यशायाह 36:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

ऐसा न हो कि हिजकिय्याह यह कहकर तुमको बहकाए कि यहोवा हमको बचाएगा। क्या और जातियों के देवताओं ने अपने-अपने देश को अश्शूर के राजा के हाथ से बचाया है?

पिछला पद
« यशायाह 36:17
अगला पद
यशायाह 36:19 »

यशायाह 36:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य interpretive बिंदु

यशायाह 36:18 में संकेतानुसार शहज़ह के समक्ष यह ईश्वरीय चेतावनी है कि आतंरिक भक्ति का स्वार्थ-आरोप—यानी अपने-अपने देवताओं की ओर जाया हुआ भरोसा—हिजकिय्याह के समय भी हमें नहीं बचा सका। पाठक को यह समझना चाहिए कि अश्शूर के राजा के विरुद्ध लोक-देवताएँ भरोसे के स्तम्भ नहीं बन सकतीं; परमेश्वर ही एकमात्र सुरक्षा है, और मानव-विश्वास की आधारशिला उसे ही माननी चाहिए।

साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी कॉन्टेक्स्ट)

यह अध्याय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ईश्वर के विरुद्ध विश्वास-टकराव को उजागर करता है। शास्त्रीय साम्राज्यवादी दबाव के बीच प्रचारित बहकाने वाले दावे—“यहोवा हमको बचाएगा”—एक मानवीय जोखिम है। राजा शशांकन (सामह-शब्द) के शासन में, असत्य-देवताओं के प्रति श्रद्धा का प्रचार, उद्धार के मार्ग को धुंधला कर सकता है। हार न मान कर, यशायाह यह कहने के लिए उठे कि यहोवा-भरोसा ही एकमात्र भरोसा है।

धार्मिक महत्त्व

  • विश्वास बनाम छल: इस पद में यह स्पष्ट किया गया है कि परमेश्वर के अलावा किसी भी देवता को भरोसा करना विफलता का कारण बनता है।
  • प्रत्युत्तरदायित्व: मसीही विश्वास में यहूदियों की तरह न सिर्फ धार्मिक क्रिया, बल्कि परमेश्वर पर निर्भरता का टिकाऊ प्रमाण चाहिए।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त संगतता)

1) अनुवर्ती चेतावनियाँ: अन्य जगहों पर भी यह दिखाया गया है कि निर्बल राष्ट्र अपने देवताओं के सहारे रक्षा नहीं पाते (उदा., अन्य देशों के देवताओं के विरुद्ध ईश्वर की सर्वोच्चता साफ दिखती है).

2) विश्वास की परीक्षा: परमेश्वर के साथ भरोसा रखने पर ही उद्धार संभव है, अन्यथा डर और आत्म-शंका बढ़ती है.

3) दैवी न्याय: असत्य-देवताओं के सफल होने के संकेत समय के साथ भंग होते हैं; केवल परमेश्वर के वादे स्थायी रहते हैं.

पठन के सवाल (Reflection)

  1. क्या मैंने कभी मानवीय उपायों को परमेश्वर के प्रत्यक्ष निर्देश पर प्राथमिकता दी है?
  2. ऐसी स्थिति में मैं अपने विश्वास को कैसे दृढ़ बनाऊँगा कि यहोवा ही मेरा उद्धारकर्ता है?
  3. मेरे दैनिक व्यवहार में देव-समर्पण और समर्पित विश्वास कहाँ तक संरचित है?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 36:18 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के अलावा किसी भी देवता पर भरोसा रखना असुरक्षा और भ्रम की राह है। यहूदियों के समय से लेकर आज तक, एक ही पथ स्पष्ट है: प्रभु पर निर्भरता और उसकी सत्ता में शरण। सामाजिक-राजनीतिक दबाव चाहे कितना भी क्यों न हो, सत्य यही है कि राहत केवल उसी से मिलती है जो सर्वश्रेष्ठ, सच्चा और कर्तव्यनिष्ठ है।

पूर्ववर्ती टिप्पणीकारों के संकेत (उद्धरण के तौर पर)

यदि आवश्यक हो, तो यही स्थान Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरणों के लिए लिया जा सकता है। नीचे केवल उल्लेखित हैं:

— Matthew Henry: (संकेतित विचार) भरोसे के स्थान की पहचान का उल्लेख।

— Albert Barnes: (संकेतित विचार) देवताओं के बहकावे के विरुद्ध चेतावनी।

— Adam Clarke: (संकेतित विचार) परमेश्वर के अलावा किसी भी सुरक्षा-स्रोत की अस्थिरता।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 36:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 36:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 36:15 (HINIRV) »
ऐसा न हो कि हिजकिय्याह तुम से यह कहकर यहोवा का भरोसा दिलाने पाए कि यहोवा निश्चय हमको बचाएगा कि यह नगर अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।

2 राजाओं 19:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 19:12 (HINIRV) »
गोजान और हारान और रेसेप और में रहनेवाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उनमें से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?

2 राजाओं 19:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 19:17 (HINIRV) »
हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें