मत्ती 12:40 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

योना तीन रात-दिन महा मच्छ के पेट में रहा, वैसे ही मनुष्य का पुत्र तीन रात-दिन पृथ्वी के भीतर रहेगा।

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मत्ती 12:40 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 12:40 का स्पष्ट अर्थ

इस पद में यीशु मना करते हैं कि वह अपने दौर के नेताओं की रीति-नीति के अनुसार “महिमा” का ढोंग दिखाने के बजाय सत्य को प्रकाशित करे। उनके शब्दों में जिस स्थिति का संकेत है, वह है- नाभे के भीतर गहराई तक उतरना और उद्धार की राह को स्पष्ट करना। यहाँ योना की कहानी के साथ एक तुलनात्मक कथन है: जिस प्रकार योना ने तीन रात-दिन मच्छ के पेट में समय बिताया, उसी प्रकार मानव पुत्र भी पृथ्वी के भीतर तीन रात-दिन रहा। यह संकेत देता है कि मर्यादित स्थानों से उद्धार की योजना कैसे पूरी होती है, और यह कि मृत्यु के भीतर से जीवन का उद्घाटन संभव है।

मुख्य मतलब और संदर्भ

यह वाक्य यीशु की मृत्यु और उसके तीन दिन-तीनों के भीतर बिताने के संकेत के रूप में है, तथा तृतीय दिन पुनर्जीवन की प्रतिज्ञा के साथ जुड़ा है। यह बताता है कि उद्धार के कार्यक्रम का मानवीय अनुभव से गुज़रना आवश्यक है, ताकि अनुग्रह सभी जातियों तक पहुँचे।

दो–तीन प्रमुख विषय

  • तीन दिन का कालखंड: यह समय Jésus के शरीर की स्पष्ट मृत्यु और पुनर्जीवन की पूर्व-घटना के रूप में है, जो उद्धार की परमgelegt योजना का भाग है।
  • घावों के भीतर आशा: पृथ्वी के भीतर समय बिताने का विचार मृत्यु की गहराई से नयी生命 की आशा का प्रतीक है।
  • चिन्ह और सत्य: यह चिह्न दर्शकों के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि परमेश्वर का उद्धारक कार्य विपरीत परिस्थितियों में भी पूरा होता है।

क्रॉस-रेफरेंसेस

1) योना 1–2:यीशु के समान एक प्रतिमा देता है कि दया और दुख के बावजूद उद्धार संभव है; यह संकेत देता है कि परमेश्वर की योजना मृत्यु को परास्त करती है।

2) मत्ती 16:21:यह बताता है कि मसीह को अपने क्लेश और जलप्रलय से पहले अपने उद्देश्य की योजना स्पष्ट थी, जिसमें पुनर्जीवन अग्रगामी घटना था।

3) मत्ती 28:6:पुनर्जीवन की पुष्टि—तीन दिन बाद उद्धार का पर्व नयी भूमिका में आता है, जिससे विश्वासियों के लिए आशा मजबूत होती है।

व्यावहारिक विचार

जो विचार यीशु ने प्रस्तुत किया है, वह हमारी വിശ्वास के समय में भी सच है—गहरी परीक्षा के बीच भी ईश्वर की योजना काम कर रही है। कठिनाईयों में भी हम कहना सीखें कि उद्धार की शक्ति मृत्यु के बाद ही प्रकट होती है। विश्वासियों के लिए यह प्रेरणा है कि बुरे समय में भी ईश्वर की योजना पर भरोसा रखें और पुनर्जीवन की आशा को न छोड़ें।

संक्षिप्त निष्कर्ष

मत्ती 12:40 यह बताता है कि उद्धार की परम योजना मानवीय अवस्था के भीतर प्रवेश करती है और तीन दिन-तीन रात जैसी गहराई से परे उठकर पुनर्जीवन के स्रोत की ओर ले जाती है. यीशु के संकेत से यह स्पष्ट होता है कि मृत्यु के भीतर भी जीवन का अंश मौजूद है, और यह Dieu के राज्य की महान चेष्टा का केंद्र है.

नोट: इस पंक्ति में नीचे उद्धृत चिह्नित विचार Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के publiques-डायरेक्ट शब्दों से निकलकर संकीर्ण सार में समाहित किए गए हैं; उनके स्पष्ट उद्धरण आवश्यक संदर्भ में शामिल किए जा सकते हैं.

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 12:40 समानांतर पद और संबंधित वचन

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