Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 7:2 का अर्थ और संदर्भ
सीधे शब्दों में कहें तो यह वचन दर्शाता है कि अरामियों की धमक से दाऊद के घराने सहित सामुदायिक मन विचलित हो गया। जलते हुए भय का यह दृश्य तब आता है जब एप्रैमियों ने अरामियों के साथ मिलकर संधि कर ली और यह खबर यहूदियों के बीच डर और अस्थिरता को बढ़ाती है।
पृष्ठभूमि संक्षेप
यहोशू के समय के बाद का यह काल बिंदु है जब असीरिया और उत्तरी राज्य इजरायल (एप्रैम) के बीच शक्तिशाली तनाव बना था। राजा अजीअ के शासनकाल में यरूशलेम और उसके पड़ोसी शहरों पर असुरक्षा का वातावरण था, और यहोदियों के पथ-निर्णयों पर खतरे की गूँज हर ओर सुनी जा सकती थी। यह जगह यहूदा के ईश्वर-भय को परखने का समय बना, जिसमें राज्य की सुरक्षा मानव-शक्ति पर नहीं, परमेश्वर की सहायता पर टिकी रहती है।
व्याख्यात्मक बिंदु
अन्वेषणीय दृष्टिकोण
यहां विभेद यह है कि मानव प्रयासों के यथार्थ लाभ होते हैं या नहीं; परन्तु पवित्र लेखन में परमेश्वर की योजना और वरदान के बिना स्थायित्व नहीं माना गया। यह वाक्य पढ़ने वाले को याद दिलाता है कि भय का सामना होते समय परमेश्वर की सहायता और विश्वास-योग्यता सबसे प्रमुख उपाय है।
प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेस और सम्बद्ध विचार
▪ यशायाह 7:4 — सम्बद्ध चेतावनी: शान्त रहो और भय से न डरो; यहोवा की सहायता तुम्हारे साथ है।
▪ 2 राजा 16:20 — राजा अजीअ के साथ राजनीतिक सौदे भीषण परिणाम दे सकते हैं; परमेश्वर के निर्णय के विरुद्ध नहीं जाना चाहिए।
▪ यशायाह 8:12‑13 — डर को इकट्ठा करने की जगह, परमेश्वर के सम्मान और पहचान पर टिके रहने का संदेश।
पठन-सम्भावना से जुड़ा संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पाठ भविष्य की आशंकाओं के सामने एक स्पष्ट शिक्षा देता है: भय का सामना करते समय परमेश्वर की सहायता और आस्था ही सबसे सुरक्षित मार्ग है। दाऊद के घराने को यह स्मरण रहना चाहिए कि सांस लेने और सुरक्षा की वास्तविक गारंटी परमेश्वर की कृपा है, न कि राजनीतिक समझौते।
कुल मिलाकर यह परिप्रेक्ष्य हमें सिखाता है कि स्थापना-योजनाओं के बीच भी परमेश्वर की इच्छा को मानना और उसकी शक्ति पर निर्भर रहना सबसे अधिक आवश्यक है।
आवश्यक उद्धरण-योग्यता: इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए संक्षेप में केवल उनके सामान्य विचारों के अनुरूप व्याख्या समाहित की गई है।