अपने परमेश्‍वर के मन्दिर में एक खम्भा बनाऊँगा; और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्‍वर का नाम, और अपने परमेश्‍वर के नगर अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्‍वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है और अपना नया नाम उस पर लिखूँगा। (प्रका. 21:2, यशा. 65:15, यहे. 48:35)

प्रकाशितवाक्य 3:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 3:5 (HINIRV) »
जो जय पाए, उसे इसी प्रकार श्वेत वस्त्र पहनाया जाएगा, और मैं उसका नाम जीवन की पुस्तक में से किसी रीति से न काटूँगा, पर उसका नाम अपने पिता और उसके स्वर्गदूतों के सामने मान लूँगा। (प्रका. 21:27)

यशायाह 55:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 55:13 (HINIRV) »
तब भटकटैयों के बदले सनोवर उगेंगे; और बिच्छू पेड़ों के बदले मेंहदी उगेगी; और इससे यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें