Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 12:1 मत्ती 12:2 मत्ती 12:3 मत्ती 12:4 मत्ती 12:5 मत्ती 12:6 मत्ती 12:7 मत्ती 12:8 मत्ती 12:9 मत्ती 12:10 मत्ती 12:11 मत्ती 12:12 मत्ती 12:13 मत्ती 12:14 मत्ती 12:15 मत्ती 12:16 मत्ती 12:17 मत्ती 12:18 मत्ती 12:19 मत्ती 12:20 मत्ती 12:21 मत्ती 12:22 मत्ती 12:23 मत्ती 12:24 मत्ती 12:25 मत्ती 12:26 मत्ती 12:27 मत्ती 12:28 मत्ती 12:29 मत्ती 12:30 मत्ती 12:31 मत्ती 12:32 मत्ती 12:33 मत्ती 12:34 मत्ती 12:35 मत्ती 12:36 मत्ती 12:37 मत्ती 12:38 मत्ती 12:39 मत्ती 12:40 मत्ती 12:41 मत्ती 12:42 मत्ती 12:43 मत्ती 12:44 मत्ती 12:45 मत्ती 12:46 मत्ती 12:47 मत्ती 12:48 मत्ती 12:49 मत्ती 12:50



मत्थाय 12:41 का अर्थ और संदर्भ
इस पद का मूल संदेश है: नीनवे के लोग न्याय के दिन इस युग के लोगों से अधिक जागरूक और उत्तरदायी ठहरेंगे, क्योंकि उन्होंने योना के प्रचार को सुनकर मन बदला (तबी) किया, जबकि यहाँ मौजूद महान खतरे के सामने ईसा मसीह के संदेश को अस्वीकार किया गया। योना ने जो संदेश दिया, वह न केवल शब्द था, बल्कि एक आत्म-परिवर्तन का आह्वान था; उसका प्रभाव यहाँ के लोगों पर अधिक गहरा माना जाएगा क्योंकि उन्होंने उसे सुनकर कदम उठाए।
पुनरावलोकन और पृष्ठभूमि
यूहन्नी भक्तजन के बीच यीशु यीशु की शिक्षा के साथ संकेत देते हैं कि नीनवे के निवासियों ने एहसान-प्राप्ति के अवसर पर जवाब दिया था, जबकि उनके समकालीन श्रोताओं ने परमेश्वर के राज के संदेश को ठेस पहुँचाई। मैथ्यू 12:41 में यह तुलना स्थापित है कि पूर्वी नगरों से अधिकतम उत्तरदायित्व उन लोगों में है जो जोना के प्रचार को सुनकर ग्रहण करते हैं। यह इस बात पर बल देता है कि अभिजात और विद्वान भी यदि शब्द के प्रकाश के सामने अवहेलना करें, तो उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
व्याख्या के सूत्र
- न्याय के दिन: यह एक चरणबद्ध आह्वान है कि अंत समय के आडंबर के कारण जो लोग सच को नहीं मानते, वे दूसरों से अधिक जवाबदेह होंगे।
- योना का प्रचार: इतिहास में योना एक प्रत्यक्ष संदेशवाहक था; उसका प्रचार एक सरल नैतिक प्रस्ताव– बदलाव और तौबा– का प्रतीक है।
- यहाँ वह है जो योना से बड़ा है: मसीह का प्रभाव, शिक्षण और अधिकार की महत्ता का संकेत। लोग अगर योना के समय के प्रेषक के संदेश को भी नहीं मानते, तो उनमें मसीह के संदेश के प्रति अधिक जवाबदेही होगी।
कठोर और संतुलित दृष्टिकोण के संकेत
अनुरूप क्रॉस-रेफरेंसे
1) लूका 11:29-32: मसीह के संदेश की पुष्टि और उन लोगों का दायित्व, जो प्रकाश को ठुकराते हैं। इस संदर्भ में नीनवे के शहर का निष्कर्ष और मसीह की पुष्टि एक साथ देखने को मिलती है।
2) मत्ती 7:28-29: यीशु की शिक्षा की_AUTHORitativeness—शासन और सीखने की प्रेरणा—संकेतित करती है कि उसकी शिक्षा के बिना यह प्रभाव संभव नहीं।
3) मत्ती 11:20-24: नीनवे की तुलना में ईश्वरीय क्रोध और अंतिम दिन की चेतावनी का विस्तार, जहाँ प्रतिरूप द्वारा उत्तरदायित्व स्पष्ट होता है।
छोटी थीम-सूची
संक्षिप्त आउट-लुक/सीख
हमारे पास जो सत्य उभरे हैं, उसका सही असर तब तक संभव नहीं जब तक हम केवल सुनकर नहीं चल पड़ते। मसीह के संदेश के साथ जीवन में परिवर्तन उन लोगों के लिए है जो न केवल सुनते हैं बल्कि आचरण भी उसी अनुसार बदलते हैं। यह पाठ एक चेतावनी है कि नरमी के साथ-साथ जवाबदेही भी अनिवार्य है।
उद्धरण संदर्भ (स्पष्ट उद्धरण यदि लिए गए हों): एडम क्लर्क, ऐल्बर्ट बार्न्स या मैथ्यू हेनरी के शाब्दिक छोटे हिस्से नीचे उद्धरित मिलते हैं, परन्तु संपूर्ण पाठ के भीतर उनकी रचना नहीं की जाएगी।