Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 12:1 मत्ती 12:2 मत्ती 12:3 मत्ती 12:4 मत्ती 12:5 मत्ती 12:6 मत्ती 12:7 मत्ती 12:8 मत्ती 12:9 मत्ती 12:10 मत्ती 12:11 मत्ती 12:12 मत्ती 12:13 मत्ती 12:14 मत्ती 12:15 मत्ती 12:16 मत्ती 12:17 मत्ती 12:18 मत्ती 12:19 मत्ती 12:20 मत्ती 12:21 मत्ती 12:22 मत्ती 12:23 मत्ती 12:24 मत्ती 12:25 मत्ती 12:26 मत्ती 12:27 मत्ती 12:28 मत्ती 12:29 मत्ती 12:30 मत्ती 12:31 मत्ती 12:32 मत्ती 12:33 मत्ती 12:34 मत्ती 12:35 मत्ती 12:36 मत्ती 12:37 मत्ती 12:38 मत्ती 12:39 मत्ती 12:40 मत्ती 12:41 मत्ती 12:42 मत्ती 12:43 मत्ती 12:44 मत्ती 12:45 मत्ती 12:46 मत्ती 12:47 मत्ती 12:48 मत्ती 12:49 मत्ती 12:50



मत्ती 12:46 के संदर्भ में तत्काल स्थिति
जब यीशु भीड़ से बात कर रहे थे, उस समय उनकी माता और भाई बाहर खड़े थे और उनसे मिलना चाहते थे। यह दृश्य उभरकर सामने लाता है कि पारिवारिक संबंध भी मानव अवस्था के साथ जुड़ते हैं, पर धार्मिक-ग्रहण और परमेश्वर के राज्य के कार्यों के बीच एक नई प्राथमिकता कैसे बनती है। पाठ में दिखता है कि प्रभु के प्रचार-कार्य और शिक्षाओं के बीच सामाजिक रिश्ते हलचल पैदा करते हैं, पर यीशु का फोकस यह दर्शाता है कि आध्यात्मिक परिवार वह है जो विश्वास के कारण बनता है।
कहानी का प्रकाश: ईश्वर की योजना बनाम पारिवारिक संबंध
यह पंक्ति परोसी जाती है कि यीशु का प्राथमिक उद्देश्य प्रभुवाई के काम को आगे बढ़ाना है, चाहे पारिवारिक प्रतिक्रियाएं कैसी भी हों। यह एक महत्त्वपूर्ण संकेत है कि परमेश्वर के राज्य के लिए आवश्यकता ऐसी है जो सामाजिक नियमों से ऊपर उठकर आती है। पुराने नियम के संदर्भों में पिता-प्रणालियों, पुत्र-आदेशों और समुदाय-आस्था के बीच संतुलन दिखता है; यीशु इसे नयी कसौटी से परखते हैं।
शब्दावलियों और चित्रों کی स्पष्टता
अन्य बाइबिल पाठों से सम्बन्ध
यह दृश्य, “परिवार” बनाम “ईश्वर के राज्य” के द्वंद को परखता है। साथ के बाइबिल सन्दर्भों में यीशु के आत्म-उत्पादन की प्राथमिकता, प्रेरित-पारिवारिक उद्गार, और बहिर्गमन की तीव्रता दिखती है:
2-3 संगत प्रत्यक्ष उद्धरण (सार)**
यह भाग केवल उद्धरणों के लिए है; पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है। नीचे Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संक्षेप हैं, उनके छोटे-छोटे शब्द-चिह्न नीचे दिए गए हैं:
सेतु सूत्र (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
आज के लिए अनुप्रयोग
हममें से कई बार पारिवारिक प्रेम और ईश्वर-सेवा के बीच संघर्ष हो सकता है। यह पद हमें सिखाता है कि आध्यात्मिक उद्देश्य सामने हो, तो परंपरागत रिश्तों के दायरे भी उन्नत रहते हैं, परन्तु परमेश्वर की बुलाहट के प्रति वफादारी सर्वोपरि है। यदि आप किसी ऐसी स्थिति में हों जिसमें विश्वास और पारिवारिक दायित्व संघर्ष करें, तो क्रमबद्ध निर्णय लें: पहले परमेश्वर की इच्छा जानें, फिर समुदाय और परिवार के प्रति उचित सम्वाद बनाएं।