यशायाह 60:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परदेशी लोग तेरी शहरपनाह को उठाएँगे*, और उनके राजा तेरी सेवा टहल करेंगे; क्योंकि मैंने क्रोध में आकर तुझे दुःख दिया था, परन्तु अब तुझसे प्रसन्‍न होकर तुझ पर दया की है।

पिछला पद
« यशायाह 60:9
अगला पद
यशायाह 60:11 »

यशायाह 60:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 60:10 — संदर्भित परिदृश्य में दया का पुनः प्रकट होना

यह पद आज के पाठकों के सामने एक उद्धार के संकेत के रूप में प्रस्तुत होता है: दारिद्रय, परदेशीत्व और संकट के समय के बाद फिर से उद्धार और मान-सम्मान का उद्घाटन। यशायाह के पुस्तक में यह भाग इस बात की पुष्टि करता है कि परमेश्वर केवल दया के स्रोत नहीं, बल्कि जब वह नाराज़ भी होता है, तब भी उद्धार का मार्ग खोल सकता है। यहां परदेशी लोग (परदेशी प्रवासी) एक बार फिर शहरपनाह को उठाते हैं और राजा-नौकरों के रूप में उसकी सेवा करते हैं—यह प्रतीक है कि जब राज्यधर्मी का नाश हुआ या कमजोर पड़ा, तब भी ईश्वर की इच्छा से उन प्रदेशों के लोग उसे सम्मान देंगे और उसकी सामर्थ्य को मान देंगे।

पाठ में जो ज्ञान उभरता है—ईश्वर और विश्वास का संदेश

– परमेश्वर ने क्रोध में आने के बाद भी अपने लक्ष्य को भुलाते नहीं, बल्कि तला हुआ दुःख मिटाने के लिए दया की पुनर्जीवन यात्रा शुरू की। यह संदेश यह भी स्पष्ट करता है कि उद्धार का परमुखी कारण मानव-स्वतंत्र बल नहीं, बल्कि परमेश्वर की करुणा और उसकी वाचाओं की शुद्धता है।

– “परदेशी लोग तेरी शहरपनाह को उठाएँगे” का अर्थ है गैर-इस्राएली समुदायों का भी आकर तेरी महिमा का भागीदार होना। यह सूचित करता है कि दया और सम्मान से भरपूर राज्य का प्रभाव सीमाओं के पार फैलेगा, और देश-विदेश से भी प्रशंसा और सेवा मिलेंगे।

महत्त्वपूर्ण शब्द-विवेचन

  • शहरपनाह— नगर-प्रभुता का प्रतीक; वह सुरक्षा, पवित्रता और परमेश्वर के आशीर्वाद का स्थान।
  • परदेशी— वह समाज जिनके साथ दिन-प्रतिदिन का योग नहीं रहता; समय-समय पर वे भी परमेश्वर के काम का भागीदार बनेंगे।
  • क्रोध— परमेश्वर के शब्द में कभी-कभी आक्रोश, ताकि दोषों को चकित किया जा सके; परन्तु यह क्रोध भी उद्धार के लिए दिशा देता है।

संबद्ध मार्गदर्शक विचार और समकक्ष आयाम

यह पाठ पूर्वजो के वेदनापूर्ण अनुभवों के बाद पुनः प्रतिष्ठा और दया के साथ फिर से जुड़ने की संभावना दर्शाता है। नीचे दिए गए अनुभागों में प्रसिद्ध मत-व्याख्याकारों से मिली संकेत-योग्य सूझबूझ संकलित है, ताकि पाठक के लिए स्पष्ट संदर्भ बन सके:

Matthew Henry की दृष्टि से: Henry इस घटनाक्रम को ईश्वर की त्वरित कृपा और पुनःस्थापन के रूप में देखते हैं—जो लोग अब तक दूर थे, वे भी एक दिन परमेश्वर की सेवा में लौटेंगे।

Albert Barnes की दृष्टि से: Barnes इस पाठ को यह दर्शाता है कि निज-स्वार्थ नहीं, बल्कि परमेश्वर की वचनों के अनुसार समाज के रंग-रूप बदलते हैं; दया के साथ यह परिवर्तन होता है।

Adam Clarke की दृष्टि से: Clarke यह बताता हैं कि इस उद्धार में विदेशी नागरिक भी शामिल होते हैं, जो इस्राएल के परमेश्वर के एक व्यापक भविष्य-उत्थान का भाग बनते हैं।

सीधे जुड़ाव वाले क्रॉस-वर्जन

– प्रेरित उद्धार की धारणा के साथ यह पाठ: दया का विस्तार, जो यहूदियों के साथ-साथ अन्यजातियों के लिए भी खुली है (उद्धार के समय के संदर्भों के संकेत)।

– उद्धार और सम्मान का पुनःस्थापन: यह भविष्यवाणी रचती है कि परमेश्वर अपने लोगों के बीच की कुटुम्ब-निर्माण को मजबूत करेंगे।

– दया के साथ क्रोध का संतुलन: परमेश्वर का क्रोध जब दिखता है, तब भी उसकी करुणा और उद्धार की योजना प्राथमिक रहती है।

आज के जीवन में उपयुक्त अनुप्रयोग

  • आत्म-नीति: कठिन समय में भी परमेश्वर की दया की आशा न छोड़ें; वह उद्धार के अवसर दे सकता है।
  • समुदाय और स्वागत: भीतर से नहीं, बाहरी भी परमेश्वर के उद्देश्य के सहभागी बनते हैं; समुदाय में खुला आना और सेवा देना यीशु के अनुयायियों के लिए निर्देश है।
  • नया सम्मान: किन्हीं अनुभवों के पश्चात भी ईश्वर के कारण नया सम्मान और पहचान मिल सकती है—धैर्य और विश्वास बनाए रखें।

यही विचार इस पद को देखने का सरल मार्ग देता है: क्रोध के बाद भी दया, दया के बाद भी सेवा और सेवा के कारण मान-सम्मान। यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें परमात्मा अपने लोगों के लिए एक नया मार्ग खोलते हैं, और दूसरे भी उसके प्रकाश में भागिदार बनते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 60:10 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

जकर्याह 6:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
जकर्याह 6:15 (HINIRV) »
“फिर दूर-दूर के लोग आ आकर यहोवा का मन्दिर बनाने में सहायता करेंगे, और तुम जानोगे कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है। और यदि तुम मन लगाकर अपने परमेश्‍वर यहोवा की आज्ञाओं का पालन करो तो यह बात पूरी होगी।”

यशायाह 49:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 49:23 (HINIRV) »
राजा तेरे बच्चों के निज-सेवक और उनकी रानियाँ दूध पिलाने के लिये तेरी दाइयां होंगी। वे अपनी नाक भूमि पर रगड़कर तुझे दण्डवत् करेंगे और तेरे पाँवों की धूल चाटेंगे। तब तू यह जान लेगी कि मैं ही यहोवा हूँ; मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे।” (भज. 72:9-11, योए. 2:27)

यशायाह 61:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 61:5 (HINIRV) »
परदेशी आ खड़े होंगे और तुम्हारी भेड़-बकरियों को चराएँगे और विदेशी लोग तुम्हारे हल चलानेवाले और दाख की बारी के माली होंगे;

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें