यशायाह 7:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“अपने परमेश्‍वर यहोवा से कोई चिन्ह माँग; चाहे वह गहरे स्थान का हो, या ऊपर आसमान का हो।”

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यशायाह 7:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 7:11 का व्याख्या और संदर्भ

यशायाह का यह भाग इस्राएल-यूद्ध की कठिन समयावधि में बेअत-य combination का संदर्भ देता है। आहाज़ के समकालीन संकट में ईश्वरीय संदेश स्पष्ट किया गया है कि परमेश्वर अपने लोगों को अशांति और धोखे से बचाने के लिए एक संकेत मांगते हैं—परमेश्वर से; ताकि वे उसकी सत्ता और करुणा पर भरोसा करें, न कि शर्तों से छुटकारा पाने के लिए अपने संकेतों से। दाऊदीय भविष्यवक्ताओं के माध्यम से यह वाक्य यह दिखाता है कि परमेश्वर अपनी नीयत और चिरस्थायी भय से मुक्त करने के लिए एक दृश्य संकेत देना चाहते हैं, जो उनके भरोसे के अनुकूल हो।

मुख्य अर्थ

यह वचन यह प्रश्न उठाता है कि भगवान से संकेत माँगना उचित है या नहीं। कुछ संदर्भों में चीत्कार और अविश्वास का संकेत मिलता है, परन्तु यहाँ संकेत माँगना यह परमेश्वर की अनुमति और निर्देश से है; ताकि अशुद्ध आशाओं में नहीं, बल्कि उनकी महिमा और कृपा में विश्वास किया जा सके। यह नहीं कि मनुष्यों को भौतिक आश्वासन चाहिए, बल्कि यह कि परमेश्वर अपने उद्देश्य के लिए प्रमाण देता है ताकि उनका विश्वास दृढ़ हो सके।

तीन प्रमुख विषय

  • : संकेत से ईश्वर के सामर्थ्य पर विश्वास बढ़ाने की प्रेरणा; क्योंकि संकेत परमेश्वर की सत्ता का प्रमाण होते हैं.
  • : यह दिखाना कि परमेश्वर का योजना समय पर और ठीक स्थान पर है, ताकि उनकी योजना पर मनुष्य का विश्वास पुनः स्थिर हो सके।
  • : संकेत माँगने के पीछे हृदय की सच्ची इच्छा—ईश्वर की महिमा और उद्धार के उद्देश्य—ज़रूरी है, न कि निश्चयहीन और भयभीत आत्मा की मांग।

संलग्न क्रॉस-रेफरेंसेज

1) दानियाल 9:21-27 से संकेत और मिसाल मिलती है कि किस प्रकार परमेश्वर किसी समय में प्रमाणित करते हैं, ताकि लोग उसकी योजना को समझ सकें।

2) मत्ती 12:38-39 में यीशु ने संकेत के बारे में सावधानी बताई है—स्वर्गीय संकेत केवल ईश्वर के कार्य को उद्घोषित करते हैं, बाह्य चमत्कार नहीं।

3) रसूलों 2:19-21 में अंतिम दिनों की बातें उद्धृत हैं, जो संकेतों के साथ परमेश्वर के उद्धार का संदेश देता है—पर अंततः विश्वास करना चाहिए कि उद्धार उनका है।

व्यावहारिक विचार

हम अक्सर संकेत और चमत्कार की लालसा करते हैं ताकि हमारी आशाएं मजबूत बनें। परन्तु सच्चा विश्वास तब उभरता है जब हम परमेश्वर के वचन में स्थिर रहते हैं, भले ही संकेत भौतिक रूप से न दिखें। ऊपर की ओर देखने की आदत बनाए रखें—ईश्वर हमारे पुनर्जनन और उद्धार की अवधि में विश्वास बनाए रखना चाहते हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 7:11 हमें यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर अपने लोगों के दिल को देखता है और उचित समय पर एक संकेत देना अपना चयन है—ताकि वे उसकी स्थापित कृपा और उसकी योजना पर विश्वास करें। यह संकेत विश्वास के जीते-जागते प्रमाण होते हैं, न कि जड़-तोड़ आश्वासन।

टिप्पणीधारक विचार (संक्षेप)

हेडिंग्स, विचार और संदर्भ मिलाकर एक समेकित संदेश बनता है: परमेश्वर अपनी राजधानी के लिए संकेत देता है ताकि उनके लोग अपने भय पर विजय पाएं, और दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ें। हिंट्स और चमत्कार से अधिक जरूरी है परमेश्वर के वचन के अनुरूप जीवन बिताना।

नोट: नीचे उद्धृत प्रसिद्ध पवित्र-ग्रंथ विवेचक के मिलते-जुलते विचार आवश्यक थे, पर यहाँ मूल विचारों को एक नया, हिंदी-प्रकाशन-स्तर पर प्रस्तुत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 7:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 38:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 38:7 (HINIRV) »
यहोवा अपने इस कहे हुए वचन को पूरा करेगा,

यशायाह 37:30 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 37:30 (HINIRV) »
“और तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि इस वर्ष तो तुम उसे खाओगे जो आप से आप उगें, और दूसरे वर्ष वह जो उससे उत्‍पन्‍न हो, और तीसरे वर्ष बीज बोकर उसे लवने पाओगे और दाख की बारियाँ लगाने और उनका फल खाने पाओगे।

मत्ती 12:38 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 12:38 (HINIRV) »
इस पर कुछ शास्त्रियों और फरीसियों ने उससे कहा, “हे गुरु, हम तुझ से एक चिन्ह* देखना चाहते हैं।”

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